खबरार्थ. बतौर भावी प्रधानमंत्री जहां पंजाब के लोगों में राहुल गांधी पहली पसंद बने हुए हैं, वहीं दिल्ली में पीएम मोदी पहले नंबर पर रहने के बावजूद, लोकप्रियता में पीएम मोदी और राहुल गांधी में फासला कम हुआ है? 

जाहिर है, राहुल गांधी के लिए ये अच्छे संकेत हैं! हालांकि, अभी आम चुनाव में समय है और एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ आदि के प्रादेशिक चुनाव के नतीजों के बाद केन्द्रीय भाजपा पीएम नरेन्द्र मोदी की सियासी इमेज फिर से बेहतर बनाने की कोशिश करेगी, लिहाजा सियासी डिजिटल वार के बाद लोगों की राय क्या होगी? इसी पर निर्भर होंगे- वर्ष 2019 के आम चुनाव!

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बाहर ही नहीं भाजपा के भीतर भी पीएम मोदी की राह आसान नहीं है, यदि प्रादेशिक चुनावों के नतीजे भाजपा के खिलाफ गए तो अब तक खामोश बैठे विरोधी भी खुल कर सक्रिय हो जाएंगे? 

इंडिया टुडे पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज के सातवें संस्करण के सर्वे पर भरोसा करें तो पंजाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह सबसे ज्यादा लोगों की पसंद बने हुए हैं, सर्वे में 42 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि वे कैप्टन अमरिंदर सिंह को आगे भी पंजाब के मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं, पूर्व मुख्यमंत्री अकाली नेता प्रकाश सिंह बादल के पक्ष में 29 प्रतिशत प्रतिभागियों ने ही वोट दिया तो बादल के पुत्र सुखबीर सिंह बादल को मुख्यमंत्री के लिए 12 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अपनी पसंद बताया!

केंद्र के सवाल पर पीएम मोदी सरकार से पंजाब में लोग नाखुश ज्यादा हैं और संतुष्ट कम? पंजाब में 42 फीसदी वोटर मोदी सरकार के कामकाज से नाखुश हैं और 31 प्रतिशत संतुष्ट जबकि 25 प्रतिशत प्रतिभागी ने पीएम मोदी सरकार के कामकाज को औसत बताया!

सर्वे में पंजाब से एक और खास बात यह निकल कर आई कि प्रधानमंत्री पद के लिए लोकप्रियता के मामले में नरेंद्र मोदी से राहुल गांधी आगे हैं? सर्वे में 36 प्रतिशत प्रतिभागियों ने राहुल गांधी को वोट दिया तो वहीं 32 प्रतिशत ने ही कहा कि वे नरेंद्र मोदी को एक और कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री देखना चाहते हैं!  

उधर, दिल्ली में इंडिया टुडे-माई-इंडिया सर्वे के अनुसार 47 फीसदी वोटर अरविंद केजरीवाल को ही मुख्यमंत्री के तौर पर आगे भी कमान संभालते देखना चाहते हैं? लोकप्रियता के मामले में वे अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से बहुत आगे हैं, शीला दीक्षित को केवल 19 प्रतिशत वोटरों ने ही मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी पसंद बताया, जबकि भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन को 13 प्रतिशत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को 9 प्रतिशत वोटरों ने मुख्यमंत्री के लिए अपनी पसंद बताया? जाहिर है, भाजपा और कांग्रेस में कोई सशक्त और लोकप्रिय चेहरा सामने नहीं के कारण लोकप्रियता में फेरबदल के बावजूद केजरीवाल सबसे आगे हैं!

अलबत्ता, बतौर पीएम महज 5 फीसदी प्रतिभागियों ने अरविंद केजरीवाल के पक्ष में भी अपना वोट दिया? इस सर्वे के अनुसार दिल्ली से 49 फीसदी प्रतिभागी नरेंद्र मोदी को फिर देश का प्रधानमंत्री देखना चाहते हैं जबकि 43 फीसदी वोटरों ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के लिए अपनी पसंद बताया? अर्थात... दिल्ली में लोकप्रियता के मामले में मोदी और राहुल में ज्यादा बड़ा फासला नहीं बचा है!

इन सर्वे के नतीजे कितने सही साबित होते हैं? यह तो समय बताएगा, लेकिन आत्ममुग्ध केन्द्रीय भाजपा के लिए ये विचारणीय जरूर हैं!

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