हर इंसान के जीवन में कोई न कोई कमी रहती है चाहे कमी उसके व्यवहार मो हो या सामान्य जीवन में इन चीजों को वो अपने कुंडली और ज्योतिष विद्या की मदद से कर सकते हैं. इसकी मदद से लोगों के जीवन में बहुत हद्द तक बदलाव आ जाता है. एक व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की दशा यह बताती है कि उसके जीवन में कब क्या बदलाव होने वाला है. साथ ही किसी इंसान के कुंडली को देख कर यह भी पता चल जाता है कि उसके वास्तविक जीवन में क्या चल रहा है.

ज्योतिष शास्त्र के पास हर एक चीज का जवाब है. फिर वह चाहे किसी व्यक्ति के जन्म के आधार पर भविष्य जानना हो या राशि के अनुसार स्वभाव जानने का. ज्योतिष स्पष्ट तौर पर हर व्यक्ति की अच्छाई या बुराई बता सकती है.

कुल 12 ज्योतिष राशियाँ होती हैं, और प्रत्येक राशि की अपनी ताकत और कमजोरियां, अपने स्वयं के विशिष्ट गुण, इच्छा एवं जीवन तथा लोगों के प्रति रवैया होता है. आकाश की छवियों, या जन्म के समय ग्रहों की स्थिति के विश्लेषण के आधार पर ज्योतिष हमें एक व्यक्ति की बुनियादी विशेषताओं, प्राथमिकताओं, कमियों और भय की एक झलक दे सकता है. अगर हम राशियों की बुनियादी विशेषताओं को जान लें तो हम वास्तव में लोगों को बहुत बेहतर जान सकते हैं.

राशिफल की 12 राशियों में से प्रत्येक एक विशिष्ट राशि तत्व के अंतर्गत आती हैं. चार राशिचक्र तत्व हैं: वायु, अग्नि, पृथ्वी और जल और उनमें से हरेक हमारे भीतर कार्यरत एक अनिवार्य प्रकार की उर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं. ज्योतिष का लक्ष्य हमें सकारात्मक पहलुओं पर इन ऊर्जा का ध्यान केंद्रित करना और हमारे सकारात्मक गुणों की एक बेहतर समझ पाने और नकारात्मकता से निपटने में मदद करना है.

वैदिक ज्योतिष राशिफल तीन मुख्य शाखाओं में विभाजित हैं: भारतीय खगोल विज्ञान, सांसारिक ज्योतिष और भविष्यसूचक ज्योतिष. भारतीय ज्योतिष में हमारे चरित्र को प्रकट किया जा सकता है, हमारे भविष्य की भविष्यवाणी की जा सकती है, और हमारी सबसे संगत राशियों को प्रकट किया जा सकता है. वैदिक ज्योतिष द्वारा हमें दिया गये सबसे उत्तम उपकरणों में से एक राशिफल संगतता है. निरायण (नक्षत्र राशिचक्र) 360 डिग्री का एक काल्पनिक क्षेत्र है, जिसे उष्णकटिबंधीय राशिचक्र की तरह बारह बराबर भागों में विभाजित किया गया है. पश्चिमी ज्योतिष के विपरीत जिसमें चलते राशिचक्र का उपयोग किया जाता है, वैदिक ज्योतिष स्थिर राशिचक्र का उपयोग करता है.

अगर आपके जीवन में ग्रहों की दशा सही नहीं है तो उसके प्रभाव नकारात्मक भी हो सकते हैं. लेकिन कुछ ज्योतिष शास्त्र का प्रयोग कर के आप इन दोषों को शांत भी कर सकते हैं. इसी तरह से अपने राशी के अनुसार भी खुद के बारे में जाना जा सकता है और खुद को समझा जा सकता है. अक्सर आप अपना राशी फल पढ़ा करते हैं. लेकिन अपने कभी अपने राशी फल के हिसाब से खुद की कमियों के बारे में नहीं जाना होगा. आज हम आपको आपके राशी के अनुसार आपकी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं. जिसके बारे में जान कर आप अपनी कमी को दूर कर सकते हैं.

मेष:- 

ज्योतिष विद्या के मुताबिक ऐसा माना जाता है कि इस राशी के लोग हमेशा अपने बारे में सोचते हैं. ये उन कारणों के बारे में सोचते रहते हैं जिन कारणों से इन्हें अपने रिश्तों में समस्याओं का सामना करना पड़ता है.इस राशि चिह्न के तहत जन्में व्यक्ति जीवन की नई उर्जा से भरे हुए रहते हैं. आवेगी, त्वरित और आत्मकेन्द्रित होते हैं. राशि चक्र की प्रथम राशि होने की वजह से ये शिशु की तरह मासूम होते हैं. इनका प्रतीक मेढ़ा होता हैं जो निडर और साहसी होता हैं.ये अपना जीवन अपनी शर्तों पर जीना चाहते हैं. और अपनी विचारधारा से समझौता नहीं करना चाहते हैं.

सत्य तो यह है कि ये अति उत्साह से भरे हुए रहते हैं और जो लक्ष्य निर्धारित कर लिया हैं उसे पाने के लिए कमर कस कर लग जाते हैं लेकिन ये जिस उत्साह से कार्य का आरंभ करते हैं उस उत्साह को अंत तक नहीं बना कर रख पाते हैं और बहुत जल्दी अपनी रुचि खो देते हैं.लेकिन कार्य शुरू करने का इनमें इतना जोश होता हैं कि जंहा फ़रिश्ते भी कार्य शुरु करने से डरते हैं ये प्रसन्न्ता से उस काम को हाथ में ले लेते हैं.

मेष राशि के लोग गलत और गलत और सही को सही कहने में जरा भी नहीं हिचकिचाते. उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे. वे किसी भी हाल में अन्याय को बर्दाश्त नहीं कर पाते. हालांकि इन्हें कई बार अपने किए पर पछतावा भी होता है लेकिन वो कहते हैं ना कि ‘अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत’. इस राशि के लोग बौत हद तक सिर्फ और सिर्फ अपने बारे में ही सोचते हैं.

वृषभ:-

इस राशि  के लोग बेहद ही जिद्दी स्वभाव के होते हैं. ऐसे लोगों को अपनी आदत मनवाने की आदत होती है. अगर आप भी वृषभ राशि  के जातक हैं तो कभी-कभी सामने वाले की बात मान लिया करें.इस राशि चिह्न के तहत जन्में जातक अपने प्रयासो और कड़ी मेहनत का पारितोषिक पाना चाहते हैं और बिना सोचे समझे किसी भी काम को करने के लिए जूझ जाते हैं. इसका प्रतीक बैल हैं और ये राशि चक्र के दुसरे सदन में आते हैं.ये धरातल से जुड़े व्यक्ति होते हैं और जिस पर विश्वास करते हैं वही कहते हैं.

व्यवहारिक,स्थायी और विश्वसनीय होते हैं और जिन्दगी इनके सामने जैसे आती हैं वैसे ही ये अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते जाते हैं पर लगातार और धीमें धीमें. इनकी ताकत इनका स्थायित्व,ईमानदारी और कड़ा संकल्प होता हैं. इन्हे अपने मार्ग से डिगाने या इनका ध्यान भटकाना बहुत कठिन होता हैं. ये अपने लक्ष्य की ओर पंहुचना चाहते हैं और ये अवश्य ही पंहुच कर रहते हैं. ये जोखिम उठाने से घबराते हैं इसका कारण अव्वल तो यह हैं कि ये सुरक्षा पसंद होते हैं. और दूसरा कारण यह है कि ये आलसी होते हैं. मतलब ये हैं कि ये केवल परखी हुए रास्ते पर ही चलते हैं.

वृषभ राशि के लोग जिद्दी और सख्त मिजाज होते हैं. आप कह सकते एक मनुष्य जितना सख्त हो सकता है वृषभ राशि के लोग उतने होते हैं. भले ही वह महिला है या पुरुष, अगर वे वृषभ राशि के हैं तो वे अपनी राय और मान्यताओं को लेकर काफी जिद्दी हैं. इन्हें अपना कमफर्ट और सम्मान के आगे और कुछ भी नजर नहीं आता.

आप एक वृषभ व्यक्ति के सामने चाहे कितने भी हाथ-पैर क्यों ना जोड़ लें लेकिन जो चीज इन्हें नहीं पसंद या जहां जाना इन्हें नहीं पसंद, आप कभी इन्हें वहां लेकर नहीं जा सकते.

मिथुन:-

राशि फल के अनुसार ऐसे लोगों का दिमाग एक जगह नहीं टिकता है. ये लोग कहीं एक जगह टिक कर रहना पसंद नहीं करते हैं. इन्हें जल्दी-जल्दी परिवर्तन पसंद होता है.मिथुन राशि के जातक हाजिर जवाब और फ़ुर्तीले होते हैं. जुड़ुवा के प्रतीक चिह्न वाले ये जातक आकर्षक और दोस्ताना होते हैं. इनकी जिज्ञासु प्रवृत्ति और चतुराई इन्हे सामाजिक समारोहो और पार्टी के आकर्षण का केन्द्र बना देती हैं. ये न केवल अच्छे बात चीत करने वाले होते हैं बल्कि अच्छे सुनने वाले भी होते हैं.

जिससे ये कुछ सीख पायें और प्रतिक्रिया दे पायें. इनकी जिन्दगी पूरी पूरी की तरह इनकी बातचीत करने की जरुरत के आगे पीछे घुमती हैं. ये जिस वार्ता में शामिल होते हैं वो केवल साधारण बातें ना होकर सूचना प्रधान वार्तालाप होता हैं इसके लिए इन्हे हमेशा अपने आपको नवीनतम सूचनाओं से लैस रखना पड़ता हैं. इनके लिए रिश्ते भी बहुत महत्व रखते हैं. जिसके लिए ये अपने व्यस्त दिनचर्या से समय निकाल कर जिन्दगी के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगो से मिलते हैं जिससे इन्हे नये-नये दोस्त मिल सकें और ये अपने मित्रों का दायरा बढ़ा सकें.इस राशि के लोग समय की कीमत को नहीं मानते, इन्हें कभी आप टाइम पर नहीं पाएंगे. इन्हें परिवर्तन बहुत पसंद होता है, शायद ये दिमागी रूप से कंफ्यूज रहते हैं. तभी एक जॉब, एक स्थान यहां तक कि एक जीवनसाथी के साथ भी ये कफी समय तक नहीं रह सकते. ये लोग कुछ भी कर गुजर सकते हैं, इनकी इमैजिनेशन पॉवर बहुत तेज होती है.

कर्क:-

ज्योतिष विद्या के अनुसार कर्क राशि  वाले लोग ज्यादातर मामलों में निराश ही रहा करते हैं. इनका किसी भी चीज में मन नहीं लगता है.कर्क राशि के लोग बहुत ज्यादा संवेदनशील होते हैं, जितनी ज्यादा संवेदना उतनी ही ज्याद अनिराशा. इस राशि के लोग अंदरूनी तौर पर बेहद निराशावान होते हैं. कर्क राशि,राशि चक्र का चौथा चिह्न हैं. इस राशि के तहत पैदा हुए लोग, अपने घरों से, अपनी जड़ों, अपने घोंसले से बहुत प्यार करते हैं. पूरी राशि का सबसे ज्यादा सहानुभूति रखने वाला चिह्न कर्क हैं जिसका प्रतीक केकड़ा हैं. ये संवेदनशील और भावनात्मक होते हैं और अपने घर और परिवार के आराम के साथ बहुत खुश रहते हैं. और जब घरेलू मोर्चे पर शांतिपूर्ण होता हैं तब ये अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हैं.

अपने मूल स्वभाव से पोषित कर्क राशि के जातक एक गहरी मातृ वृत्ति के अधिकारी और सहज और स्वभाविक ज्ञान से परिपूर्ण होते हैं. ये बड़े परिवारों की चाहत रखते हैं, जो दूसरों के लिए भी रक्षा उपलब्ध कराता हैं. ये जहाँ जाते हैं वहां आशियाना बनाते हैं.

इन्हे यात्रा करना रुचि कर लगता है, लेकिन घर से ज्यादा दिनों और ज्यादा दूर जाना इन्हे पसंद नहीं हैं क्योंकि इसके लिए इन्हे घर से दूर जाना पड़ता हैं. ये पार्क में या पिकनिक मना कर ही खुश हो जाते हैं. ये अपने परिवार और उसकी परंपरा से बहुत प्यार करते हैं. सामाजिक गतिविधियों में भाग लेते हैं. ये महान देश भक्त होते हैं, आप इन्हे गर्व से राष्ट्रीय ध्वज फ़हराते देख सकते हैं. दुनिया को इनका एक अलग ही चेहरा नजर आता है लेकिन वास्तविक रूप में ये लोग निराशा के साये में हमेशा घिरे रहते हैं. इनके अंदर एक अजीब सा डर हर समय रहता है.

कर्क राशि के लोग बहुत ज्यादा मूडी होते हैं, अगर कभी बिना किसी बात कोई आपसे बस यूं ही लड़ बैठे या बहस करने लगे तो जान लीजिए कि वह कर्क राशि के अलावा और कोई नहीं हो सकता. दरअसल ये लोग आपसे नहीं बल्कि अपने जीवन से ही निराश होते हैं.

सिंह:-

राशि फल के अनुसार कहा जाता है कि इस राशि  के लोग बहुत ज्यादा धन बर्बाद करने वाले होते हैं. ऐसे लोग अपने भविष्य के बारे में सोच के बारे में नहीं चलते हैं.धन को किस तरह और कितनी तेजी के साथ बर्बाद किया जा सकता है यह सिर्फ और सिर्फ सिंह राशि का व्यक्ति ही जानता है. इस राशि का प्रतिनिधित्व शक्तिशाली शेर करता हैं. यह राशि गर्व, मुखर, मजबूत ,आत्म विश्वास, और साहसी गुणों को प्रदर्शित करती हैं. अगर किसी मिशन के अंत में ये खुद को शीर्ष पर नहीं देखते हैं तो ये उस मिशन में लगते ही नहीं हैं. तर्क या विफलता इन्हे तेज प्रतिक्रिया के लिए उत्तेजित करती हैं.

ये दिल से कार्य करते हैं. ये ईमानदार और करिश्माई व्यक्तित्व के धनी जातक अपनी गलती पर भी उदार रहते हैं. स्नेही और नाटकीय व्यवहार से भरपूर ये अपने व्यक्तित्व के कारण भीड़ में भी अलग नजर आते हैं.और अपने आकर्षण से प्रभाव डालने में सफ़ल रहते हैं. इनके खर्च असीमित होते हैं और साथ ही इन्हें इस बात से कोई फर्क भी नहीं पड़ता कि इनकी कोई सेविंग नहीं है. अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति से विवाह करने की योजना बना रहे हैं जो सिंह राशि से संबंध रखता है तो एक बात आपको दिमाग में बैठा लेनी चाहिए कि सिंह राशि के लोगों के ,लिए संबंधों में ‘स्पेस’ का कोई अर्थ है ही नहीं.वास्तव में, ये लोगों के मन पर एक अमिट छाप छोड़ देते हैं. ये बहुत महत्वाकांक्षी होते हैं और इनकी ताकत इन्हे अपने लक्ष्यों को पूरा करने की शक्ति देता हैं. अपने लक्ष्य की पूर्ति में ये अतिआत्मविश्वास और तेजी से आगे बढ़ते हैं कि कभी कभी अपने ध्यान से भटक जाते हैं. हालांकि सिंह जातक सबसे मुखर, तेज और ढीठ होते हैं,पर अन्दर से ये उदार होते हैं. इनके व्यवहार से कई बार लोग अपमानित महसूस करते हैं लेकिन बाद में ये उन्हे मना लेते हैं. इनमें एक मजबूत सौंदर्य बोध होता हैं न केवल संपत्ति के संबंध में लेकिन आसपास के वातावरण के लिए भी.

कन्या:- 

ऐसे लोग जल्दी अपनी बात नहीं मानते हैं. इन्हें लगता है कि ये हर बात में खुद ही सही होते हैं. कन्या राशि वाले व्यक्ति को कभी अपने अंदर खामी नजर नजर नहीं आती और यही उनकी सबसे बड़ी खामी भी है. उन्हें अपनी आलोचना सुनना बिल्कुल पसंद नहीं है, अगर कोई उन्हें कुछ कहता भी है तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. कन्या राशि के लोग चुप रहना पसंद करते हैं, इनके दिल की बात कोई नहीं जान सकता.राशि चक्र का छठवां चिह्न कन्या हैं. ये बहुत मेहनती होते हैं. इन्हे कार्य करने और उसका प्रबंधन करने में मजा आता हैं. ये अक्सर मजाक का कारण बनते हैं अपनी मीन मेख निकालने की आदत और समीक्षात्मक होने के कारण| लेकिन ये किसी भी बात का बुरा नहीं मानते हैं और अपना ध्यान दूसरों की मदद पर लगा कर रखते हैं और ये नहीं सोचते हैं कि लोग उनके बारे में क्या सोच रहे हैं.संतुलित और निष्पक्ष कन्या राशि के लोग अनावश्यक रुप से भावनाओं में नहीं बहते हैं चाहे कैसी भी स्थिति सामने आए ये अपने आप को शांत रखने में कामयाब रहते हैं.लेकिन यदि सर्वश्रेष्ठ प्रयासों के बावजूद काम में सफलता नहीं मिलती हैं तो ये टूट जाते हैं. अपने कार्य में अति सावधान कन्या राशि के जातक शांत, सुव्यवस्थित और अपने आप में रहने वाले होते हैं. हालांकि, ये शायद ही कभी चुनौतियों को स्वीकारने से दूर भागते हैं बल्कि कड़ी मेहनत और शांत संकल्प के साथ अपनी क्षमताएं साबित करके दिखाते हैं.

ये संयमहीन नहीं होते हैं हालांकि,ये ईमानदार और स्पष्टवादी प्राणी झगड़े और बहस में तब पड़ते हैं जब कोई इनका विरोध करता हैं. शायद यही वजह है कि अंत में इनके कई दुश्मन बन जाते हैं.ये बहुत मेहनती होते हैं. इन्हे कार्य करने और उसका प्रबंधन करने में मजा आता हैं. ये अक्सर मजाक का कारण बनते हैं अपनी मीन मेख निकालने की आदत और समीक्षात्मक होने के कारण| लेकिन ये किसी भी बात का बुरा नहीं मानते हैं और अपना ध्यान दूसरों की मदद पर लगा कर रखते हैं और ये नहीं सोचते हैं कि लोग उनके बारे में क्या सोच रहे हैं.

तुला:-

तुला राशि  के लोग बहुत ही ज्यादा आलसी होते है. इस राशि  के लोग कोई भी फैसला लेने में भी बहुत समय ले लेते हैं.ये विवादों को निपटाने में कुशल होते हैं.और इनमें न्याय की गहरी भावना होती हैं. निष्पक्षता की यह लगन इनकी व्यक्तिगत जरुरत होती हैं संघर्ष और टकराव से बचने के लिए. चतुर रणनीतिकार और आयोजक,ये जानते हैं कि कैसे चीजों को अत्यंत शिष्टता के साथ किया जाता हैं. तुला राशि के जातक अपने दिमाग का अच्छा उपयोग करना जानते हैं. ये अपने विचारों का दूसरों के साथ संचार करके आनंद लेते हैं. ये दूसरों को बेहतर तरह से जानने के लिए एक उचित तरीका अपनाते हैं. निष्पक्ष तर्क करने के लिए ये कूटनीतिक और समझौते का रास्ता अपनाते हैं.तुला राशि के लोग बहुत ज्यादा आलसी माने जाते हैं. कई दिनों तक तो ये लोग बस प्लान बनते हैं और अंत में अपने आलस की वजह से उस प्लान को पूरा नहीं कर पाते. ये लोग सही समय पर सही निर्णय लेने में भी पीछे रह जाते हैं.

तुला में जन्मे जातक के लिए यह अक्सर देखा जाता है कि ये अकेले रहने से नफरत करते हैं. ये बातचीत शुरू करने और समाजिककरण पसंद करते हैं. और खुद को लोगों से घिरा हुआ रखते हैं, और तेजी से कैसे दूसरों से संबंध कैसे विकसित करे इस पर ध्यान केंद्रित करते हैं.

एक जोड़ा अगर यह प्रयास करे तो ज्यादा बेहतर होता हैं बजाय की व्यक्तिगत प्रयास के यह इनका विश्वास होता हैं. अत: जब ये जोड़े में होते हैं तो बेहतर प्रदर्शन करते हैं. फ़िर चाहे वो घर हो या कार्यालय. तुला राशि के जातक सारसंग्रह करना संतुलन, सद्भाव और निष्पक्ष खेलने की भावना से ओत-प्रोत रहते हैं.

वृश्चिक:-

ये लोग कसी बात को भूलते या नज़र अंदाज नहीं करते हैं. ये किसी से भी बदला लेने की छः में रहते हैं. ऐसे लोग बदला लेने की छः में किसी भी हद तक जा सकते हैं.इनकी जटिल और गोपनीय प्रकृति इन्हें संदिग्ध बनाती हैं, और वे विश्वासघात या जांच की थोड़ी सी भी संकेत पर सावधान हो जाते हैं. वृश्चिक राशि के जातको के पास आश्चर्यजनक रुप से संसाधनों के स्त्रोत होते हैं. इसके अलावा, ये बहुत भावुक और आवेगी होते हैं, जो दूसरों में डर या खौफ पैदा करता हैं.

ये बहुत वफादार दोस्त हो सकते हैं. और उसी समय में, ये बहुत खतरनाक दुश्मन बनने की क्षमता रखते हैं. बदला लेने और बदला पाने की इच्छा इनकी रगो में खून बन कर दौड़ता हैं. इनकी विस्मयकारी शक्ति और रहस्यमय नजरें इनके आस पास के लोगो को सम्मोहित कर देती हैं. वृश्चिक राशि के लोग ना तो किसी को बहुत जल्दी भूलते हैं और ना ही किसी को मांफ करते हैं. अगर कोई इनके साथ बुरा करता है तो वे उससे बदला लेने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. सच चहे कितना ही बुरा या कड़वा क्यों ना हो, वृश्चिक राशि के लोग सच कहना और सच सुनना ही पसंद करते हैं.गंभीर, निडर, समय पर जिद्दी, तीव्र और भावुक, वृश्चिक राशि में जन्मे जातको को आमतौर पर हल्के में नहीं लिया जा सकता हैं. ये अपनी शर्तों पर जीवन जीते हैं और विश्वास करते हैं कि अपने भाग्य को अपने नियंत्रण में रखे हैं. ये अपने रहस्यों को अच्छी तरह से सुरक्षित रखते हैं. ये भावुक और संवेदनशील होते हैं.

वृश्चिक राशि के जातक दूसरों के बारे में जानने में गंभीर होते हैं. ये जरूरी सवाल पर ध्यान केंद्रित करते हैं, रहस्य को खोजते हैं जो काले और सफेद की दुनिया के बीच में पाया जाता हैं. अधिकांश वृश्चिक राशि के जातको में एक असंतोषणीय जिज्ञासा होती हैं, जो इनके खोजी आत्माओं के लिए ईंधन का काम करती हैं.

धनु:-

ये लोग जुए की बुरी लत के शिकार होते हैं. जिसके कारण इन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है.ज्ञान और गति इस राशि का जीवन के प्रति व्यापक दृष्टिकोण हैं. मज़ा करने वाले और लापरवाह, ये उत्साही लोग विस्तार पूर्वक जीवन जीने में विश्वास करते हैं. दार्शनिक और धार्मिक दिमाग वाले धनु राशि के लोग जीवन का अर्थ खोजने की इच्छा रखते हैं. ये स्पष्ट विचारक होते हैं, और इन्हे तब खुशी होती है जब दूसरे इनकी अच्छी तरह से सोची समझी गयी बात से सहमत होते हैं. लेकिन, ये कभी-कभी तार्किक, कुंद और कठोर भी हो सकते हैं.धनु राशि का व्यक्ति अगर अपने परिवार के प्रति समर्पित नहीं है, उसे अपने निकटजनों के लिए कुछ नहीं करना तो वह एक बहुत अच्छा जुआरी होगा. जुए खेलने के स्थान और तरीके धनुराशि के व्यक्ति को कुछ इस तरह आकर्षित करते हैं जैसे हहद को देखकर मक्खी आकर्षित होती है. वे ये नहीं सोचते कि इससे उनका कितना नुकसान होगा, उन्हें जुआ खेलना है तो वे जरूर खेलेंगे. यही उनकी सबसे बड़ी कमजोरी या खामी है.ये जितने उत्साही बात करने वाले होते हैं उतने ही उत्साही श्रोता भी होते हैं. ये अपनी ज्ञान की क्षुदा शांत करने के लिए भी दूसरों की बात ध्यान से सुनते हैं और सूचनाएं एकत्रित करते हैं. ये ज्ञान की खोज में अनंत दुनिया में घूमना चाहते हैं और यदि इन्हे रोका जाय तो ये धैर्य खोने लगते हैं और इन्हे संभालाना मुश्किल हो जाता हैं.

मकर:-

मकर राशि  के लोग हर वक़्त अपनी तारीफ सुनना पसंद करते हैं. ऐसे लोगों को अपनी गलती के बारे में सुनना बिलकुल भी पसंद नहीं होता है.ये अत्यंत व्यावहारिक होते हैं और अपने लक्ष्यों को पाने के लिए जिद्दी होने की हद तक समर्पित रहते हैं. ये अपनी कड़ी मेहनत का फल प्रसिद्धि, प्रतिष्ठा और पैसे के रुप में पाते हैं. मेहनती, ईमानदार, महत्वाकांक्षी, सहिष्णु, धैर्यवान, और विश्वसनीय मकर राशि के व्यक्ति शायद ही कभी कोई रियायत बरतते हैं जिससे इनकी मेहनत में कोई कमी आये.

मकर राशि के लोग दिखाते जरूर हैं कि दुनिया उनके बारे में क्या सोचती है, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. लेकिन अंदर ही अंदर ये लोग अपनी तारीफ सुनने के लिए तड़पते हैं. इन्हें खुद की तारीफ सुनना पसंद है और ऐसे लोग इन्हें जरा भी नहीं भाते जो इनकी आलोचना करते हैं.इनका स्वामी ग्रह शनि होता हैं, जिसकी वजह से ये महान अनुशासनशील बनते हैं. इस राशि के व्यक्ति जिस भी गतिविधि को चुनते हैं उस क्षेत्र में शीर्ष तक पंहुचते हैं. पर अत्यंत सावधानी और दृढ़ दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ते हैं. ये अपने दृष्टिकोण के बारे में सतर्क होते हैं. ये अपनी प्रगति और समृद्धि को पाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और किसी भी तरह के आसान रास्तें से नफ़रत करते हैं. ये कठोर और दंभी माने जाते हैं पर ये वास्तव में विनम्र और पोषक विचारधारा के धनी होते हैं.

कुंभ:-  

इस राशि  के लोगों को सच बोलने की जरुरत होती है ये लोग किसी के प्रति सच्चे नहीं होते हैं. झूठ बोलना इनकी फितरत होती है.मानवीय, और परोपकारी, कुंभ राशि के जातक मानव जाति के प्रति प्यार और समाज की बेहतरी के लिए कुछ भी कर सकते हैं. लेकिन उसी समय में ये शांत और अलग हो जाते हैं और भावनात्मक लगाव से रहित हो जाते हैं. ये निष्पक्ष, आधुनिक और व्यावहारिक होते हैं. ये अपने विचारो, जीवन और गति की स्वतंत्रता पसंद करते हैं, और अक्सर महान आविष्कारक या तकनीकी विशेषज्ञ साबित होते हैं. अपने हर समय के बदलते विचारों की वजह से ये कभी कभी सनकी साबित होते हैं. अलग सोच रखने वाले लोगो से कुंभ राशि के लोग सबंध नहीं बना पाते हैं.

अगर आप किसी कुंभ राशि के व्यक्ति के प्यार में पड़ गए हैं तो जरा संभल जाइए क्योंकि कुंभ राशि का जातक कभी किसी एक के प्रति समर्पित होकर नहीं रह सकता. एक समय के बाद इन्हें नए साथी की तलाश रहती ही है, चाकर भी ये लोग किसी एक के साथ एक निर्धारित समय के बाद नहीं रह सकते.सहानुभूति, संवेदनशीलता, दार्शनिकता, दोस्ताना,आदि गुण कुंभ राशि में जन्मे जातको एक मजबूत कौशल होता हैं. ये जानबूझकर अपने आप में खोए रहते हैं जिससे दुसरे लोगो को इनसे मिलने जुलने में परेशानी आती हैं नतीजन ये अकेले पड़ जाते हैं.

मीन:-

मीन राशि  के लोग बेहद ही डरपोक किस्म के होते हैं. इन्हें किसी भी चुनौती का सामना करना पसंद नहीं होता है.इसका प्रतीक चिह्न मछली की एक जोड़ी होती हैं. मीन जातक आध्यात्मिक, निस्वार्थ और मोक्ष की ओर आत्मा की यात्रा पर ध्यान केंद्रित करते हैं. ये अपनी आदर्शवादी दुनिया में रहते हैं और कई बार इन्हे कल्पना और तथ्य में भेद करना कठिन लगता हैं. इनका मोहभंग हो जाता हैं या खो जाता हैं.मीन राशि के जातकों को समस्याओं को सुलझाने से ज्यादा उस समस्या से भागने में मजा आता है. ये किसी भी बात को बड़े ही सकारात्मक रूप से लेते हैं, इन्हें दुनिया को अपनी ही नजर से देखना पसंद हैं. झूठ ही सही, लेकिन अगर उन्हें वो झूठ पसंद है तो वे सच जानने की जरूरत ही महसूस नहीं करते.

मीन जातक आकर्षक होते हैं और जीवन में कई चीजों के प्रति लापरवाह दृष्टिकोण रखते हैं. उनके लिए कठिन हो सकता है, एक बार ये नियमों का पालन करना और अनुशासन का एक निश्चित स्तर तक पालन करने लगे तो रास्ते सरल हो जाते हैं.ये काफी अव्यावहारिक होते हैं, और कुछ हद तक असहज होते हैं.

हम सभी की राशियों में यह चार तत्व मौजूद हैं और वे ज्योतिषीय राशियों से जुड़े चार विलक्ष्ण व्यक्तित्व प्रकारों का वर्णन करते हैं. चार राशिचक्र तत्व बुनियादी चरित्र गुणों, भावनाओं, व्यवहार और सोच पर गहरा प्रभाव दर्शाते हैं.

जल तत्व राशि:

जल तत्व राशि के जातक असाधारण भावनात्मक और अति संवेदनशील लोग होते हैं. वे अत्यंत सहज होने के साथ ही समुद्र के समान रहस्यमयी भी हो सकते हैं. जल राशि की स्मृति तीक्ष्ण होती है और वे गहन वार्तालाप और अंतरंगता से प्यार करते है. वे खुले तौर पर अपनी आलोचना करते हैं और अपने प्रियजनों का समर्थन करने के लिए हमेशा मौजूद रहते हैं.

जल राशियाँ हैं:— कर्क, वृश्चिक और मीन.

अग्नि तत्व राशि: 

अग्नि तत्व राशि के जातक भावुक, गतिशील और मनमौजी प्रवृति के होते हैं. उन्हें गुस्सा जल्दी आता है, लेकिन वे सरलता से माफ भी कर देते हैं. वे विशाल ऊर्जा के साथ साहसी होते हैं. वे शारीरिक रूप से बहुत मजबूत और दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं. अग्नि राशि के जातक हमेशा कार्रवाई के लिए तैयार, बुद्धिमान, स्वयं जागरूक, रचनात्मक और आदर्शवादी होते हैं.

अग्नि तत्व राशियाँ हैं:— मेष, सिंह और धनु.

पृथ्वी तत्व राशि:

पृथ्वी तत्व राशि के लोग ग्रह पर “धरती” से जुड़े हुए होते हैं और वे हमें व्यवहारिक बनाते हैं. वे ज्यादातर रूढ़िवादी और यथार्थवादी होते हैं, लेकिन साथ ही वे बहुत भावुक भी हो सकते हैं. उन्हें विलासिता और भौतिक वस्तुओं से प्यार होता है. वे व्यावहारिक, वफादार और स्थिर होते हैं और वे कठिन समय में अपने लोगों का पूरा साथ देते हैं.

पृथ्वी तत्व राशियाँ हैं:— वृष, कन्या और मकर.

वायु तत्व राशि:

वायु तत्व राशि के लोग अन्य लोगों के साथ संवाद करने और संबंध बनाने वाले होते हैं. वे मित्रवत्, बौद्धिक, मिलनसार, विचारक, और विश्लेषणात्मक लोग हैं. वे दार्शनिक विचार विमर्श, सामाजिक समारोह और अच्छी पुस्तकें पसंद करते हैं. सलाह देने में उन्हें आनंद आता है, लेकिन वे बहुत सतही भी हो सकती है.

वायु तत्व राशियाँ हैं:– मिथुन, तुला और कुंभ.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


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