देवगुरु बृहस्पति 11अक्टूबर से तुला राशि को छोड़कर वृश्चिक राशि मॆ पधार रहे है,वृश्चिक राशि उनके परम मित्र मंगल की स्वराशि तथा चंद्रमा की नीच राशि है,इस राशि मॆ गुरु स्वयं के नक्षत्र विशाखा,शनि के नक्षत्र अनुराधा और बुध के नक्षत्र ज्येष्ठा मॆ 12 माह तक भ्रमण करेंगे,आइये देखते है गुरु का भ्रमण विश्व व्यापार,ज्ञान,वित्त,अंतरिक्ष तथा धर्म के क्षेत्र मॆ क्या परिणाम देगा.

*शनि गुरु की राशि मॆ*- 2017 जनवरी से न्यायकर्ता शनि गुरु की राशि मॆ है,इसीलिये गुरु के राशि परिवर्तन से शनि की स्थिति का फर्क अवश्य पड़ेगा,शनि महाराज इस समय गुरु की मूलत्रिकोण राशि मॆ जनवरी 2020 तक रहेंगे.

*गुरु के प्रभाव वाले  क्षेत्र*- गुरु धन,बेंक,शिक्षा,धर्म,अंतरिक्ष खानपान,नीति,वरिष्ठ लोगो पर विशेष प्रभाव डालता है,सनातन धर्म पर गुरु का विशेष प्रभाव रहता है,उच्चस्तर के सम्माननीय लोग,मूल्यवान वस्तुओं,धार्मिक मांगलिक,वैवाहिक कार्य,संतान उत्पत्ति आदि पर गुरुग्रह का खास प्रभाव रहता है,वृश्चिक राशि का गुरु इन क्षेत्रों मॆ अच्छा प्रभाव डालेगा.

*कन्या और तुला के गुरु का विश्लेषण*- कन्या और तुला राशि जो की गुरु के शत्रु बुध और शुक्र की राशि के भ्रमण ने भारतीय जनमानस की अर्थ व्यवस्था को हिलाकर रख दिया,नोटबंदी और बेँको से पैसा लेकर विदेश भागने का प्रभाव इसका ही परिणाम था,गुरु के अपने मित्र राशि मॆ आने से उक्त क्षेत्रों मॆ शुभ परिणाम प्राप्त होंगे.

*भारतीय वित्त व्यवस्था मजबूत होगी.

*शिक्षा के क्षेत्र मॆ शुभ परिणाम मिलेंगे.

*भारतीय वायुसेना की शक्ति और प्रतिष्ठा मॆ वृद्धि होगी.

*भगोड़े और दिवालिया लोगो से पैसा वापस आयेगा.

*वृश्चिक का गुरु आकाशीय अनुसंधान का कारक होता है विदेश और विश्व मॆ अंतरिक्षजगत नवीन खोजों से प्रसन्नता का वातावरण बनेगा.

*चूंकि वृश्चिक का गुरु चंद्र की नीच राशि मॆ है इसिलिये इस वर्ष खानपान की वस्तुओं के मूल्य मॆ कमी आयेगी.

*शिक्षा के क्षेत्र मॆ भी कम मूल्य मॆ शिक्षा प्राप्ति का रास्ता खुलेगा.

*वृश्चिक राशि जलीय राशि है जो समुद्र और उससे जुड़े व्यापार मॆ  विशेष वृद्धि करेगा.

*यह गुरु धनु के शनि से मिलकर पाकिस्तान के साथ एक आकाशीय युद्ध और राम मंदिर निर्माण का कार्य करेगा.

*मेष,वृषभ,मिथुन राशि वालो के लिये यह गुरु सामान्य परिणाम देगा,कुछ आर्थिक संकट भी हो सकता है.

*कर्क,सिंह,वृश्चिक,मीन राशि वालो की किस्मत खुलने वाली है,इस राशि वाले अपनी और से पूरी तरह तैयार रहे.

*कन्या,तुला,मकर और कुम्भ राशि वालो को वृश्चिक का गुरु सामान्य परिणाम देगा.

सभी राशियों के लिये परिणाम

*मेष*- इस राशि वालो को आर्थिक संकट,राज्य के कार्यों मॆ रुकावट,भाग्य से असहयोग,वरिष्ठ लोगो का वियोग आदि सम्भव है,निवेश आदि से दूर रहें,संतान की ओर ध्यान दे.

*नित्य मंदिर जाये और भगवान गणेश की पूजा विशेष तौर पर करें.

*वृषभ*- व्यापार मॆ हालात सुधरेंगे,परिवार मॆ  मांगलिक कार्यों का योग,शिक्षा और अर्थ जगत मॆ स्थिति मॆ सुधार होगा,जटिल कामों मॆ सफलता प्राप्त होगी.

*परमार्थ धर्म के कार्यों से दूर रहे,कर्म पर ध्यान दें.

*मिथुन*- इस राशि वालो को कर्मक्षेत्र परिवार की ओर से सामान्य आर्थिक और नीतिगत समस्याओं का सामना करना पड़ेगा,कर्ज लेना पड़ सकता है.

*भगवान गणेश के मंदिर जाये,छोटे बच्चो को केसर का दूध पिलायें.

*कर्क*- इस राशि वालो के लाटरी खुलने वाली है,शिक्षा,संतान मान सम्मान प्राप्ति राज्य की नौकरी मॆ चयन,विशिष्ट क्षेत्रों मॆ भाग्य द्वारा विशेष मदद मिलने के योग,शुभ समय का लाभ उठावे.

*गुरु मंदिर यात्रा तथा गुरु की शरण मॆ जाकर उनसे आशीर्वाद अवश्य लें.

*सिंह*- समाज मॆ मान सम्मान प्राप्ति का योग,घर मॆ मांगलिक कार्यों का योग,नवीन वाहन मकान आदि का योग.

*घर मॆ पूजन पाठ नियम से करें.

*कन्या*- भाई वधुओं से मन मूटाव रहेगा,यात्रा आदि के लिये शुभ समय,परिवार मॆ मांगलिक विवाह आदि कार्यों के योग, अविवाहित लोगों के लिये शुभ समय. 

*हर गुरुवार को गुरु मंदिर और हर शुक्रवार को लक्ष्मी मंदिर के दर्शन करें. 

*तुला*- दूसरे अर्थात धन भाव से गुरु का भ्रमण आर्थिक क्षेत्र में उन्नति देगा, उत्तम खानपान का योग, व्यापार में अच्छी सफलता प्राप्त होगी, संचित धन वृध्दि का योग. 

*-भगवान भैरवनाथ की सेवा आपको शुभ परिणाम देगी. 

*वृश्चिक*- राशि पर से गुरु का  भ्रमण आपको मान प्रतिष्ठा और विशेष पुरुस्कार दिलायेगा, विधार्थी वर्ग चयन परीक्षार्थियों के लिये शुभ समय, संतान योग उत्तम, भाग्यपक्ष बलवान. 

*गुरुवार को गुरुमंदिर और सोमवार को शिव पूजन अवश्य करें. 

*धनु*- व्यय भाव से गुरु का भ्रमण खर्चों में वृद्धि करेगा, बाहरी क्षेत्रों का भ्रमण होगा, स्वयं के स्वास्थय पर खर्च का योग. 

*भगवान गणेश के मंदिर जाये, वहां से केले का प्रसाद चढ़ावे.

*मकर*- भाई बंधुओं से विशेष कर लगाव तथा यात्रा आदि से लाभ प्राप्ति  का  योग, वीवाह  आदि  के लिये  शुभ समय. 

*भगवान भैरव की क्रूपा समस्त करें. 

*कुम्भ*- आर्थिक क्षेत्र में खास सफलता प्राप्त होगी, संचित धन वृद्धि का योग, व्यापार नौकरी में अच्छे समाचर मिलेंगे. 

*भगवान भैरव का नमन करें. 

*मीन*- भाग्य भाव से गुरुक्रिपा आपके नाम चलाने तथा भाग्य चलाने के लिये श्रेष्ठ है, आर्थिक मामलों में अच्छी सफलता का योंही 

*भगवान और गुरु मंदिर के दर्शन आपके रुके कार्यों को पूर्ण करेगा. 

*प.चंद्र शेखर नेमा "हिमांशु"

9893280184,7000460931

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