पलपल संवाददाता, जबलपुर. देश के सबसे बड़े आयुध डिपो में सुरक्षा व्यवस्था की खामी ने ही डिपो के अधिकारी सुरेश ठाकुर के हौसले बुलंद किए जो अपनी आई 10 कार में एके 47 बंदूक व कलपुर्जे भरकर बाहर ले जाता रहा, लेकिन गेट पर चार पहिया वाहनों की चेकिंग नहीं होती थी, जिसके चलते सुरेश ठाकुर ने बड़े पैमाने पर बंदूकों की ेचोरी की, जो आंतकवादियों के हाथ तक पहुंच गई. सूत्रों की माने तो सीओडी में पदस्थ अधिकारी सुरेश ठाकुर अपनी कार में एके 47 बंदूक व उसके कलपुर्जे लेकर पुरुषोत्तम रजक को देता था. पुरुषोत्तम इन बंदूक को रिपेयर करने के बाद खराब पार्टस सुरेश ठाकुर को देता, जिन्हे सुरेश आफिस में मिला देता था.

इस तरह से सुरेश ठाकुर व पुरुषोत्तम रजक के गोरखधंधे की किसी को भनक तक नहीं लग पाती थी. खबर है कि फैक्टरी में इस तरह की चोरी करने वालों की गैंग अभी भी सक्रिय है, जो इस तरह की चोरियों में लिप्त है, हालांकि सीओडी प्रबंधन अपने स्तर पर मामले की जांच में जुटा है, जिनके सामने आने के बाद और भी कई बड़े खुलासे होगें. सूत्रों की माने तो सुरेश ठाकुर द्वारा चोरी की गई एके 47 व उसके उपकरण चोरी कर पुरुषोत्तम तक पहुंचाए गए. जिन्हे ठीक करने के बाद बिहार सहित देश के कई राज्यों में बेचा गया है, यहां तक कि कई बंदूके आंतकवादियो तक पहुंचाई गई है. मामले में सेना के इंटेलीजेंस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपने स्तर पर पूछताछ शुरु कर दी है.

फैक्टरी प्रबंधन को पुलिस अधिकारियों ने लिखा पत्र-

खबर है कि पुलिस ने मामले की जांच के लिए सीओडी फैक्टरी प्रबंधन को पत्र लिखा है, जिसकी अनुमति मिलने के बाद पुलिस अधिकारी फैक्टरी जांच उक्त गोदाम की जांच कर मिलान भी करेगें. 

पकड़ी गई आरमोरर की पत्नी को लेकर गौर नदी-

पुलिस की एक टीम ने रिटायर्ड आरमोरर पुरुषोत्तम रजक की पत्नी को भी हिरासत में ले लिया है, जिसमें गौर नदी लेकर गई जहां पर हथियारों का जखीरा फेंका गया है, पुलिस ने चंद्रवती की निशानदेही पर एंडोस्कोपी कैमरे की मदद से पानी के अंदर फेके गए उपकरणों की तलाश की लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली. जिसकी एक वजह यह भी रही कि बारिश के कारण गौर नदी में पानी अधिक होने के कारण कैमरा स्थिर नहीं हो पा रहा है. 

दो और आरोपी मुंगेर में पकड़े है-

बिहार के मुंगेर में नियाजुल व शमसेर नामक बदमाशों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिनके पास से तीन एके 47 मिली है, इन्होने भी इमरान की मदद से एके 47 गन कई लोगों को बेची है. पुलिस अधिकारियों द्वारा पूछताछ करते हुए ऐसे लोगों पर जल्द शिकंजा कसने जा रही है जिन्होने एके 47 गन खरीदी है. 

नाकाम रहा जबलपुर पुलिस का मुखबिर तंत्र-

जबलपुर पुलिस का मुखबिर तंत्र कितना मजबूत है, इस बात का अंदाजा तो सिर्फ इससे ही लगाया जा सकता है कि बिहार के मुंगेर में पकड़े गए इमरान से इतना बढ़ा खुलासा हुआ है कि जबलपुर में सीओडी फैक्टरी से एके 47 चोरी कर बेची जा रही थी. 6 वर्ष से चल रहे इस खतरनाक काम की पुलिस को स्थानीय स्तर पर भनक तक नहीं लग पाई थी. 

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. माना की पीएम मोदी बहादुर हैं, पर प्रेस से क्यों दूर हैं?

2. कैशलेस पर भरोसा नहीं? लोगों के हाथ में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कैश

3. अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने मांगे 22 हजार अतिरिक्त जवान

4. कीनिया को रौंदकर भारत ने हीरो इंटर कांटिनेंटल फुटबॉल कप जीता

5. SCO समिट- भारत समेत कई देशों के बीच महत्वपूर्ण एग्रीमेंट, PM मोदी ने दिया सुरक्षा मंत्र

6. ट्रंप से मुलाकात के लिए उत्तर कोरिया से चाइना होते हुए सिंगापुर पहुंचे किम जोंग

7. उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने यूजीसी बड़े बदलाव की तैयारी में

8. सुपर 30 का दबदबा कायम आईआईटी प्रवेश परीक्षा में 26 छात्र सफल

9. रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्विनी लोहानी, भोपाल से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे.?

10. क्या आप भी पूजा-पाठ करने के लिए स्टील के लोटे का करते हैं इस्तेमाल?पहले जान लें ये बात

11. काम में मन नहीं लगता तो यह करें उपाय

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।