नई दिल्ली. भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार किए गए वामपंथी विचारकों के केस की आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पांचों वामपंथी विचारकों को फिलहाल घर में ही नजरबंद रखने का आदेश दिया. ये सभी 12 सितंबर तक नजरबंद ही रहेंगे. 12 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई होगी. इन पांचों वामपंथी विचारकों गौतम नवलखा, वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरा और वरनोन गोंजालविस पर भीमा कोरेगांव में हिंसा फैलाने की साजिश में शामिल होने का आरोप है.

पांचों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ में इतिहासकार रोमिला थापर, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और कुछ अन्य कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की हुई है. महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करते हुए कहा था कि गिरफ्तार किए गए लोग हिंसा फैलाने की साजिश का हिस्सा हैं.

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