गोहाना. आज गोहाना के कई गांव में जाट नेताओं को पकडऩे के लिए पुलिस पहुंची, लेकिन गांव में पुलिस को देख कर ग्रामीण भड़क उठे. पुलिस को ग्रामीणों के विरोध के सामना करना पड़ा और ग्रामीणों के विरोध के चलते पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा. पुलिस को लौटाने के बाद महिलाओं ने कहा कि इस बार अगर आंदोलन होता है तो उनके मर्द पीछे रहेंगे और महिला आगे रहेंगी. अगर सरकार व प्रशासन में हिम्मत है तो उन्हें हटा कर दिखाए, उन्हें गिरफ्तार करें. महिलाओं ने कहा कि वह हक के लिए अपने बच्चों सहित मर-मिटने के लिए तैयार हैं.

ग्रामीणों व जाट नेताओं की माने तो पुलिस व सरकार ने उनके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की तो वो सड़को पर उतरने पर मजबूर होंगे. जाट नेताओं का कहना है सीएम पूरा जोर लगा लें लेकिन अब वो रुकने वाले नहीं हैं. अब शहरों में विरोध शुरू किया जायेगा. जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष आजाद लठवाल ने कहा कि वह रविवार को अपने-अपने गांव में घरों पर थे, तो सुबह के करीब 6 बजे सदर थाना पुलिस की जीप सुरेंद्र सिरसाढ़, कृष्ण कटवाल, रणबीर कोच, हरज्ञान रुखी, सतबीर पहल गन्नौर आदि जगह आई. यहां उन्होंने कहा कि जाट नेताओं को कहा कि वह जीप में बैठे, उन्हें थाना प्रभारी ने बुलाया है.

लठवाल ने कहा कि उन्होंने थाने जाने से मना कर दिया तो पुलिस कर्मियों ने उनके साथ जबरदस्ती करनी चाहिए. लेकिन उसके बाद गांव इक्कठा हो गया. जिसके बाद महिलाएं हाथों में लाठियां लेकर बाहर आ गई और पुलिस कर्मी विरोध को बढ़ता देखकर वापिस लौटे गए. लठवाल ने कहा कि अगर कुछ देर और पुलिस कर्मी रह जाते तो ग्रामीण व पुलिस कर्मियों के बीच टकराव होना था.

उन्होंने कहा कि अभी तक जाट नेता चुप थे, अगर भविष्य में इस तरह से पुलिस की जीप नेताओं को उठाने के लिए आई तो शहर के चारों तरफ के मार्गो को जाम कर दिया जाएगा. एक भी वाहन को गुजरने नहीं दिया जाएगा. अगर प्रशासन में साहस है तो दोबारा से आकर उनके साथ टकराए, जिससे ताकत का पता चल जाएगा, प्रशासन में कितनी है और उनके समुदाय में कितनी है.

जाट नेता सुरेंद्र सिरसाढ़ ने कहा कि अब तक सीएम व वित मंत्री के कार्यक्रमों का बहिष्कार करने का फैसला सोनीपत, जींद, पानीपत, रोहतक, झज्जर, भिवानी व दादरी के अलावा एक दो जिले का ले रखा था, लेकिन अब हर शहर में उनका बहिष्कार किया जाएगा. उन्होंने भी कैमरे के सामने सरकार व प्रशासन को खुली चेतावनी दे डाली कि गोली सरकार की होगी और सीना उनका होगा. इस बार आंदोलन हुआ तो वह अपना हक लेकर ही दम लेंगे.

गौरतलब है कि जाट आरक्षण की मांग को लेकर पिछले काफी समय से मांग कर रहे जाट नेताओं ने 16 अगस्त से 9 जिलों में गांव सत्र भाजपा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल व वित मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के कार्यक्रमों का विरोध करने का ऐलान किया हुआ है. जिस के चलते कल वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के प्रोग्राम का विरोध करने की कोशिश की थी. इसी विरोध के चलते आज गोहाना के कई गांव में जाट नेताओं को पकडऩे के लिए पुलिस पहुंची थी.

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