हार्दिक द्विवेदी. इंडियन वेब वल्र्ड में खासी पहचान रखने वाले बब्बन के सिंह (8989098404) की ज्योतिष में विशेष रूचि है और अच्छी पकड़ भी है. आइए, उनसे जानते हैं, कैसा रहेगा सितंबर- 2018 आपके लिए... 

सितंबर 2018 का गोचर 

सूर्य-बुध: इस महीने गोचर में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे हैं. पहले उन्हें जानते हैं. 2 सितंबर शाम में बुध सिंह राशि में प्रवेश करेगा जहां यह 17 सितम्बर तक सूर्य के साथ बुधादित्य योग निर्मित करेगा. 19 सितम्बर को सुबह 4 बजे वे अपने भाव कन्या में प्रवेश करेंगे जहां वे पुनः सूर्य के साथ बुधादित्य योग बना लेंगे. यह स्थिति इस महीने के अंत तक बनी रहेगी. 

शुक्र: अपने मूलत्रिकोण भाव तुला में महीने के पहले ही दिन प्रवेश कर रहे हैं जहां वे पूरे महीने गुरु के साथ योग करेंगे. दो गुरुओं का यह संयोग बहुत से जातकों के जीवन में अहम बदलाव लाएगा. अतः यह महीना बुध व शुक्र से प्रभावित जातकों के लिए कई शुभ सूचनाएं लेकर आएगा. 

मंगल: भी सीधी चाल में आ गए हैं इसलिए कुछ जातकों के लिए शुभ समाचार ले कर आ रहे हैं लेकिन मंगल-केतु से नकारात्मक रूप से प्रभावित और श्रवण नक्षत्र के पहले चरण (जहां दोनों का तीसरी दफा मिलन होगा), रोहिणी व हस्त के पहले चरण से संबंद्ध जातकों के लिए ये बुरे परिणाम दे सकते हैं. खासकर 18-24 सितंबर तक ऐसे जातक विशेष रूप से सावधान रहें. संभव हो तो मकर, मेष, वृषभ व कन्या राशि वाले जातक मंगल-केतु दोष की पूजा करा लें. ये उनके लिए शुभ रहेगा. 

शनि: 6 सितंबर को शनि मार्गी हो रहे हैं. निश्चित रूप से इसका प्रभाव शनि से प्रभावित जातकों पर विशेष रूप से होगा. मकर व कुंभ, वृषभ व तुला राशि के जातकों के लिए गए अप्रैल महीने से जिंदगी थमी-थमी सी लग रही थी वो अब पुनः सामान्य गति में आ जाएगी. इस महीने 24 तारीख से शुरू होने वाले श्राद्ध पक्ष में दिन में पितरों का तर्पण व शाम में रसोई घर में जल के आसपास घी का एक दिया लगाना सभी राशि वाले जातकों के लिए आवश्यक है. सनातन परंपरा में श्रद्धा एक अभिन्न अंग है. इसलिए हमारे पूर्वजों ने जीवित लोगों के अलावे अतृप्त मृत पितरों के लिए साल में आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष में इसके लिए प्रावधान कर रखा है. श्राद्ध पक्ष में अपने पितरों को जल से तर्पण, हवन और दान-धर्म कर अपने तीन कर्जों देव ऋण, ऋषि ऋण व पितृ ऋण में से एक का भुगतान करते हैं. ये हमारे अपने भविष्य के लिए अत्यंत सुखदायी है. इसलिए हमें इस कर्तव्य को जरूर पूरा करना चाहिए. 

मेष राशि- सूर्य के पांचवें भाव में स्थिति मेष के जातकों के लिए ये महीना अपने गंतव्य तक पहुंचने के बारे में समीक्षा करने का है. अगर आपको लगता है कि आप सही नहीं चल रहे तो अपने मंजिल तक पहुंचने के लिए अपने रास्ते को बदलिए. हालांकि शांति से काम करने वाले जातकों के लिए ये महीना आकस्मिक रूप से धनदायक है लेकिन कुछ जातक अपनी वाणी की कटुता के कारण ऐसे अवसर गवां सकते हैं. व्यापारियों के लिए कुछ नए प्रस्ताव सामने आ सकते हैं जो धन के नए स्रोत शुरू कर सकता है. लेकिन नए प्रोजेक्ट में निवेश के पहले अच्छी तरह सोच-विचार लें. हो सके तो अपने साथी या वरिष्ठों से सलाह लें ताकि किसी गलती से बच सकें. इस महीने कार्यस्थल पर बहुत शांति से व योजनाबद्ध ढंग से काम करने की कोशिश करें. किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने में ही भलाई है अन्यथा कुछ लोगों को अपनी वाणी के कारण नौकरी तक भी खोना पड़ सकता है. केतु ग्रह का मंगल योग इस विच्छेद को दर्शाता है. हालांकि कुछ जातकों को सरकारी नौकरी मिल सकता है या कुछ को प्रोन्नति भी मिल सकता है. कुछ जातकों के घरों में 13 या 14 सितंबर को शुक्र से संबंधित विलासिता की वस्तुओं का आगमन हो सकता है. इसी तरह किसी वरिष्ठ जन के साथ मुलाकात शुभ समाचार ला सकती है. विवाह या प्रेम संबंधों की खोज में रहने वाली महिला जातकों के लिए यह महीना सुखद हो सकता है क्योंकि शुक्र सातवें भाव में मालव्य योग बनाए हुए हैं और उन्हें गुरु का सहयोग भी मिल रहा है. ये बात कुछ पुरुष जातकों पर भी लागू होगा. लेकिन विवाह बंधन में स्थित कुछ महिला जातकों के लिए संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. इसलिए घर की सुख-शांति के लिए वे विवाद की स्थिति से बचें. छात्रों के लिए ये महीना पिछले महीने से थोड़ा बेहतर होगा क्योंकि सूर्य-बुध सहयोग कर रहे हैं पर मंगल-केतु के कारण आप अपनी उम्मीद पर पूरी तरह से खड़े साबित नहीं होंगे. शांति व योजनाबद्ध रूप से पढ़ने वाले तक इसका ज्यादा फायदा उठा सकते हैं. माता-पिता को भी अपने संतान की पढाई-लिखाई पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि उनके भटकाव को रोका जा सके. लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले जातकों के लिए महीने का दूसरा पक्ष सुखद हो सकता है. कुछ लोगों को सरकारी नौकरी मिल जाएगी जबकि इस महीने परीक्षा में भाग लेने वालों के पेपर अच्छा जाएगा. 

सावधानी:- मूलतः मेष राशि के जातकों के लिए 15 से 24 सितंबर तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि कर्मस्थान पर पर बने मंगल-केतु दोष का असर पहले व चौथे व पांचवें भाव पर जा रहा है. जिन जातकों का जन्म राशि में चंद्र 8-9 अंश पर हो वे कार्यस्थल, घर व बच्चों के मामले में विशेष रूप से सावधानी बरतें. 6-7 सितंबर को चंद्र राहु के साथ चौथे भाव में होंगे इसलिए सावधानी बरतें. 15-16 सितंबर को चंद्र आठवें रहेंगे इसलिए किसी निर्णय पर पहुंचने से बचें. पुनः 17-18 सितंबर को नौवें भाव में शनि के साथ चंद्र विष योग बना रहा है इसलिए ये दो दिन शांति से काटिए. 20-21 सितंबर को चंद्र केतु-मंगल के साथ योग करेगा. इसलिए इन दिनों भी सावधानी जरूरी है. हालांकि कुछ जातकों के लिए ये योग धन दायक भी है. 25-26 सितंबर को चंद्र व्यय भाव में होंगे इसलिए इन दिनों में भी सावधानी आवश्यक है.

उपाय:- इस महीने जलीय भोजन की मात्रा बढ़ाएं और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं. संभव हो तो बागवानी करें या तालाब के किनारे समय बिताएं. श्राद्ध पक्ष की शुरुआत में लाल वस्त्र में सवा किलो मंसूर की दाल घर में रखें और इस पक्ष के अंत में इसे बहते जल में प्रवाहित कर दें. श्राद्ध पक्ष में दिन में पितरों को जल का तर्पण करें और शाम को रसोई घर के जल के पात्र के पास या घर के नैऋत्य कोण में गाय के घी का दिया लगाएं. 

वृषभ राशि- 2 सितंबर को शाम में बुध सिंह राशि अर्थात आपके घर में रहे हैं. इसलिए वे 17 सितम्बर तक सूर्य के साथ बुधादित्य योग निर्मित करेंगे. 19 सितम्बर को वे अपने उच्च के भाव कन्या में प्रवेश करेंगे जहां वे पुनः सूर्य के साथ बुधादित्य योग बना लेंगे. लग्नेश शुक्र अपने मूलत्रिकोण भाव तुला में पहले ही दिन प्रवेश कर रहे हैं जहां वे गुरु के साथ योग बनाएंगे. ये तमाम परिवर्तन आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं. योजनाबद्ध ढंग से किए गए दैनिक कामों का रिजल्ट बहुत जल्द मिलने वाला है इसलिए इसमें ढील न दें. इस महीने औसत आमदनी के संकेत हैं लेकिन आमदनी पक्ष पर ध्यान देने से खर्च की अधिकता के अहसास से बच सकते हैं. नौकरी वाले जातकों के लिए पहले से चल रहे कार्य में कुछ बदलाव संभव लेकिन ये भविष्य के लिए उत्तम है. सेल्स व मार्केटिंग के कामों में लगे लोगों के लिए अच्छी आमदनी के योग हो सकते हैं. पूरे महीने शनि 8 वें भाव व मंगल-केतु नौवें भाव में बने रहेंगे इसलिए पूरे माह अपने वाणी पर नियंत्रण रखें अन्यथा हानि उठानी पड़ सकती है. वाणी दोष से विरोधी या बॉस नाराज हो सकते हैं, खासकर महिला सहयोगियों से सावधान रहें. इस महीने कर्ज देने से बचें लेकिन पुराने कर्जे वापस लेने का प्रयास सफल हो सकता है. चौथे भाव में सूर्य की मजबूत स्थिति के मद्देनजर महीने के पहले पक्ष में जमीन-जायदाद की कोई डील की सफलता के संकेत दीख रहे हैं. वृषभ राशि वालों के घरेलू मोर्चे पर संबंधों में सुधार दिख रहा है. कुछ लोगों को अपने प्रयास से जीवन साथी की तलाश पूरी हो सकती है. शादी-शुदा महिलाओं को मायके के मोर्चे पर कुछ संघर्ष करना पड़ सकता है. इसी तरह वृषभ वाले जातक 18 से 25 सितंबर तक पिता का खास ख्याल रखें. बुध की उच्चता व दोनों गुरुओं के योग से छात्रों के लिए यह महीना अच्छा रहेगा. आपको अपने मेहनत का फल मिलता दिखेगा. 14, 20, 21 सितम्बर आपके लिए विशेष शुभ है. इन दिनों लिए निर्णय आपके लिए हर तरफ से शुभ होगा. छठे भाव में गुरु-शुक्र के गोचर के कारण वृषभ वालों के सेहत के लिए औसतन महीना ठीक है लेकिन गंभीर बीमारियों वाले जातकों को सावधानी बरतनी चाहिए. पुराने दुश्मन अचानक सामने आ सकते हैं. 17-18 सितम्बर को चंद्र के आठवें भाव में गोचर के दौरान सेहत व दुश्मन दोनों मामलों में सावधान रहें. 

सावधानी:- चंद्र 6-7 तारीख को राहु के साथ अशुभ होंगे जबकि 13-14 सितम्बर को छठे भाव में गुरु के साथ योग बनाएंगे. इसलिए शत्रु शांत रहेंगे लेकिन कुछ क्षेत्रों में तनाव हो सकता है. 17-18 सितम्बर को चंद्र आठवें भाव में शनि के साथ विष योग बनाएंगे. 20-21 सितम्बर को नौवें भाव में मंगल-केतु के साथ शुभ-अशुभ दोनों योग बनाएंगे. चंद्र 17-18 सितम्बर को आठवें भाव व 27-28 सितम्बर को व्यय भाव में मानसिक पीड़ा दे सकते हैं. इन दिनों तनाव में कोई निर्णय नहीं लें. 

उपाय:- इस महीने श्रीकृष्ण जन्माष्ठमी का व्रत आने वाला है. ज्ञात हो कि श्रीकृष्ण वृषभ लग्न वाले जातक ही थे. यह व्रत करना आपके लिए हर तरह से बहुत शुभ होगा. इसी तरह शुक्रवार को एक लीटर दूध या सात मुट्ठी चावल या सात सफ़ेद मिठाई का दान आपके लिए शुभ है. वैसे प्रत्येक शुक्रवार को साफ़ व सफ़ेद वस्त्र पहनना भी आपके लिए शुभदायक है. आप चांदी के चेन या हाथ में चांदी का छल्ला भी पहन सकते हैं. इसी तरह 24 तारीख से शुरू होने वाले श्राद्ध पक्ष में दिन में पितरों का तर्पण व शाम में रसोई घर में जल के आसपास घी का एक दिया लगाना भविष्य के लिए सुखद है.

मिथुन राशि- सितम्बर का महीना मिथुन के जातकों के लिए आत्मविश्वास के साथ काम करने का है, सफलता आपके कदम चूमेंगी. लेकिन मिथुन के जातकों को सलाह है कि वे उधार के धंधे में नहीं पड़े और न ही अगले कुछ महीनों तक नए प्रोजेक्ट में धन लगाने के बारे में सोचें. आपके लिए पहला पक्ष ज्यादा शुभ है इसलिए अपने महत्वपूर्ण काम 16-17 तक पूर्ण कर लें. पंचमेश शुक्र का अपने भाव में आकर गुरु के साथ युति के कारण आपकी अपनी बुद्धि से आप बहुत से काम करने की स्थिति में होंगे. अतीत के रुके काम शुरू हो जाएंगे और रुके धन भी आने लगेंगे. 18 सितम्बर तक राशिश बुध के तीसरे भाव में होने से भाई-बहन के साथ संबंधों में मधुरता आएगी. जब यह 19 को अपनी राशि में प्रवेश करेगा तो सुख भाव में भद्र महापुरुष योग बनाएगा इसलिए मां व पत्नी के साथ संबंधों में मिठास अनुभव करेंगे. साथ ही आप आतंरिक सुख-शांति भी महसूस करेंगे. इस महीने तीसरे और चौथे भाव में सूर्य व बुध के गोचर के कारण इस इन मामलों में आपको भरपूर सहयोग मिल रहा है. लेकिन इस महीने भी परिवार और ससुराल में आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी है. पंचम भाव में गुरु-शुक्र की युति संतान के मामले में फलदायी है. यह महीना संतान की उन्नति का भी समय है. साथ ही यह आपके लिए भी अध्यात्मिक उन्नति या शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार का समय है. प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के योग भी हैं. रंगमंच व सिनेमा से जुड़े इस राशि के लोगों के लिए भी ये बहुत अच्छा समय है. प्यार-मुहब्बत के लिए ये बहुत अच्छा महीना है. पुराने संबंधों के जोड़े बन सकते हैं और कुछ लोगों के लिए इस महीने इसकी शुरुआत हो सकती है. 

सावधानी:- 2-3 व 29-30 सितम्बर का समय ठीक नहीं क्योंकि चंद्र व्यय भाव से गुजरेंगे. इसलिए इसे शांति से गुजारें. 6-7 सितम्बर को धन भाव में राहु से योग होने से कुछ तनाव दे सकते हैं. 15-16 सितंबर का समय भी ठीक नहीं क्योंकि चंद्र छठे भाव से गोचर कर रहा है. इसलिए दौरान भी शांति बना कर रखें. 20-21 सितम्बर को आठवें भाव में चंद्र का गोचर भी तनावकारी है. 

उपाय:- गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी के बीच गणेश की आराधना आपके लिए विशेष तौर पर शुभ है. कठिनाई में मां दुर्गा या सरस्वती की आराधना भी आपके लिए अति शुभ है. आप भी श्राद्ध पक्ष में दिन में पितरों को जल का तर्पण करें और शाम को रसोई घर के जल के पात्र के पास या घर के नैऋत्य कोण में गाय के घी का दिया लगाएं.

कर्क राशि- महीने का दूसरा पक्ष व्यापारियों के लिए पहले से बेहतर होगा. लेकिन बहुत अच्छे परिणाम के लिए मार्च के पहले सप्ताह तक इंतज़ार करें जब आपकी राशि से राहु का गोचर निकल जाएगा. राहु का आपकी राशि से गोचर आपको झूठ-सच के माया में फंसाया हुआ है. अतः इन छः महीनों में अपनी समीक्षा करें और नई नीति-निर्माण करें और इस पर लग जाएं. भविष्य में ये शुभ परिणाम देगा. हालांकि स्थायी संपत्ति व वाहन के लिए ये महीना शुभ है. इसलिए इस मामले में नए सौदे हो सकते हैं. 13-14 सितंबर को चंद्र चौथे भाव में गुरु व शुक्र के साथ होंगे. इसलिए ये दो दिन कई तरह से सुखद. आकस्मिक धन आने के साथ बाहर निकल घूमने का भी अवसर मिल सकता है. नौकरीपेशा लोगों के लिए ये महीना बेहतर हो सकता है. महीने का अंतिम सप्ताह ज्यादा अनुकूल है. लेकिन इसके लिए आपको अपने मैनेजमेंट के सामने अपना पक्ष रखना होगा. संघर्ष के बाद प्रोन्नति या वेतन वृद्धि के पूरे चांस हैं. छठे में शनि की स्थिति के कारण इस मामले में जूनियर सहयोगी आपकी मदद कर सकते हैं अगर आपका उनके साथ व्यवहार अच्छा है. घर-परिवार में इस महीने कोई धार्मिक आयोजन हो सकता है या आप स्वयं आध्यात्मिकता की और झुक सकते हैं. महिला जातकों के लिए मध्यम समय है. इसलिए सावधानी से रहें. वैसे तो अपना दिल-दिमाग अध्यात्म की ओर झुका हुआ है लेकिन इसके बावजूद अगर जीवन में कोई प्रेम-प्रसंग हो तो सतर्क हों जाएं. ये अनिश्चित समय है इसलिए इस मामले में गलती के पूरे चांस हैं. शादी-शुदा महिलाओं के लिए सप्तमेश शनि की छठे भाव में स्थिति का असर दिख रहा है. घर में भी बहुत अनूकुल स्थिति नहीं दिख रही. लेकिन चौथे गुरु-शुक्र के कारण पति और बच्चों के साथ शीतल व्यवहार से उनका भरपूर सहयोग मिल सकता है. हालांकि कई बार जीवन साथी का व्यवहार परेशान कर सकता है. सप्तम भाव में मंगल-केतु के गोचर और सप्तमेश के छठे भाव में होने के कारण जीवन साथी के जीवन में आए उतार-चढ़ाव में साथ दें. इससे भविष्य में संबंधों में मधुरता आएगी. छात्रों के लिए ये महीना अच्छा नहीं है. पिछली तैयारी के आधार पर ही बेहतर रिजल्ट की उम्मीद कर सकते हैं अन्यथा असफलता हाथ लगेगी. इस महीने आपका स्वास्थ्य औसतन ठीक रहेगा. लेकिन आलस न करें और भविष्य में अपने सेहत की बेहतरी के लिए नियमित दिनचर्या का पालन करें. 

सावधानी:- 4-5 सितंबर को व्यय भाव में स्थित चंद्र तनाव व शोक दे सकता है. 6-7 सितंबर को चंद्र राशि/लग्न भाव में राहु के साथ होंगे इसलिए सावधानी आवश्यक है. इस दौरान फ्रमित फैसले लेने से बचें. 15-16 सितंबर को भी चंद्र के गोचर पर निगाह रखें. 17-18 सितंबर को चंद्र छठे भाव में शनि के साथ विष योग बनाएंगे.  20-21 सितंबर को चंद्र सातवें भाव में मंगल-केतु के साथ होंगे इसलिए इन चार-पांच दिन विशेष सावधानी की जरूरत है. 22-23 सितंबर को आठवां चंद्र भी तनाव देगा. इस समय भी शांति से रहें. 

उपाय:- आपके लिए शिव चालीसा का नियमित पाठ राहू ग्रह के कारण कउत्पन्न क्षोभ व तनाव दूर करने में बेहद सहायक हो सकता है. एक अन्य उपाय, प्रत्येक सोमवार को चार मुट्ठी चावल को पकाकर उसमें घी व शक्कर मिला चार भागों में बांटें. अब एक मुट्ठी गाय को, एक मुट्ठी कुत्ते को, एक मुट्ठी कौवे या किसी भी चिड़िये को और एक मुट्ठी चिट्टियों के खिलाएं. 24 सितंबर से पितरों का पक्ष शुरू हो रहा है इसलिए अपने पितरों का याद करना न भूलें. उन्हें जल से तर्पण करें और शाम में नैऋत्य कोण या रसोई घर में जल के स्थान पर तिल या सरसों के तेल का दिया जलाना नहीं भूलें.

सिंह राशि:- लग्नेश सूर्य के धनेश बुध के साथ पहले लग्न में और फिर कन्या में गोचर और मंगल-केतु की छठे भाव गोचर के कारण सिंह राशि वालों के लिए इस महीने किए गए मेहनत का बहुत अच्छा फल आएगा. वैसे पूरे महीने आपका व्यक्तित्व निखारा-निखरा रहेगा. लोगों के बीच आपकी मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. इस लिए सिंह राशि वाले इस महीने नए प्रोजेक्ट के बारे में जरूर सोचें. 13-14 सितंबर को चंद्र तीसरे भाव में दोनों गुरु के साथ होंगे. इन दिनों आप शुभ कामों में लगेंगे और आकस्मिक धनागमन हो सकता है. व्यापारियों के लिए विदेशी प्रोजेक्ट में निवेश के जबरदस्त परिणाम मिल सकते हैं. तकनीकी विकास की दृष्टि से भी ये महीना अच्छा दिख रहा है. इसलिए यहां भी निवेश कर सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्यस्थल पर अपने कौशल का परिचय देना चाहिए. लेकिन साथियों के द्वारा उत्पन्न तनाव को शांति से झेलें. सिंह के जातकों को परिवार में कुछ तनाव महसूस हो सकता है. इसलिए अपने जीवन साथी के साथ शांति से काम लें. कुछ माता-पिता को संतान की सफलता से ख़ुशी हासिल हो सकती है. लेकिन इस महीने सिंह के जातकों को अपने बुजुर्गों के आशीर्वाद लेते रहना चाहिए. ये उनकी सफलता की रफ़्तार बढ़ा देगा. समुचित रणनीति से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे छात्रों के लिए भी यह महीना शुभ हो सकता है. कुछ लोगों को परिणाम तुरंत मिलेंगे तो कुछ को अगले दो-एक महीने तक इंतज़ार करना पड़ सकता है लेकिन शुभ परिणाम की गारंटी है. विज्ञान व तकनीक क्षेत्र में स्टडी करने वाले छात्रों के लिए जल्द शुभ परिणाम मिल सकता है. पंचम भाव में उपस्थित शनि आपको अपने दिनचर्या व स्वास्थ्य के प्रति नजरिया बदलने के लिए विवश कर सकता है. इसलिए सेहत के लिए योगा व व्यायाम को अपने दिनचर्या में शामिल करना आपकी मजबूरी है. मंगल-केतु की छठे भाव में नजदीकी योग के कारण दुर्घटना के योग बन रहे हैं इसलिए सावधानी से वाहन चलाएं और चढ़ने-उतरने में भी सावधानी बरतें. 6, 7, 17 व 18 सितंबर को खास ध्यान दें. 

सावधानी:- 6-7 सितंबर को चंद्र व्यय भाव में होंगे इसलिए बेहद सावधानी आवश्यक. किसी भी फैसले से बचें. 17-18 सितंबर को चंद्र पांचवें भाव में शनि के साथ विष योग बनाएंगे. सावधान रहें. 20-21 सितंबर को चंद्र छठे भाव में मंगल-केतु के साथ होंगे इसलिए इन दोनों दिन विशेष सावधानी की जरूरत.

उपाय:- अपने लग्नेश सूर्य भगवान् को इस पूरे महीने जल से अर्घ्य जरूर दें. आदित्यहृदयं स्त्रोत का 3 बार पाठ भी शुभता देगा. श्राद्ध पक्ष में घर के फर्श को सेंधा नमक के पानी से साफ़ करना भी बहुत शुभदायक है. 24 सितंबर से पितरों का पक्ष शुरू हो रहा है इसलिए अपने पितरों का याद करना न भूलें. उन्हें जल से तर्पण करें और शाम में नैऋत्य कोण या रसोई घर में जल के स्थान पर तिल या सरसों के तेल का दिया जलाना नहीं भूलें.  

कन्या राशि- धनेश शुक्र के गुरु के साथ पूरे महीने के योग के कारण यह महीना धन के लिए बहुत अच्छी स्थिति बना रहा है. आपको रुके धन मिलेंगे और आय के नए स्रोत बन सकते हैं. लेकिन केतु-मंगल की व्यय भाव पर दृष्टि के कारण ये महीना खर्चे का भी है. इसलिए इस पर नजर रखें. नए काम की जगह पुराने काम पर ही ध्यान लगाएं. साथ ही वाणी को विवादों से बचाए रखें ताकि उपरोक्त लाभों का पूरा परिणाम मिल सके. नौकरी वाले जातकों के लिए यह महीना बहुत अच्छा साबित हो सकता है. बुध-सूर्य की पहले भाव में मजबूत स्थिति के कारण कुछ लोगों को नए जॉब ऑफर हो सकते हैं या उन्नति के साथ ट्रांसफर हो सकता है या वर्तमान जॉब में ही वेतन वृद्धि के साथ उन्नति संभव है. लेकिन अपने काम को योजनाबद्ध व जागरूक रूप से संपादित करें ताकि हाथ आई बाजी हाथ से न निकले. 13-14 सितंबर को चंद्र दूसरे भाव में गुरु व शुक्र के साथ होंगे और धन के प्रवाह को बढ़ा देंगे व परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा. कुटुंब-परिवार के लिए भी पूरा महीना कुल मिला कर सुखद रहेगा. एकल परिवार में बुजुर्गों का आगमन भी हो सकता है. लेकिन परिवार में पुराने या दबे मामले उभर सकते हैं. इस दौरान संयम व शांति की बेहद जरूरत होगी. कन्या राशि के जातक प्रेम प्रसंगों में सावधान रहें क्योंकि इसमें उतार-चढ़ाव दिख रहा है. लेकिन महिला जातकों के लिए साथी तलाशने का उचित समय है. इसमें परिवार के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद भी मिल सकता है. छात्र अपने स्टडी पर योजनाबद्ध रूप से ध्यान दें. तात्कालिक असफलता से घबराएं नहीं अपितु पुराने पाठ्यक्रम में ही फिर से जुझारू ढंग से लगे रहें. इस समय का बदलाव भविष्य में दुखी ही करेगा. बल्कि किसी बड़े की सलाह से पुरानी स्टडी को रिशेडूल करें. हालांकि राशि के अंदर 19 सितंबर से बुधादित्य योग बना रहेगा लेकिन पंचम में केतु-मंगल की स्थिति स्टडी में दिक्कत बता रहे हैं. इसलिए माता-पिता भी अपने बच्चे पर विशेष ध्यान दें. बड़े-बुजुर्ग बच्चों से न उलझें.

केतु-मंगल की लग्न पर दृष्टि के कारण इस महीने आप अपने स्वास्थ्य पर नजर रखें, खास कर महीने के पहले पक्ष में. दांत, आंख, पेट व अपने मसल्स का खास तौर पर ध्यान रखें. आपके लिए योग एक अच्छा उपाय हो सकता है. 

सावधानी:- 6-7 सितंबर को चंद्र आय भाव में राहु के साथ होंगे. इसलिए खास तौर पर शांत रहें. 8-9 सितंबर को चंद्र व्यय भाव में होंगे इसलिए निर्णय लेने से यथासंभव बचें. 17-18  सितंबर को चंद्र चौथे भाव में शनि के साथ होंगे इसलिए घर में तनाव महसूस करेंगे. इसका असर दफ्तर तक नहीं पहुंचने दें. 20-21 सितंबर को मंगल-केतु के साथ पांचवें में चंद्र होंगे इसलिए बच्चों और सहयोगियों के मामले में सावधानी बरतें. 27-28 सितंबर को अष्टम चंद्र मानसिक पीड़ा दे सकता है. इस समय भी शांति से गुजारें.

उपाय:- हरे कांच की चूडियाँ या कंगन अपनी बहन, बुआ, बेटी या किसी कुंवारी लड़की को बुधवार की सुबह को गिफ्ट करें. बागवानी भी लाभदायक है. इस महीने लगाए पेड़-पौधे साल भर आपको सुकून दे सकते हैं. गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी के बीच गणेश की आराधना आपके लिए विशेष तौर पर शुभ है.

तुला राशि- यह महीना आपके लिए पूरे वर्ष के लिए नीति-निर्माण का है क्योंकि आपका राशिश/लग्नेश राशि/लग्न से गोचर कर रहा है. पिछले कुछ महीनों से बनी स्थिति एकदम से बदल गई है क्योंकि लग्नेश आपके पहले भाव में आ गया है और गुरु के साथ योग बनाया है. लेकिन इस योग के कारण आप धन-ऐश्वर्य के बीच राजा जनक की तरह जीवन जिएंगे. 2, 3, 4 व 5 सितम्बर शुभ है. 2 से 10 सितम्बर आपके धन-दौलत के हिसाब से बढ़िया है. व्यापारी लोगों को इस दौरान अच्छे पैसे मिलेंगे. कुछ लोगों को पुराने कर्ज की वसूली भी संभव है. 11 से 15 सितम्बर से तक आपके एक्शन में वृद्धि संभव. कुछ लोगों को काम के सिलसिले में छोटी यात्राएं करनी पड़ सकती है. इस महीने जमीन-जायदाद के झमेले से भी दूर रहें तो शुभ रहेगा. 11 से 15 सितम्बर से तक का समय भाइयों-बहनों व पड़ोसियों से संबंध सुधारने के लिए प्रयास करने का भी है क्योंकि इस समय आपका एक प्रयास भी इस मामले में सफलता दे सकता है. केतु-मंगल की चौथे भाव से गोचर का परिवार में इस महीने भी तनावपूर्ण असर दिख रहा है. इसलिए घर पर शांति से समय बिताएं. घर में जीवन साथी का दबदबा बढेगा इसलिए हो सके तो महीने के दूसरे पक्ष में कार्य स्थल या किसी और मोर्चे पर अपना समय बिताएं. स्वास्थ्य में हुई गड़बड़ी पर इस महीने लगाम लग जाएगी. लेकिन गंभीर रूप से बीमार लोग महीने के दूसरे पक्ष में थोड़ी ज्यादा सावधानी बरते क्योंकि सूर्य व्यय भाव में जाएगा. राशि/लग्न भाव में गुरु-शुक्र के योग प्रभाव में 22 सितम्बर से 4 अक्टूबर के बीच आपके दिमाग में नए-नए विचार आएंगे. इसका सदुपयोग करें. बाल-बच्चे वाले जातक अपने बच्चों के लिए योजनाएं बनाएं. ये योजनाएं भविष्य में फलीभूत होंगे. विवाह के लिए उत्सुक लड़कियों के लिए भी यह समय उचित है. प्रयास से उचित साथी मिल सकता है. अक्टूबर में गुरु की वृश्चिक राशि में गोचर से पूर्व छात्रों के लिए अपने लिए किए उद्यम का परिणाम शुभ रहेगा. खास तौर पर उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत छात्रों के लिए सितम्बर तक का समय उत्तम है. 

सावधानी:- 2-3 व 29-30 सितम्बर को चंद्र आठवें भाव में होगा इसलिए किसी निर्णय पर पहुंचने से बचें. 10-11 सितम्बर को चंद्र व्यय भाव में होगा इसलिए यह समय भी शांत रहने व् किसी निर्णय पर पहुंचने से बचने का है. 25-26 सितम्बर को चंद्र छठे भाव में होगा इसलिए शांत रहें, किसी से उलझें नहीं. 

उपाय:- इस महीने श्रीकृष्ण जन्माष्ठमी का व्रत आने वाला है. यह व्रत करना आपके लिए हर तरह से बहुत शुभ होगा. चांदी का एक सिक्का अपने जेब में रखें या चांदी का का चेन धारण कर सकते है. इस महीने आप अपने कमरे शाम में कपूर जरूर जलाएं. इसी तरह 24 तारीख से शुरू होने वाले श्राद्ध पक्ष में दिन में पितरों का तर्पण व शाम में रसोई घर में जल के आसपास घी का एक दिया लगाना भविष्य के लिए सुखद है.

वृश्चिक राशि- इस राशि वालों के लिए अब समय बदल रहा. इस महीने कुछ उम्मीदें पूरी होगी. कर्मेश सूर्य का पिछले 13 दिनों से कर्म स्थान में लाभेश बुध के साथ युति इस पूरे महीने दशम व लाभ भाव से होने वाला है. इसी तरह लग्नेश मंगल मार्गी होकर पराक्रम भाव से छठे, भाग्य व कर्म तीनों भावों पर दृष्टि देने के कारण उपरोक्त को मदद कर रहा है. इसी तरह व्ययेश व सप्तमेश शुक्र की व्यय भाव में मूल त्रिकोण की स्थिति भी इसी और इशारा कर रही है. यहां यह गुरु के साथ योग कर रहा है, इसलिए वृश्चिक के जातकों के लिए यह महीना बहुत शुभ हो सकता है. जरूरत है कि आप सकारात्मक सोच व योजनाबद्ध तरीके से काम करने के संकल्प के साथ इस महीने की शुरुआत करें. पिछले कई महीनों या कहें एकाध वर्ष से रुकी जिंदगी फिर से पटरी पर आने वाली है. शनि की साढ़े साती उतरने के दौरान ही आपको आने वाले समय के लिए एक दिशा देने वाली है. इस महीने आप नए प्रोजेक्ट से जुड़ सकते हैं या कुछ लोगों को सरकारी नौकरी के अवसर मिल सकते हैं. इसलिए अपने प्रयास में मजबूती लाएं. कोई भी नए प्रोजेक्ट में जानकारों की राय आपको बहुत फलेगी इसलिए इसमें संकोच न करें. हालांकि राहु-केतु के जद में मंगल के होने के कारण बीच-बीच में रुकावट भी दिख रहा है लेकिन अंततः बड़े लाभ का ही संकेत है. लेकिन नौकरी वाले जातक अपने बॉस से और व्यापारी अपने धंधे से जुड़े सहयोगी से बहस से बचें. हो सकता है कुछ लोगों के लिए इस महीने बड़े लाभ स्थिति न बने लेकिन अगले महीने गुरु के राशि/लग्न में आने के बाद निश्चित ही आपकी लाभ की स्थिति बनेगी. हालांकि शनि की साढ़े साती के अंतिम ढैय्या के कारण त्रस्त या बेरोजगार कुछ लोगों को इसका सीमित फायदा ही मिलेगा. लेकिन जो भी अवसर मिले उसे स्वीकार करे ताकि आपका भविष्य उज्जवल हो सके. इस महीने काम-काज के सिलसिले में कुछ लोगों को छोटी यात्राएं करनी पड़ सकती है लेकिन ये फायदेमंद हैं. तकनीकी स्टडी से  जुड़े छात्र-छात्राओं के लिए यह महीना शुभ है. लेकिन अधबीच में फंसे छात्रों को समुचित फैसला ले रास्ता बदल लेना चाहिए. महिला जातक जीवन साथी के साथ विवाद में न फंसे. इस महीने कुछ अविवाहित कन्याओं के लिए सुंदर व सुशील साथी मिल सकता है. स्वास्थ्य की दृष्टि से ये महीना औसत है. सरदर्द या मौसमी बीमारी सर्दी-खांसी के शिकार हो सकते हैं. खान-पान और बदलते मौसम के अनुसार स्टेप उठाकर आप इस पर नियंत्रण कर सकते हैं. मौसमी बिमारियों के शिकार होने वाले जातकों को लाल फल यथा सेव, टमाटर, अनार का सेवन करना चाहिए. कुछ लोग सुबह-सुबह गुड़ के साथ एक बड़ा चम्मच त्रिफला का भी सेवन कर सकते हैं. ये आपकी सेहत को दुरुस्त कर सकता है. 

सावधानी:- 4-5 सितंबर को आठवें भाव में चंद्र में होने से शांत रहें. 6-7 सितंबर को चंद्र भाग्य भाव में राहु के साथ जबकि 17-18 सितंबर को चंद्र शनि के साथ होगा इसलिए मानसिक परेशानी होगी. 13-14 सितंबर को शुक्र व गुरु के साथ व्यय भाव में योग. इसलिए तनाव के दिन हैं. लेकिन ये शेयर बाज़ार या पुराने निवेश से लाभ की दृष्टि से शुभ दिन. लेकिन इन दिनों में बड़े निर्णय लेने से बचें. 20-21 सितंबर को चंद्र तीसरे भाव में मंगल-केतु के साथ होगा इसलिए यहां भी सावधानी की जरूरत है. 

उपाय:- वृश्चिक वाले जातकों को योग व प्राणायाम का सहारा लेकर अपने मानसिक विचलन पर नियंत्रण करना चाहिए. कुछ लोग व्यायाम व खेलों का सहारा ले सकते हैं. आपके लिए मां दुर्गा या सरस्वती की आराधना बहुत शुभ है. इस महीने गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गणेश की आराधना भी साल भर आपको संतोष दे सकता है. प्रत्येक मंगलवार को गाय को गुड़ मिश्रित रोटी अवश्य खिलाएं. अपने भोजन में गुड़ को शामिल करें. इसी तरह पितरों का पक्ष शुरू हो रहा है इसलिए अपने पितरों का याद करना न भूलें. उन्हें जल का तर्पण करें और शाम में नैऋत्य कोण या रसोई घर में जल के स्थान पर तिल या सरसों के तेल का दिया जलाना नहीं भूलें. 

धनु राशि-

पंचमेश का धन भाव से गोचर अच्छा होता है लेकिन राहु-केतु के जद में होने के कारण धन के आगमन में उतार-चढ़ाव इस महीने ज्यादा देखेंगे. हालांकि धनु राशि के लिए मंगल शुभ ग्रह है इसलिए नवंबर में यहां से निकलने से पहले मंगल बहुत से जातकों के धन व बुद्धि में वृद्धि करके जाएंगे. व्यापारी वर्ग को नए व उत्तम साझेदार मिल सकते हैं. राशि या लग्न में शनि की स्थिति और शुक्र की लाभ भाव में उत्तम स्थिति अपने से नीचे के तबके के साथ साझेदारी की ओर भी इशारा कर रहा है. इस महीने अपने धंधे के लिए आप स्थायी संपत्ति या वाहन में पैसा लगा सकते हैं. नौकरी पेशा वर्ग के लिए यह सितंबर का महीना बहुत व्यस्तता में बीतने वाला है. भविष्य के लिए ये उत्तम है हालांकि इस रूटीन से आपको उब होगी. इस ऊब से बचने के लिए ऑफिस के आसपास की हरियाली का मजा लीजिए. साथ ही पीने के पानी की मात्रा बढायें. इन सब से तनाव में कमी आएगी और काम की गति बनी रहेगी. मंगल-केतु की भाग्य व कर्म भाव पर दृष्टि के कारण कुछ सहकर्मी आपको परेशान कर सकते हैं लेकिन इसे भी धैर्य के साथ झेलिए. परिणाम सुखद रहेगा. महिला जातकों के लिए बेहतर समय है. कुछ को अच्छे जीवन साथी मिलेंगे. पर इस काम में बुजुर्गों का आशीर्वाद जरूर लें. विवाहित जोड़ों के लिए तनाव वाले कुछ दिनों को छोड़ यह महीना शुभ रहेगा. इसलिए कुछ लोगों को इस महीने घूमने-फिरने का प्रोग्राम बनाना चाहिए. ससुराल पक्ष से सीमित संबंध रखें. दांत व आंख के मामले में सावधानी बरतें. बुजुर्ग लोगों के लिए जोड़ों का दर्द उभर सकता है. अपने ही भाव पंचम पर दृष्टि के कारण कुछ दिन पहले ही मार्गी हुए मंगल पढ़ने-लिखने वाले जातकों के लिए शुभ फल देने वाले हैं. इस पर गुरु और शुक्र की दृष्टि भी लाभदायक है लेकिन छात्र प्रेम प्रसंग में उलझने से बचें. भविष्य के लिए ये शुभ नहीं. साथ ही आप अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें ताकि उत्तम ढंग से स्टडी हो सके. भाग्य के भरपूर सहयोग से कुछ लोगों को सरकारी नौकरी में जाने के योग दिख रहे हैं. 6-7 सितंबर को चंद्र आठवें भाव में राहु के साथ होंगे इसलिए बेहद सावधान रहें. 13-14 सितंबर को चंद्र लाभ भाव में गुरु-शुक्र के साथ योग करेंगे. इसमें अचानक से बड़े लाभ की स्थिति बन सकती है. 15-16 सितंबर को चंद्र का गोचर व्यय भाव से होगा. इन दिनों में भी शांति बनाए रखें. 17-18 सितंबर को चंद्र राशि भाव में शनि के साथ हैं इसलिए मानसिक परेशानी हो सकती है. 20-21 सितंबर को चंद्र धन भाव में केतु-मंगल से योग करेंगे. 25-26 सितंबर को चौथे भाव से चंद्र का गोचर भी तनाव दे सकता है. 

उपाय:- कम से कम इस पूरे महीने सूर्य नारायण को लाल फूल, गुड़ के साथ जल से अर्घ्य दें. यदि संभव हो तो इसे नियमित दिनचर्या में शामिल करें. इस महीने श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर पीले वस्त्रों में माता देवकी और बाल कृष्ण की सफ़ेद मिठाइयों के साथ आराधना आपको फलेगी. पितरों का पक्ष शुरू हो रहा है इसलिए अपने पितरों का याद करना न भूलें. उन्हें जल से तर्पण करें और शाम में नैऋत्य कोण या रसोई घर में जल के स्थान पर तिल या सरसों के तेल का दिया जलाना नहीं भूलें. 

मकर राशि- राशिश/लग्नेश शनि 6 सितंबर को मार्गी हो रहे हैं इसलिए इस राशि के जातकों के लिए विगत 5 माह से टूटी रफ़्तार बदलेगी. आपके कई रुके काम शुरू हो जाएंगे. लेकिन राशि या लग्न में उच्च के ग्रह वाले जातक दूसरे लोगों के पक्ष को समझने की जरूरत नहीं समझते. इसलिए मकर राशि वाले जातकों को इस महीने भी अपने एकपक्षीय स्वभाव पर नियंत्रण रखने की जरूरत है. श्रवण नक्षत्र खास तौर पर प्रथम चरण में जन्में जातक पूरे महीने अपने स्वभाव व बोली पर नजर रखें. वैसे मकर वाले सारे जातक 18 सितंबर तक अपनी वाणी पर ख़ास ध्यान दें क्योंकि बुध आठवें में पड़ा है, अन्यथा किसी के साथ विवाद में फंस सकते हैं. कर्मस्थान में योगकारक शुक्र के गुरु के साथ बैठने का फायदा इसके जातकों को मिलने जा रहा है. व्यवसाय के लिए, नौकरी के लिए और नए प्रोजेक्ट के लिए स्थितियां निर्मित होती दिख रही हैं. अतीत के प्रयासों या मित्रों के सहयोग से कुछ लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं. इस महीने मकर राशि के जातकों के लिए कुछ पुरानी समस्याओं के समाधान के आसार बन रहे हैं. कुछ लोग स्थायी संपत्ति और वाहन भी खरीद सकते हैं. लेकिन अनावश्यक खर्चे पर इस महीने भी नियंत्रण रखने की जरूरत है. मकर के जातकों के लिए काम-काज के हिसाब से 10-16 और 20-24 सितंबर के दिन सबसे अच्छा है. घर-परिवार में भी खुशहाली के माहौल बनते दिख रहे हैं. लेकिन सातवें भाव में राहु पर मंगल की दृष्टि के कारण जीवनसाथी के साथ अभी भी अनबन की स्थिति बनी हुई है इसलिए समझौता करके ही चलना चाहिए. इसके बावजूद महीने के मध्य में 15-16 सितंबर को कुछ लोग दोस्तों या जीवनसाथी के साथ घूमने-फिरने बाहर जा सकते हैं. कुछ जातकों के बच्चों की शादी के योग बन रहे हैं. 29-30 सितंबर को इनसे संबंधित बातें हो सकती हैं या आप इनके साथ समय बिता सकते हैं. तालाब या नदी किनारे जाने से बचें और वाहन भी सावधानी से चलाएं. इस महीने किसी बड़े निर्णय लेने से बचें. अपवाद में विदेश जाने का निर्णय हो सकता है. 

सावधानी:- 4-5 सितंबर को छठे चंद्र के गोचर के दौरान सावधान रहें. अनावश्यक खर्चे का योग बन रहे हैं. 8-9 सितंबर को आठवें चंद्र के गोचर के दौरान भी विशेष सावधानी आवश्यक है क्योंकि तनावपूर्ण दिन रहेंगे. 17-19 सितंबर को व्यय भाव में चंद्र का गोचर सबसे ज्यादा खर्चे का दिन है. इस समय किसी तरह का निर्णय नहीं लें और शांत रहें. 

उपाय:- इस महीने श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर सफ़ेद वस्त्रों में माता देवकी और बाल कृष्ण की सफ़ेद मिठाइयों के साथ आराधना आपको फलेगी. सितंबर में आप प्रत्येक शनिवार को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ायें व शाम को सरसों या तिल के तेल का दिया लगाएं. चूंकि पितरों का पक्ष शुरू हो रहा है इसलिए अपने पितरों का याद करना भी न भूलें. उन्हें जल से तर्पण करें और शाम में नैऋत्य कोण या रसोई घर में जल के स्थान पर तिल या सरसों के तेल का दिया जलाना नहीं भूलें. 

कुंभ राशि:- राशिश या लग्नेश के लाभ भाव में मार्गी होकर बैठे होने (शनि 6 सितंबर को मार्गी होने के बाद), कर्मेश व तृतीयेश मंगल के उच्च होकर व्यय भाव में होने, योगकारक शुक्र के अपने भाव में और सप्तमेश सूर्य के सप्तम भाव में आने का फायदा कुंभ के जातकों को भरपूर मिलने जा रहा है. इस महीने आप बेहद उत्साह में रहेंगे और मित्रों का भरपूर सहयोग मिलेगा. भाग्य के सहयोग से आपको घर बैठे बहुत से प्रस्ताव मिलने जा रहे हैं जिसके बारे में अबतक आप केवल सोच रहे थे. आपको विदेशी प्रोजेक्ट शुरू करने का मौका मिलेगा या विदेश में रहने वाले जातकों को अच्छे अवसर हासिल होंगे. सप्तम भाव में बुधादित्य योग के कारण आपके व्यापार में तेजी आएगी. नए काम शुरू करने के लिए ये समय हर तरह से ठीक है. लेकिन एक सलाह है कि बड़े निवेश से पूर्व अपनी जन्म कुंडली के साथ गोचर का फल किसी विद्वान ज्योतिर्विद से जरूर दिखवा लें. हां, इस महीने खर्च पर जरूर नजर रखें. इस महीने आपको छोटी व बड़ी दोनों तरह की यात्राओं के योग दिख रहे हैं. 13-14 सितंबर को चंद्र भाग्य भाव में गुरु-शुक्र के साथ योग करेंगे. इसलिए इन दो दिनों में अचानक से भाग्य से कुछ बड़ी चीजें हाथ लगेंगी. इसी तरह जीवन साथी के साथ संबंधों में सुधार के कारण घर में शांति महसूस करेंगे. शादी के योग्य जातकों के लिए मंगल का उचित समय है. इस महीने योग्य साथी की तलाश पूरी होगी. कुछ जातकों को योगकारक शुक्र की नवम भाव में गुरु के साथ युति से भाग्य और संतान के मामले में खुशखबरी सुनने को मिलेगी. 

सावधानी:- 6-7 सितंबर को चंद्र छठे भाव में राहु के साथ होंगे इसलिए बेहद सावधान रहें. 10-11 सितंबर को आठवें चंद्र होंगे इसलिए शांति जरूरी है. 17-18 सितंबर को चंद्र लाभ भाव में शनि के साथ हैं इसलिए मानसिक परेशानी हो सकती है. 20-21 सितंबर को चंद्र व्यय भाव में केतु-मंगल से योग करेंगे. यहां भी सावधानी जरूरी है. 

उपाय:- शनिवार को दशरथकृत शिव स्त्रोत का पाठ आपके लिए बहुत शुभ है. सितंबर के प्रत्येक शनिवार को कम से कम 7 काली मिठाई जरूरतमंद लोगों को खिलाएं. पितरों का पक्ष शुरू हो रहा है इसलिए अपने पितरों का याद करना भी न भूलें. उन्हें जल से तर्पण करें और शाम में नैऋत्य कोण या रसोई घर में जल के स्थान पर तिल या सरसों के तेल का दिया जलाना नहीं भूलें. 

मीन राशि- मीन के जातकों को अक्टूबर में गुरु के बदलने तक इंतज़ार करना है. आपके जीवन में उसके बाद ही बड़े परिवर्तन दिखाई देंगे. राशिश या लग्नेश के आठवें होने और राहु पंचम में गोचरस्थ होने के कारण कई ग्रहों के बदलाव के बावजूद आपन बहुत परिवर्तन नहीं महसूस कर पा रहे होंगे. हालांकि व्ययेश व लाभेश शनि के कर्म स्थान में मार्गी होने के कारण कुछ लोगों पर जिम्मेदारी बढ़ सकती है लेकिन इसे वहन कर पाने आप असमर्थ पाएंगे. इसलिए इस महीने हमारी सलाह होगी कि जिस काम को करने में कोई दिक्कत न हो उसे प्राथमिकता से निपटाएं. जबकि दिक्कत वाले कामों को अगले एकाध माह के लिए टाल दें. जन्म कुंडली में कमजोर शनि वाले जातकों के लिए ये समय भारी पड़ सकता है. इसलिए कर्मस्थान पर लगातार सावधान रहें. इस समय बगैर फल की इच्छा के काम करने के अलावा आपके पास कोई चारा नहीं. व्यापारी वर्ग के लिए धनेश व भाग्येश मंगल की उच्च होकर लाभ भाव में स्थिति कुछ नए प्रोजेक्ट की सफलता का संकेत कर रही है जबकि कुछेक के डूबने के भी संकेत हैं. मंगल के मार्गी होने से कुछ रुके धन भी मिलेंगे और आय के कुछ और स्रोत भी खुलेंगे (27-28 सितंबर को चंद्र धन भाव में). लेकिन धन के समुचित प्रवाह के लिए कुछ और समय तक इंतजार करना होगा. सितंबर में 15 से 21 तारीखों में उपरोक्त प्रभाव विशेष रूप से दिखेंगे. यहां यह कहते चलना आवश्यक है कि जन्म कुंडली में मजबूत गुरु वाले मीन राशि के जातकों को उपरोक्त प्रभाव कम से कम महसूस होगा. कुछ जातकों को इस महीने पैत्रिक संपति में हिस्सा मिल सकटा है या वे ऋण लेकर नए आवास खरीदने के बारे में सोच सकते हैं. आठवें भाव में गुरु के साथ शुक्र के योग के कारण आपके ससुराल में अमन-चैन दिख रहा है. कुछ लोगों को ससुराल से भी कुछ धन मिल सकता है. आपको अभी भी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना है. इस महीने जीवन साथी के स्वास्थ्य में 17 के बाद सुधार अवश्य दिखेगा. पर 19 के बाद सूर्य और बुध के सातवें भाव में योग के कारण आपको अपने जीवन साथी के ईगो का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए उनसे उलझने से बचें. घर के बड़े-बुजुर्ग के स्वास्थ्य की विशेष केयर करें. यह महीना उनके लिए नाजुक हो सकता है. कुछ जातकों के जीवन में अचानक कोई प्रेम-प्रसंग उत्पन्न हो सकता है लेकिन इसके प्रति सावधान रहे क्योंकि ये खतरनाक हो सकता है. सामान्यतः छात्रों के लिए अभी भी स्थिति खराब ही है. राहु के पंचम में होने और कारक गुरु की आठवें भाव में स्थिति कठिनाई ही बता रही है. पढाई के लिए मानसिक शांति का अभाव बना रहेगा. प्राणायाम व मां की भक्ति ही कुछ राहत दे सकता है. लेकिन ये स्थिति अक्टूबर में बदल जाएगी. 

सावधानी:- 6-7 सितंबर को माता-पिता अपने बच्चों का खास ख्याल रखें और उनसे उलझें नहीं. 8-9 सितंबर को छठे चंद्र के गोचर के दौरान सावधान रहें. 12-14 सितंबर को आठवें चंद्र के गोचर के दौरान भी सावधानी आवश्यक है. इस दौरान किसी लंबी यात्रा पर जाने से बचें क्योंकि चंद्र व शुक्र की युति वाहन में दिक्कत बता रहे हैं. 22-24 सितंबर को व्यय भाव में चंद्र का गोचर सबसे ज्यादा अशुभ है. इस समय किसी तरह का निर्णय नहीं लें और शांत रहें. 

उपाय:- इस महीने श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर सफ़ेद वस्त्रों में माता देवकी और बाल कृष्ण की सफ़ेद मिठाइयों के साथ आराधना आपको फलेगी. स्थायी उपाय के रूप में मीन के जातक प्रत्येक गुरुवार को गुड़ व केसर मिश्रित जल सूर्य भगवान् को अर्पित करें. केसर की जगह हल्दी का उपयोग भी किया जा सकता है. पितरों का पक्ष शुरू हो रहा है इसलिए अपने पितरों का याद करना न भूलें. उन्हें जल से तर्पण करें और शाम में नैऋत्य कोण या रसोई घर में जल के स्थान पर तिल या सरसों के तेल का दिया जलाना नहीं भूलें.

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