पलपल संवाददाता, जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे में कर्मचारियों की समस्याएं लगातार विकराल रूप लेती जा रही हैं, उनकी समस्याओं की ओर प्रशासन गंभीर नहीं है. कर्मचारी समस्याओं के बोझ दले दबा हुआ है, जिसके चलते वह तनाव में काम करने मजबूर हो रहा है. इसलिए कर्मचारी की समस्याओं का हल होना आवश्यक है, वह भी निश्चित समय सीमा के भीतर. यह मांग पमरे के महाप्रबंधक सुनील सिंह सोइन के पमरे के कोटा मंडल में प्रथम आगमन पर पमरे एम्पलाइज यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने की. उन्होंने श्री सोइन को एक मांगपत्र भी सौंपा, जिसमें रेल कर्मियों की समस्याओं को विस्तार से बताया गया है.

ट्रेकमैनों-गेटमेनों के साथ लगातार हो रही मारपीट

इन समस्याओं में इंजीनियरिंग गेटमैनों/नाईट पेट्रोलिंग करने वाले ट्रेकमैनों के साथ आसामजिक तत्वों द्वारा की जा रही मारपिट व लूटपाट की घटनाओं के रोकथाम हेतु उचित कदम उठाने की मांग प्रमुखता से की गई. साथ ही रोड साईड स्टेशनों पर जहां ट्रेकमेन रहते हैं, वहां पर उनकी गैंगचालों एवं गेटों की हालत बहुत ही दयनीय है, उन गैंगचालों में बेसिक सुविधायें, जैसे पीने का पानी, लेटबाथ, बिजली की उचित व्यवस्था नहीं होने से ट्रेकमैन अपने परिवार को साथ भी नहीं रख सकते हैं, अत: एक विशेष निधि मुख्यालय से उपलब्ध करवाकर गैंगचालों एवं गेटों को अपग्रेड किया जाना चाहिये.

वहीं्  रेलवे बोर्ड द्वारा कीमैनों से ग्रीसिंग का कार्य नहीं कराने के लिये करेक्शन स्लिप तक जारी की जा चुकी है, परन्तु सिंगल एवं डबल लाईन पर अभी भी कीमेनों से यह कार्य करवाया जा रहा है. साथ ही साथ सिंगल लाईन पर कीमैन 16 किमी. आ-जा कर पूरा ग्रीसिंग का सामान लेकर कार्य कर रहा है, जिससे वह कार्य करने में सेफ नहीं है. इनकी बीट को भी रिव्यू किया जाये.

चिकित्सा व्यवस्था चरमराई, विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव

श्री गालव ने जीएम को बताया कि पमरे के कोटा मंडल पर रेलवे चिकित्सालय में फिजिशियन डाक्टर उपलब्ध नहीं होने की वजह से मरीजों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है. यथाशीघ्र मंडल रेलवे चिकित्सालय कोटा में फिजिशियन डाक्टर को पोस्ट करवाने के आदेश प्रदान किये जायें. रेलवे हॉस्पिटल एवं हेल्थ यूनिटों में सेवारत एवं सेवानिवृत रेलकर्मचारियों के लिये समुुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहंी है, जिससे रेलकर्मचारियों को बाहर महंगा इलाज कराने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है. रेलवे बोर्ड ने दिनांक 23 मार्च 2018 को भारतीय रेलवे के सभी महाप्रबंधकों को यह निर्देश दिये हैं कि आपातकालीन स्थिति जैसे रोड एक्सीडेंट इत्यादि में रेलकर्मचारी जहां पर सरकारी हॉस्पिटल नहीं है, उनका तत्काल इलाज प्राईवेट हॉस्पिटल/हेल्थ यूनिट में करवाने हेतु केशा इम्प्रेस्ट का प्रावधान किया जायें. साथ ही रोड साईड स्टेशनों पर जहां पर की रेल सर्विस नहीं है तथा चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, ऐसे स्टेशनों का चिन्हित कर रोड मोबाईल वैन के माध्यम से कॉन्टेक्ट बेसिस पर डाक्टर, पैरा मेडीकल स्टाफ, के द्वारा रेलकर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जावे.

टिकट चैकिंग स्टाफ के रेस्ट हाउस की व्यवस्था में हो सुधार

कोटा मंडल का चैकिंग स्टाफ जो कि निजामुद्दीन रतलाम, जयपुर, नागदा, आगरा फोर्ट, नई दिल्ली गाड़ी लेकर जाता है, इन रेस्ट हाउसों की हालत ठीक नहीं है, इसमें पीने का पानी, कुर्सी टेबिल, मच्छरदानी, इत्यादि तक उपलब्ध नहीं है. रेलवे बोर्ड द्वारा भी सभी रेलवेज को यह आदेश दिये कि टिकिट चैकिंग स्टाफ के रेस्ट हाउसों को वातानुकूलित करने, बेसिक सुविधायें उपलब्ध करवाने, खान-पान की उत्तम व्यवस्था कराने, पलंग गद्दे, लाईट, सर्वसुविधायुक्त टिकिट चैंकिंग स्टाफ के रेस्ट हाउस होना चाहिये जिससे टिकिट चैकिंग स्टाफ डयूटी के बाद पूर्ण विश्राम कर सके.

7वें वेतन आयोग के मुताबिक पीपीओ हो संशोधित

महाप्रबंधक श्री सोइन से एम्पलाइज यूनियन द्वारा जो मांगपत्र सौंपा गया, उसमें सातवें वेतन आयोग के रिपोर्ट अनुसार पीपीओ संशोधित कर एक प्रति कर्मचारी को व एक प्रति मुख्यालय पेंशन संधोधित करने हेतु भेजी गई है, परन्तु 6 माह बीत जाने के पश्चात भी कर्मचारियों को संशोधित पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है. इस हेतु शीघ्र संशोधित पेंशन भुगतान हेतु संबंधित को निर्देशित किया जाना चाहिये. इसके अलावा महाप्रबंधक से रेलवे कॉलोनियों की समस्याओ, मंडल पर रिक्तियां/ पदों के सृजन के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई.

महाप्रबंधक ने दिया मांग पूरा करने का आश्वासन, दिये निर्देश

पमरे एम्पलाइज यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि महाप्रबंधक श्री सोइन ने यूनियन के प्रतिनिधि मंडल की मांग पर सकारात्मक रुख जताते हुए जानकारी दी कि रोड साईड स्टेशनों पर रेलकर्मचारियों हेतु नये रेलवे आवास बनाये जाने हेतु 40 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हो गई है. इस राशि को यथाशीघ्र इन आवासों को बनाने हेतु खर्च की जायेगी.

इंजीनियरिंग स्टाफ के रहने हेतु मॉडयूलर क्वार्टर बनाये जाने हेतु भी प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये गये. इंजीनियरिंग गेटों पर कर्मचारियों के साथ हो रही मारपीट एवं लूटपाट की घटनाओं की रोकथाम के लिये ऐसे गेटों को चिहिन्त कर उन पर सीसीटीवी कैमरे लगाये जाने एवं उनका कनेक्शन आरपीएफ ऑफिस के किये जाने के निर्देश दिये गये. इंजीनियरिंग विभाग के कीमैन, जिन्हें उनके कार्य के अतिरिक्त क्रॉसिंग पोईन्टों पर ग्रिसिंग का कार्य करवाये जाने से हो रही दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु ब्रांच लाईन में भी अब दो कीमैन देने एवं आवश्यकता होने पर क्रासिंग पॉईटों की ग्रीसिंग का कार्य सामूहिक गैंग से करवाये जाने के निर्देश दिये गये, ताकि सुरक्षा एवं संरक्षा की जा सकें. टिकिट चेकिंग स्टाफ की रेस्ट हाउसों में कमेटी बनाकर समुचित आवश्यकताओं को पूर्ण करने के निर्देशों के साथ-साथ प्रथम चरण में निजामुद्दीन टिकिट चैकिंग स्टाफ को वातानुकूलित किये जाने एवं केयर टेकर लगाया जाने एवं खान-पान की सुनिश्चित करने के आदेश प्रदान किये गये.

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