जकार्ता. भारत के मंजीत सिंह ने 18 वें एशियन गेम्स में एथलेटिक्स में पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता. भारत के ही जे जॉनसन ने रजक पदक हासिल किया.

800 मीटर दौड़ में भारत का दबदबा रहा और मंजीत ने 1 मिनट 46.15 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता. जॉनसन ने 1 मिनट 46.35 सेकंड के साथ रजत पदक जीता. कतर के अबु बाकेर अब्देल्ला ने कांस्य पदक हासिल किया. 1962 के बाद पहली बार हुआ है कि भारत ने एथलेटिक्स की इस स्पर्धा में स्वर्ण और रजत दोनों अपने नाम किए.

भारत को 4 गुणा 400 मीटर मिक्स्ड रिले दौड़ में रजत पदक

भारत को 4 गुणा 400 मीटर मिक्स्ड रिले दौड़ में रजत पदक पर संतोष करना पड़ा. भारत ने 3 मिनट 15.71 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया. बहरीन ने 3 मिनट 11.89 सेकंड के स्वर्ण और कजाकिस्तान ने 3 मिनट 19.52 से. के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया. यह इवेंट पहली बार आयोजित किया गया. भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व मोहम्मद अनस, पूवम्मा, हिमा दास और राजीव अकोदिया ने किया.

दुती चंद 200 मीटर के फाइनल में

भारत की एथलीट दुती चंद ने महिला 200 मीटर दौड़ के फाइनल में प्रवेश किया. दुती ने सेमीफाइनल की पहली हिट में 23.00 सेकंड के साथ पहला स्थान हासिल किया. उन्होंने सेमीफाइनल की दोनों हिट्स में सर्वश्रेष्ठ समय निकाला. कजाकिस्तान की ओल्गा सेफ्रोनोवा 23.41 सेकंड के साथ सेमीफाइनल की दूसरी हिट में अव्वल रही. हिमा दास को फॉल्स स्टार्ट के कारण डिस्क्वालिफाई किया गया.

सूरिया और संजीवनी ने किया निराश

महिला 5000 मीटर दौड़ में भारतीय एथलीटों सूरिया लोगानाथन और संजीवनी जाधव ने निराश किया. सूरिया 15 मिनट 49.30 से. के साथ पांचवें और संजीवनी 15 मिनट 52.96 से. के साथ सातवें स्थान पर रहीं.

पिंकी को रजत और मालाप्रभा को कांस्य

भारत को कुराश के महिला वर्ग में एक रजत और एक कांस्य पदक मिला. 52 किग्रा वर्ग के फाइनल में उज्बेकिस्तान की गुलनार सुलेमानोवा ने भारत की पिंकी बलहारा को 10-0 से हराया. पिंकी को रजत पदक मिला. इससे पहले मालाप्रभा जाधव को सेमीफाइनल में गुलनार के हाथों हार झेलनी पड़ी और उन्हें कांस्य पदक पर संतोष करना पड़ा.

सिंधु फाइनल में पराजित, करना होगा रजत पर संतोष

बैडमिंटन में पहली बार एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचीं पीवी सिंधु गोल्ड से चूक गईं. फाइनल में उन्हें चीनी ताइपे की ताई जू यिंग ने मात दे दी. मैच में शुरू से ही यिंग का पलड़ा भारी था. इसी वजह से यिंग ने पहला सेट 21-13 से जीत लिया. पहला सेट जीतने के बाद यिंग ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और दूसरे सेट में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंधु को 21-16 से मात दे दी.

दुनिया की पहले नंबर की खिलाड़ी यिंग ने सिर्फ 34 मिनट में ही सिंधु को हरा दिया. वर्ल्ड नंबर वन ताई जू यिंग का पीवी सिंधु के खिलाफ रिकॉर्ड शानदार रहा है. यिंग ने सिंधु को जहां 10 बार हराया है, वहीं 4 बार जीत सिंधु की झोली में आई है. इससे पहले सिंधु एशियन गेम्स में बैडमिंटन फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनकर इतिहास रच चुकी थीं. इसलिए देश को उनसे गोल्ड की उम्मीद थी.

इससे पहले सेमीफाइनल में सिंधु ने सेमीफाइनल में दूसरे क्रम की जापान की अकाने यामागुची को तीन गेमों में हराया था, जबकि यिंग ने भारत की साइना नेहवाल को सीधे गेमों में शिकस्त दी थी.

सिंधु ने अंतिम बार यिंग को रियो ओलिंपिक में हराया था, जबकि यिंग ने उन्हें इसी साल जून में मलेशियन ओपन सेमीफाइनल में हराया था.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. माना की पीएम मोदी बहादुर हैं, पर प्रेस से क्यों दूर हैं?

2. कैशलेस पर भरोसा नहीं? लोगों के हाथ में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कैश

3. अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने मांगे 22 हजार अतिरिक्त जवान

4. कीनिया को रौंदकर भारत ने हीरो इंटर कांटिनेंटल फुटबॉल कप जीता

5. SCO समिट- भारत समेत कई देशों के बीच महत्वपूर्ण एग्रीमेंट, PM मोदी ने दिया सुरक्षा मंत्र

6. ट्रंप से मुलाकात के लिए उत्तर कोरिया से चाइना होते हुए सिंगापुर पहुंचे किम जोंग

7. उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने यूजीसी बड़े बदलाव की तैयारी में

8. सुपर 30 का दबदबा कायम आईआईटी प्रवेश परीक्षा में 26 छात्र सफल

9. रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्विनी लोहानी, भोपाल से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे.?

10. क्या आप भी पूजा-पाठ करने के लिए स्टील के लोटे का करते हैं इस्तेमाल?पहले जान लें ये बात

11. काम में मन नहीं लगता तो यह करें उपाय

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।