अहमदाबाद. अहमदाबाद में विशेष अदालत ने गोधरा कांड में दो लोगों को दोषी करार दिया है जबकि 3 लोगों को बरी कर दिया है. एसआईटी की विशेष अदालत ने एक मार्च 2011 को इस मामले में 31 लोगों को दोषी करार दिया था, जबकि 63 को बरी कर दिया था. इनमें 11 दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई जबकि 20 को उम्रकैद की सजा हुई. बाद में उच्च न्यायालय में कई अपील दायर कर दोषसिद्ध को चुनौती दी गई जबकि राज्य सरकार ने 63 लोगों को बरी किए जाने को चुनौती दी.

क्या था पूरा मामला

गौरतलब है कि गोधरा रेलवे स्टेशन पर 27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के एस-6 डिब्बे को जलाए जाने की घटना में 58 लोगों की मौत हो गई थी. मृतकों में 23 पुरुष, 15 महिलाएं और 20 बच्चे शामिल थे. इस घटना के बाद साल 2002 में ही गुजरात में बहुत बड़े स्तर पर दंगे भड़क गए थे. जानकारी के मुताबिक इन दंगों में लगभग 1 हजार लोगों की मौत हुई थी. हालांकि मरने वाले लोगों में विशेष समुदाय के लोगों की संख्या बहुत अधिक थी.

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