रविवार, 19 अगस्त 2018

शक सम्वत 1940 विलम्बी

विक्रम सम्वत 2075

काली सम्वत 5120

दिन काल 13:05:00

मास श्रावण

तिथि नवमी - 27:17:18 तक

नक्षत्र अनुराधा - 19:14:12 तक

करण बालव - 14:28:32 तक, कौलव - 27:17:18 तक

पक्ष शुक्ल

योग एन्द्र - 14:49:18 तक

सूर्योदय 05:52:08

सूर्यास्त 18:57:09

चन्द्र राशि वृश्चिक

चन्द्रोदय 13:37:59

चन्द्रास्त 24:37:00

ऋतु वर्षा

दिशा शूल: पश्चिम में

राहु काल वास: उत्तर में

नक्षत्र शूल: पूर्व में 19:14 से

चन्द्र वास: उत्तर में

* सूर्योपासना से मिलेगी प्रतिष्ठा, मिटेंगे अरिुथ-विकार, सिरदर्द, पित्त रोग, आत्मिक कमजोरी, नेत्र-दोष आदि विविध रोग!

* जब सूर्य अकारक होता है तो पिता के सहयोग का अभाव रहता है, जोड़ की हड्डी दर्द देती है, शरीर अकड़ता है, मुंह में बार-बार पानी आता है आदि.

* नियमित सूर्योपासना से समस्त ग्रहों से संबंधित दोष इसलिए समाप्त होते हैं कि सूय्रदेव सभी ग्रहों को ऊर्जा प्रदान करते हैं.

* सूर्य से संबंधित परेशानियों में निम्रलिखित उपाय करें, राहत मिलेगी...

* पिताश्री की सेवा करें एवं उनका शुभ आशीर्वाद प्राप्त करें, यदि पिता नहीं हों तो पितातुल्य व्यक्तियों का आशीर्वाद प्राप्त करें.

* हर कार्य करने से पहले मीठा खाएं.

* विष्णुदेव की पूजा-अर्चना करें.

* सूर्य को मिश्रीयुक्त जल अर्पित करें. 

* आदित्य-ह्रदय स्तोत्र का पाठ करें.

* अनामिका अंगुली में माणिक्य धारण करें, लेकिन इसके शुभाशुभ प्रभाव जानने के बाद ही धारण करें.

* अकारक सूर्य हो तो माणिक्य, गेंहू, गुड़, लाल-वस्त्र, लाल-चंदन, तांबा, स्वर्ण आदि यथाशक्ति रविवार को दान करें.

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

वृषभ, मिथुन, कन्या, 

वृश्चिक, मकर, कुम्भ

*मेष राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

रविवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा          रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- उद्वेग                पहला- शुभ

दूसरा- चर                  दूसरा- अमृत

तीसरा- लाभ                 तीसरा- चर

चौथा- अमृत                 चौथा- रोग

पांचवां- काल                पांचवां- काल

छठा- शुभ                   छठा- लाभ

सातवां- रोग                सातवां- उद्वेग

आठवां- उद्वेग               आठवां- शुभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

* प्रदीप श्रीदवे, कमलाश्री आश्रम, वागड़ 

ppirajasthannews'gmail.com

* 9772354346

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