बेस्ट आॅफ हनीमनी. मानव शरीर पर ज्यादा बाल हो तो वह परेशानी का कारण बन जाते हैं और बाल नहीं हों तो भी परेशानी होती है. दोनों ही परिस्थितियों में विचार-विमर्श और समाधान के तरीके खोजने का प्रयास निरंतर जारी रहता है. बालों की क्वालिटी व हेयर स्टाइल यदि बेहतर हो तो आत्म विश्वास बढ़ता है. अन्यथा कुछ भी अच्छा नहीं लगता है. बालों को स्वच्छ और सुंदर रखने का भी इतिहास है. हम पुरानी सभ्यताओं, जातियों व समाजों की ओर मुड कर देखें तो हर दौर में बदलाव नजर आते हैं. सामाजिक व आर्थिक विकास के साथ-साथ सौंदर्य का क्षेत्र भी विकसित होने लगा कि बालों को किस तरह साफ रखना चाहिए व कैसे रखना चाहिए?

यह जरूरत, अनुभव व प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता के अुनसार नदियों के किनारे की मिट्टी, काली मिट्टी, मुल्तानी मिट्टी, आंवला, अरीठा, शिकाकाई आदि का इस्तेमाल होने लगा और आज भी ज्यादातर ग्रामीण महिलाएं प्राकृतिक हेयर क्लींजर का ही इस्तेमाल करती हैं. यहां तक कि शहरी क्षेत्रों में भी यह उत्पाद काम में लिए जाते हैं. जो वास्तव में बालों को स्वस्थ्य और सुंदर बनाने में सहायक हैं.

इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के द्वारा फिल्म कलाकार व मॉडल्स आपको यह कहते हुए मिल जाएंगे कि आपको यह शैंपू इस्तेमाल करना चाहिए और इसका इस्तेमाल हम भी कर रहे हैं. हमारे बालों की सुंदरता व सफलता का राज यही शैंपू है.

* जब से ग्लोबलाइजेशन का दौर आरंभ हुआ है, ब्यूटी प्रोडक्ट्स की बाढ़ आ गई है. सौंदर्य प्रसाधन व उत्पाद एक विशाल उद्योग का रूप ले चुके हैं. 

* वह भी ऐसे देश में जहां की जनसंख्या बढ़ती जा रही है और शिक्षा व वैज्ञानिक चिंतन की बेहद कमी है.

* इस तरह की परिस्थितियों में हम देखते हैं तो शैंपू का उत्पाद करने वाली स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अनगिनत कंपनियां हैं जो अपनी योग्यता और रिसर्च के अनुसार  कई तरह के शैंपू बनाती है. 

अब, क्या तरीका हो? जिससे एक आम आदमी समझ पाए कि उसके बालों के लिए कौनसा शैंपू ठीक है. बहुत ही मुश्किल है चुनाव करना, जब अशिक्षा हो, चेतना पर विज्ञापन, हॉलीवुड व बॉलीवुड का असर हो, मंदी के हालातों में ढेर सारे लालच व आर्थिक लाभ देने वाले ऑफर हों या फिर परिवार के लिए एक कॉम्बो पैक की जरूरत हो.

देश का बहुसंख्यक आज भी प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग करता है, या फिर साबुन से ही हैडवॉश किया जाता है. हम शहरी व शिक्षित जन की बात करते हैं तो वो भी शैंपू के लिए हेयर एक्सपर्ट से बात नहीं करके अपने पंसदीदा मॉडल्स की बात मानते हैं, या फिर किसी ऑफर, फ्रेंड्स की राय या फिर खूबसूरत पैकिंग को प्राथमिकता देते हैं.

दूसरी ओर शिक्षित तबके के कुछ लोग भी शैंपू करने को उचित नहीं मानते हैं. वे किसी अच्छे साबुन से ही हैडवॉश लेते हैं. ज्यादातर महिलाएं समय की बचत करने की मानसिकता के चलते शैंपू अच्छी तरह नहीं कर पाती हैं और लंबे बाल अच्छी तरह साफ नहीं होते हैं. वैसे भी हमारी पुरानी परंपराओं की ओर ध्यान दें  तो महिलाओं के लिए हैडवॉश करने के दिन भी निश्चित होते थे. शिक्षा के प्रसार तथा सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी के चलते उत्पाद की विशेषताओं को समझने की योग्यता में बहुत बड़ा परिवर्तन आया है. महिलाओं का एक हिस्सा सैलून या ब्यूटी पार्लर चला रहा है तथा आम जनता में जागृति पैदा करने के लिए कार्यरत है. यही वह समूह है, जो अपनी सकारात्मक भूमिका निभाकर हैड वॉश के नवीनतम तरीकों को हर वर्ग तक ले जा रहा है. हैड वॉश करने का तरीका

* सूखे बालों में ब्रश करें.

* गुनगुने व नॉर्मल पानी से बाल गीले करें.

* बालों के प्रकार व वर्तमान स्थिति के अनुसार चयन किए गए शैंपू को हैड में लगा कर मसाज करें व लेंथ तक लेकर जाएं.

* यह प्रक्रिया दो या तीन बार भी दोहराई जा सकती है. जब तक बाल साफ नहीं हो जाते.

* बालों से जब पानी गिरना बंद हो जाए तो मीडियम लेंंथ व एंड्स में कंडीशनर या हेयर मास्क लगा सकते हैं.

* कंडीशनर को 5 मिनट तक व मास्क को 8 से 10 मिनट तक रखें व बालों को हल्के-हल्के मसाज देते रहें.

* समय होने पर नॉर्मल वॉटर से कंडीशनर अच्छी तरह निकाल दें.

* बालों को टॉवल से ड्राय करें. फिर फिंगर ड्राय करें. सीलिंग फैन ड्राय और ब्लोड्राय भी कर सकते हैं (बालों को गीला नहीं छोड़ें)

* बालों में चमक व सॉफ्ट रखने तथा अल्ट्रा वायलेट रेंज से बचाने के लिए हेयर सिरम लगाएं.

शैंपू के प्रकार- बालों के अनुसार शैंपू का चयन

*ड्राय हेयर शैंपू- आपके बाल ड्राय हैं.

*ऑयली हेयर शैंपू- तैलीय हैं.

*नॉर्मल हेयर शैंपू- नॉर्मल हैं.

*कलर प्रोटेक्शन शैंपूू- कलर लगाते हैं.

*वॉल्यूम शैंपू- रिबोंडिंग या स्टे्रेटनिंग कराई है.

*वाल्यूम कंट्रोल शैंपूू- पर्मिंग की है.

*एनर्जी शैंपू- चमक चाहते हैं.

*शाइनी शैंपू- नेचुरल ड्राय हैं.

*स्टे्रट कंट्रोल शैंपू- केमिकली ड्राय.

*हर्बल शैंपू- हेयर फॉल हैं.

*प्रोटीन शैंपू- बाल पतले हैं.

*टीयर फ्री शैंपू- बाल घने हैं, उन्हें कंट्रोल करना है.

*डेंड्रफ कंट्रोल शैंपू- डेंड्रफ हैं.

*डीप क्लींजर शैंपू - डेंड्रफ के साथ ड्राय हैं.

- लेखक जानेमाने हेयर एक्सपर्ट हैं.

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