इनदिनों. राजस्थान में कांग्रेस पिछले उपचुनावों की कामयाबी में ही डूबी हुई है और उसे लग रहा है कि वह माहौल अगले चुनाव तक नहीं बदलेगा? और तब राजस्थान की सत्ता उनके पास होगी! 

राजनीतिक प्रबंधन के मामले में भाजपा, कांग्रेस से कईं कदम आगे हैं, लिहाजा जैसे ही भाजपा को बदले हुए सियासी माहौल का अहसास हुआ, उसने अघोषित सुधार अभियान शुरू कर दिया? सीएम राजे की गौरव यात्रा पर राजस्थान के कांग्रेसी नेता भले ही धारदार बयान जारी कर रहे हों, लेकिन यदि गौरव यात्रा को मिल रहे समर्थन पर नजर डालेंगे तो समझ में आएगा कि उपचुनाव के बाद किए गए भाजपा के प्रयास अब असर दिखाने लगे हैं!

ऐसा नहीं है कि राजस्थान में भाजपा के लिए संगठनात्मक परेशानियां नहीं थी, जहां नए प्रदेशाध्यक्ष को लेकर केन्द्र और प्रदेश में असहमति थी, तो सीएम वसुंधरा राजे और पूर्व मंत्री ब्राह्मण नेता घनश्याम तिवाड़ी को लेकर भी केन्द्रीय भाजपा उलझन में थी, लेकिन इस संबंध में साफ फैसला करके प्रदेश का नेतृत्व सीएम वसुंधरा राजे को सौप दिया गया? अब राजस्थान में भाजपा जीते या हारे? सीएम वसुंधरा राजे पर है!

आजादी के बाद से ही राजस्थान की प्रादेशिक सत्ता में ब्राह्मणों का दबदबा रहा और कई ब्राह्मण नेता विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष तौर पर चाणक्य की भूमिका निभाते रहे! प्रदेश के ज्यादातर ब्राह्मण कांग्रेस के साथ थे, लेकिन कांग्रेस की कथित तुष्टीकरण की नीति के चलते बीसवीं सदी के उत्तरार्ध से ब्राह्मण भाजपा की ओर बढ़े लगे, नतीजा? पिछले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में ब्राह्मणों ने भाजपा का पूरा-पूरा साथ दिया और भाजपा ने कामयाबी का परचम लहराया!

लेकिन... बड़े ब्राह्मण नेता घनश्याम तिवाड़ी के भाजपा से अलग होने के बाद एक बार फिर भाजपा के सामने ब्राह्मण वोट सवाल बन गए? इस स्थिति को समझते हुए भाजपा ने ब्राह्मणों का साथ बनाए रखने के लिए अपने दूसरे ब्राह्मण नेताओं को आगे करना शुरू कर दिया, खासकर राजस्थान देवस्थान बोर्ड के अध्यक्ष और राजस्थान ब्राह्मण महासभा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एसडी शर्मा की जिम्मेदारी बढऩे लगी!

याद रहे, देवस्थान बोर्ड अध्यक्ष के रूप में अपना एक कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा अध्यक्ष बनाये गये शर्मा ने इन वर्षों में अधिकतम देवालयों को बेहतर और आधुनिक तकनीक से युक्त बनाने पर अपना ध्यान केन्द्रीत किया, जिसके नतीजे में न केवल उनका प्रभाव क्षेत्र बढ़ा, वरन उनकी पकड़ पूरे राजस्थान में बनी! 

एसडी शर्मा का महत्व इसलिए भी बढ़ा कि वे सीएम वसुंधरा राजे के करीबी और विश्वसनीय माने जाते हैं, राजस्थान गौरव यात्रा में भी वे अपनी विशेष भूमिका निभा रहे हैं.

उधर, कांग्रेस के प्रादेशिक संगठन में गुटबाजी रंग दिखा रही है? क्योंकि, सीएम फेस घोषित नहीं किया गया है, इसलिए सभी दावेदार कांग्रेस की जीत के बजाए अपने पक्ष की अधिक-से-अधिक सीटों और जीत के लिए सक्रिय हैं! जहां सीएम पद के दावेदार नेता अघोषित उम्मीदवारी पेश कर रहे हैं वहीं समर्थक प्रत्यक्ष समर्थन कर रहे हैं? नतीजा... गुटबाजी और भितरघात की आशंका बढ़ती जा रही है!

राजस्थान में कांग्रेस का देव-दर्शन अभियान भी उतना प्रभावी इसलिए नहीं रहेगा कि इस मोर्चे पर खुद सीएम वसुंधरा राजे शुरू से ही सक्रिय हैं और राजस्थान देवस्थान बोर्ड के अध्यक्ष एसडी शर्मा इस क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत हैं?

बहरहाल, भाजपा का सुधार अभियान रंग दिखाने लगा है, लेकिन कांग्रेस अभी भी अपनी संगठनात्मक आंतरिक उलझनों से बाहर नहीं निकल पा रही है? यदि कांग्रेस, भाजपा की ओर से बढ़ रही नई चुनौतियों को समझने और सामना करने में कामयाब नहीं रही तो राजस्थान में सत्ता का कांग्रेसी सपना, साकार होते-होते रह जाएगा!

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. माना की पीएम मोदी बहादुर हैं, पर प्रेस से क्यों दूर हैं?

2. कैशलेस पर भरोसा नहीं? लोगों के हाथ में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कैश

3. अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने मांगे 22 हजार अतिरिक्त जवान

4. कीनिया को रौंदकर भारत ने हीरो इंटर कांटिनेंटल फुटबॉल कप जीता

5. SCO समिट- भारत समेत कई देशों के बीच महत्वपूर्ण एग्रीमेंट, PM मोदी ने दिया सुरक्षा मंत्र

6. ट्रंप से मुलाकात के लिए उत्तर कोरिया से चाइना होते हुए सिंगापुर पहुंचे किम जोंग

7. उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने यूजीसी बड़े बदलाव की तैयारी में

8. सुपर 30 का दबदबा कायम आईआईटी प्रवेश परीक्षा में 26 छात्र सफल

9. रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्विनी लोहानी, भोपाल से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे.?

10. क्या आप भी पूजा-पाठ करने के लिए स्टील के लोटे का करते हैं इस्तेमाल?पहले जान लें ये बात

11. काम में मन नहीं लगता तो यह करें उपाय

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।