शनिवार, 28 जुलाई 2018

शक सम्वत 1940 विलम्बी

विक्रम सम्वत 2075

काली सम्वत 5120

दिन काल 13:35:02

मास श्रावण

तिथि प्रतिपदा - 28:22:21 तक

नक्षत्र श्रवण - 27:37:33 तक

करण बालव - 15:08:16 तक, कौलव - 28:22:21 तक

पक्ष कृष्ण

योग प्रीति - 11:58:32 तक

सूर्योदय 05:39:57

सूर्यास्त 19:14:59

चन्द्र राशि मकर

चन्द्रोदय 19:41:00

चन्द्रास्त 05:52:00

ऋतु वर्षा

दिशा शूल: पूर्व में

राहु काल वास: पूर्व में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: दक्षिण में

सावन का महीना!

देवों के देव महादेव और देवी गौरी का शुभ आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सावन का महीना सर्वोत्तम समय है तो इस दौरान पूजा-व्रत-साधना का शुभ फल अनंत है!

श्रावण सोमवार, मंगला गौरी आदि व्रत इसीे महीने में किये जाते हैं. शिवभक्त इस दौरान कई उत्तम संकल्प लेते हैं.

श्रावण माह में हर सोमवार का अलग महत्व है तो हर मंगलवार को महिलाओं के लिए मंगला गौरी का व्रत विशेेष है. मंगला गौरी व्रत से महिलाएं देवी गौरी से पारिवारिक जीवन में संपूर्ण सुख का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं. 

देश में पूर्णिमा को समाप्त होनेवाले महीने और अमावास्या को समाप्त होनेवाले महीने के सापेक्ष अलग-अलग श्रावण माह होता है. पूर्णिमांत का श्रावण माह 28 जुलाई 2018 से प्रारंभ हो रहा है. इसलिए जो श्रद्धालु पूर्णिमांत की मान्यता से चलते हैं वे श्रावण माह की पूजा-अर्चना आरंभ कर सकते हैं...

*श्रीशिवशंकर द्वादशनामावलि... 

ओम सोमनाथाय नम:.

ओम मल्लिकार्जुनाय नम:.

ओम महाकालेश्वराय नम:.

ओम ओम्कारेश्वराय नम:.

ओम वैद्यनाथाय नम:.

ओम भीमाशंकराय नम:.

ओम रामेश्वराय नम:.

ओम नागेश्वराय नम:.

ओम विश्वनाथाय नम:.

ओम त्रयम्बकेश्वराय नम:.

ओम केदारनाथाय नम:.

ओम घृष्णेश्वराय नम:.

ये बारह नाम जन्म कुंडली के बारह भावों का सुख देते हैं!

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मेष, कर्क, सिंह, 

वृश्चिक, मकर, मीन

*मिथुन राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

- शनिवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा       रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- काल              पहला- लाभ

दूसरा- शुभ              दूसरा- उद्वेग

तीसरा- रोग              तीसरा- शुभ

चौथा- उद्वेग             चौथा- अमृ

पांचवां- चर               पांचवां- चर

छठा- लाभ                छठा- रोग

सातवां- अमृत            सातवां- काल

आठवां- काल             आठवां- लाभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है! 

* प्रदीप श्रीदवे (9772354346) कमलाश्री आश्रम, वागड़

panditshreepradeep'gmail.com

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