रेगिस्तान में धान उगाना, बालू से तेल निकालने से कम नहीं था, लेकिन एक भारतीय किसान ने संयुक्त अरब अमीरात की धरती पर यह कारनामा कर दिखाया जो कि किसी कल्पना से कम नहीं था. यही नहीं अभी हाल ही में उन्होंने करी पेड़ के 4,914 पौधे वितरित करके विश्व रिकॉर्ड बनाया है. 

केरल के एक इंजीनियर ने खाड़ी देश में यह कारनामा करके दिखाया है. उन्होंने खेती में अपना 100 प्रतिशत देकर यह साबित कर दिया है कि अगर व्यक्ति खेती को उत्साह पूर्वक करे तो फिर क्या नहीं हासिल कर सकता है. आज वह संयुक्त अरब अमीरात में वह सभी फसल उगा रहे हैं जो कि भारत में उगाई जाती है.  

केरल के रहने वाले सुधीश गुरुवायूर 1997 में इंजीनियरिंग करने के बाद खाड़ी देश चले गए थे. यहां पर आने के बाद उन्होंने काम करने के साथ ही खेती शुरू की. शुरुआत में उन्होंने यहां पर गेहूं की खेती की. इसके बाद धीरे-धीरे उनकी रूचि दूसरी फसलों की तरफ बढ़ी. उन्होंने रेगिस्तान की मिट्टी में आधुनिक कृषि पद्धति का प्रयोग करके अच्छी फसल उगाई. पिछले माह इस इंजीनियर ने करी पेड़ के 4914 पौधे वितरित करके पर्यावरण को सरंक्षित करने की तरफ कदम बढ़ाएं. 

उन्होंने गुरु नानक दरबार (गुरुद्वारा) के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. बता दें कि गुरु नानक दरबार ने मार्च में दिल्ली प्राइवेट स्कूल के छात्रों को पेड़ों की तीन किस्मों के 2,083 पौधे वितरित किए थे. पर्यावरण दिवस के मौके पर वितरित किए गए पौधों का यह अपने आप में रिकॉर्ड था. 

यूएई के संस्थापक की याद में मनाया जा रहा वर्ष

शारजाह में इंडियन स्कूल के छात्रों के बीच लगभग 4 9 14 कार्बनिक रूप से उगाए गए करी पेड़ को वितरित किया गया. बता दें कि यूई में 2018 को जायद के वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जो शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान की याद में है. वह संयुक्त अरब अमीरात के संस्थापक पिता थे. गिनीज रिकॉर्ड बनाने के बाद सुदीश ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राष्ट्र के पिता के ग्रीन विजन को आगे बढ़ाना था. उन्होंने कहा कि भारत के करी पेड़ के पौधे को इसलिए चुना था क्योंकि करी पत्तियां खाने को स्वादिष्ट बना सकती हैं. 

2012 में सबसे लम्बी भिंडी उगाकर बनाया था रिकॉर्ड

2012 में, उन्होंने अपने रसोईघर के बगीचे में सबसे लंबी 41.91 सेमी की भिंडी उगाकर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी. यही नहीं इसके अलावा उन्होंने पौधे की तुलना में तीन गुना लंबा फलों के साथ 'सबसे छोटी भिंडी (3.81 सेमी) के पौधे का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है. 

2014 में पहली बार उगाना शुरू किया धान

सुधीश कुमार ने पहली बार 2014 में धान के पौधरोपण का प्रयास किया. उनके खेती के प्रयास को शारजाह इलेक्ट्रिकल और वाटर अथॉरिटी ने पूरी तरह से समर्थित किया. कम्पनी का सहयोग मिलने के बाद एक बार फिर से रिकॉर्ड बनाने में जुट गए. पौधों को उगाने के दो साल बाद शारजाह में तीन भारतीय स्कूलों के छात्रों को अपने पहले धान फेस्टिवल में आने का मौका दिया था ताकि वे भी मरूस्थल में उगाए गए धान का अनुभव प्राप्त कर सकें. सुधीश अब शारजाह में अपने उद्यम ग्रीन लाइफ ऑर्गेनिक फार्मिंग के माध्यम से कार्बनिक कृषि सेवाएं प्रदान कर रहे हैं. 

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