हर इंसान के अंदर उसके भविष्य को जानने अथवा उसका स्वभाव जानने कि उत्सुकता निरंतर बनी रहती है. आज हम शास्त्र के माध्यम से कुछ ऐसी ही रोचक जानकारी लेकर आये हैं, जिसे हर कोई जानने को इच्छुक रहता है. यहां पर हम बात कर रहे हैं मानव के स्वभाव की, जो उसी के शरीर पर मौजूद तिल (Mole) के माध्यम से जाना जा सकता है.

मानव जीवन में तिल का महत्व:

# सामुद्रिक शास्त्र में दी गई जानकारी के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के मस्तिष्क पर तिल है, तो वह बहुत समझदार और तार्किक होता है.

# वहीं अगर किसी की हथेली पर तिल है, तो वह बहुत धनवान होता है. ऐसे व्यक्ति के पास पैसे की कमी नहीं रहती.

# जिस व्यक्ति के पांव के नीचे तिल का निशान है, तो उसे जिंदगी में घूमने के बहुत मौके मिलते हैं. अगर किसी के पेट पर तिल है, तो उसे सारी जिंदगी बहुत स्वादिष्ट भोजन मिलता है.

आइये जानतें है शरीर पर तिल होने का फल

शरीर पर विभिन्न अंगों पर तिल विचार

माथे पर –  बलवान होना.

माथे के दाहिनी ओर –  धन हमेशा बढ़ता रहेगा.

माथे के बायीं ओर  जीवन में संकटों की अधिकता रह सकती है.

ठुड्डी पर –  स्त्री से प्रेम न रहे, स्त्री से मनमुटाव रहे.

दोनों भौहों पर –  अधिकांश समय यात्रा में बितेगा.

दाहिनी आंख –  पराई स्त्री से प्रेम होना ,अच्छे प्रेम संबंध होना.

बायीं आंख पर –  स्त्री से कलह होना ,घोर चिंता और दुख मिल सकता है.

दाहिनी गाल पर –  धनवान, किन्तु घमंडी होना .

बायीं गाल पर –  खर्च बढता रहे.

होंठ पर –  विषय–वासना में रमा रहे, कामुक हो.

होंठ के नीचे –  निर्धनता हो सकती है.

बाएँ कान के सामने की –  व्यक्ति रहस्यमयी होता है, ऐसे व्यक्ति का विवाह अधिक उम्र में.

बाएँ कान के पीछे –  व्यक्ति के ग़लत कार्यो के प्रति झुकाव हो.

दाँए कान के सामने –  व्यक्ति बहुत कम आयु में ही धनवान होना व्यक्ति का जीवन साथी सुंदर .

दाँए कान के पीछे –  कान में किसी भी प्रकार के रोग होने की सम्भावना .

गर्दन पर –  ऐशों आराम मिले.

कंठ पर –  सुरीली आवाज़ का सूचक, संगीत में रूचि .

गले पर और कहीं भी –  संगीत के शौक़ीन होते हैं परन्तु गले सम्बंधित रोग की भी सम्भावना बनती है.

गले के पीछे –  रीढ़ सम्बंधित रोग हो सकते है.

दाहिनी भुजा पर –  मान–प्रतिष्ठा प्राप्त हो.

बायीं भुजा पर –  झगडालू होना.

कोहनी पर तिल –  ज्ञान प्राप्त हो.

दायें कन्धे पर तिल –  जातक बात का धनी, स्वाभिमानी होता है.

बाएं कन्धे पर तिल –  जातक तुनकमिजाज, जल्दी गुस्सा करने वाला होता है.

हाथ के अँगूठे पर तिल –  जातक मिलनसार, सच्चा होता है.

हाथ की तर्जनी ऊँगली पर तिल –  धन और यश प्राप्त होता है.

हाथ की मध्यमा (बीच की उँगली पर तिल)-  उत्तम लाभ, जीवन में सुख मिले.

हाथ की अनामिका ऊँगली पर तिल –  धन, यश ज्ञान की प्राप्ति हो.

हाथ की सबसे छोटी ऊँगली पर तिल –  जीवन में धन तो हो पर सुख में कमी रहे

नाक पर –  यात्रा बहुत हो.

नाक के अग्र भाग पर –  लक्ष्य बना कर चलने वाला हो, विपरीत लिंग के प्रति आकर्षित होना.

नाक के नीचे (मूछ वाली जगह )कहीं भी –  व्यक्ति विलासी होगा तथा नींद बहुत अधिक पसंद करेगा.

नाक के दाहिने हिस्से पर तिल –  जीवन में सुख मिले धन सम्पति की कमी ना हो

नाक के बाएं हिस्से पर तिल –  जीवन में संघर्ष हो, सफलता में अड़चने आये.

दाहिनी छाती पर –  सुन्दर जीवन साथी मिले, दाम्पत्य जीवन सुखमय हो, धन लाभ भी बने.

दाहिनी वक्ष पर –  जातक कामुक हो, इन्द्रियों को वश में रखे वर्ना बदनामी होने की संभावना.

बायीं छाती पर –  हर्दय सम्बन्धी रोगों की सम्भावना, देर से शादी, स्त्री से मनमुटाव की आशंका.

बाएँ वक्ष पर –  जातक कामुक हो, इन्द्रियों को वश में रखे वर्ना बदनामी होने की संभावना. (दोनों वक्षों पर तिल का एक ही प्रभाव है.)

दोनों छाती के बीच –  जीवन सुखी रहे.

पेट पर –  उत्तम भोजन का इच्छुक 

पेट के बीचो बीच –  डरपोक होगा.

पीठ पर –  ज्यादातर यात्रा करनी पड़े.

कमर में –  उम्र परेशानी में गुजरे.

पुरूष के गुप्तांग पर –  पुरूष अधिक कामुक एवं एक से अधिक स्त्रियों से संपर्क में रहता है. शिथिल इन्द्रियों के रोग की सम्भावना|

स्त्री के गुप्तांग पर यदि बाएँ तरफ़ –  स्त्री अधिक कामुक हो , कम आयु से ही विपरीत लिंग के संपर्क में रहे अथवा इन्द्रियों सम्बंधित रोगों से पीड़ा की सम्भावना.ऐसी स्त्रियाँ कन्या को अधिक जनम दें.

स्त्री के गुप्तांग पर यदि दाँए तरफ़ –  यह भी अधिक कामुक होए, गुप्तांग में किसी प्रकार के रोग की आशंका. ऐसी स्त्रियाँ कन्या से अधिक पुत्र को जनम देती दें.

दाहिने हथेली पर –  बलवान हो.

बायीं हथेली पर –  खूब खर्च करे,लेकिन ज्यादातर धन व्यर्थ जाये.

दाहिने हाथ की पीठ पर –  धनवान हो.

बाएं हाथ की पीठ पर –  कम खर्च करे.

दाहिने पैर में –  बुद्धिमान हो.

बाएं पैर में –  खर्च अधिक हो.

पांव के तलवे में अंगूठे पर तिल –  खाँसी, कफ, दमा, टी.बी. की सम्भावना हो सकती है.

पैरों के तलवों में ऊपर की ओर तिल –  आंत्र रोग से परेशानी हो.

पैर के तलवों के मध्य तिल –  किडनी, मूत्ररोग से संबंधित रोग होने की संभावना.

दायें पांव के अंगूठे के पास वाली अंगुली पर तिल –  दाईं आंख में रोग की आशंका.

बाएं पांव के अंगूठे के पास वाली अंगुली पर तिल –  बाईं आंख में रोग का खतरा.

एड़ी पर तिल –  यात्राओं से लाभ मिले.

घुटने पर –  जोडो के दर्द, अस्थि रोगों की संभावना.

कलाई पर –  ऐसे व्यक्ति को यश नही मिलता है. व्यक्ति को पुत्र कष्ट भी होता है.

दाँए कांख बगल में –  व्यक्ति बहुत धनवान किन्तु कंजूस भी होए.

बाएँ कांख बगल में –  खूब धन कमायें लेकिन रोग और भोग में धन की बर्बादी.

बाएँ कूल्हे (हिप्स) पर –  व्यक्ति को बवासीर, भगंदर सम्बन्धी रोगों की सम्भावना.

दाँए कूल्हे (हिप्स) पर –  व्यक्ति अपने व्यापार में बहुत आगे जाये.

ध्यान रहे तिल का प्रभाव स्त्री एवं पुरूष दोनों के लिए एक समान ही होता है.

*ज्योतिषाचार्य रवि व्यास

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


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