ज्योतिष में हमारी हर परेशानियों का समाधान आसानी से मिल जाता है अगर हमारे ऊपर ग्रह दोष होता है हमारा पूरा जीवन परेशानियों से भर जाता है. स्नान करते समय गुरू मंत्र, स्तोत्र, कीर्तन, भजन या भगवान के नाम का जाप करें ऐसा करने से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है.

आज के बदलते परिवेश में लोग खा पीकर स्नान करते हैं जो कि शास्त्रों के अनुरूप नहीं है. स्नान की एक विशेष विधि है. सर्वप्रथम स्नान करते समय सिर पर पानी डालें बाद में पूरे शरीर पर. इसके पीछे अध्यात्मिक ही नहीं वैज्ञानिक कारण भी हैं. ऐसे नहाने से सिर और शरीर के ऊपरी भागों की गर्मी पैरों के माध्यम से निकल जाती है.

ज्योतिष के अनुसार प्रतिदिन काले तिल मिला कर नहाना एक प्राचीन उपाय है जिसे  करने वाले व्यक्ति का भाग्य प्रबल होता है, दरिद्रता उसे कोसो दूर भागती है और स्वास्थ्य लाभ मिलता है.

प्रातःकाल किया गया स्नान असीम सुख देने वाला माना गया है. रात्रि को सोते वक्त कुछ लोगों के मुंह से निरंतर लार टपकती रहती है, जिससे पूरा शरीर अशुद्ध हो जाता है. ऐसी लोगों को प्रातकाल: उठते ही स्नान कर लेना चाहिए.

4 प्रकार के होते हैं स्नान 

ब्रह्म स्नानजो लोग सुबह लगभग 4-5 बजे भगवान का नाम लेते हुए स्नान करते हैं उसे ब्रह्म स्नान कहते हैं. ऐसा स्नान करने से जीवन में सुख व खुशियों का समावेश होता है.

देव स्नान: सूर्योदय के उपरांत स्नान करने वाले विभिन्न नदियों के नामों का जाप करें ऐसा स्नान देव स्नान कहलाता है. ऐसे स्नान से जीवन में आने वाली सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं.

दानव स्नानचाय अथवा भोजन करने के उपरांत स्नान करने को दानव स्नान कहा जाता है. जिससे की जीवन में घोर विपत्तियों का सामना करना पड़ता है.

यौगिक स्नान: योग के माध्यम से अपने इष्ट का चिंतन और ध्यान करते हुए जो स्नान किया जाता है वह यौगिक स्नान कहलाता है. यौगिक स्नान को आत्मतीर्थ भी कहा जाता है क्योंकि ऐसा स्नान तीर्थ यात्रा करने के समान होता है.

लेकिन केवल नहाने से ग्रह दोषो से मुक्ति मिल सकती है आज हम आपको ज्योतिष की कुछ बाते बताते है जिसके अनुसार अगर इंसान पानी में ये चीजे मिलाकर  नहायेगा तो उसके सभी ग्रह दोष ठीक हो जायेंगे. 

चंद्र :

अगर चंद्र के अशुभ प्रभाव  को कम करना है तो रोज नहाने के पानी में पंचगव्य, श्वेत चन्दन एवं सफ़ेद पुष्प मिलाकर नहाने से लाभ होता है. 

सूर्य :

सूर्य के दोष को खत्म करना है तो रोज नहाने के पानी में  इलायची,केसर,रक्त-चन्दन,मुलेठी एवं लाल पुष्प मिलाकर नहाने से फायदा  मिलेगा. 

मंगल :

मंगल ग्रह दोष को खत्म करने के लिए नहाने के पानी में रक्त-चन्दन,जटामांसी,हींग व लाल पुष्प मिलाकर नहाये. 

गुरु :

बृहस्पति के दोष के प्रभाव को कम करने के लिए नहाने के पानी में हल्दी,शहद,गिलोय,मुलेठी एवं चमेली के पुष्प मिलाकर नहाने से फायदा मिलेगा. नवग्रह 

बुध :

बुध के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए रोज नहाने के पानी में गोरोचन,शहद,जायफ़ल एवं अक्षत मिलाकर स्नान करे. 

शुक्र :

शुक्र के दोष को खत्म करने के लिए नहाने के पानी में जायफ़ल, सफ़ेद इलायची,श्वेत चन्दन एवं दूध मिलाकर नहाये अवशय लाभ मिलेगा. 

शनि :

शनि के दोष से मुक्ति पाने के लिए रोज नहाने के पानी में  सौंफ़, खसखस, काले तिल एवं सुरमा मिलाकर नहाये शनि प्रशन्न हो जायेंगे. 

राहु :

राहु के दोष को खत्म करने के लिए रोज नहाने के पानी में कस्तूरी,गजदन्त,लोबान एवं दूर्वा मिलाकर नहाये. 

केतु :

केतु के ग्रह दोष को खत्म करने के लिए रोज नहाने के पानी में रक्त चन्दन एवं कुशा मिलाकर स्नान करने से लाभ होता.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. माना की पीएम मोदी बहादुर हैं, पर प्रेस से क्यों दूर हैं?

2. कैशलेस पर भरोसा नहीं? लोगों के हाथ में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कैश

3. अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने मांगे 22 हजार अतिरिक्त जवान

4. कीनिया को रौंदकर भारत ने हीरो इंटर कांटिनेंटल फुटबॉल कप जीता

5. SCO समिट- भारत समेत कई देशों के बीच महत्वपूर्ण एग्रीमेंट, PM मोदी ने दिया सुरक्षा मंत्र

6. ट्रंप से मुलाकात के लिए उत्तर कोरिया से चाइना होते हुए सिंगापुर पहुंचे किम जोंग

7. उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने यूजीसी बड़े बदलाव की तैयारी में

8. सुपर 30 का दबदबा कायम आईआईटी प्रवेश परीक्षा में 26 छात्र सफल

9. रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्विनी लोहानी, भोपाल से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे.?

10. क्या आप भी पूजा-पाठ करने के लिए स्टील के लोटे का करते हैं इस्तेमाल?पहले जान लें ये बात

11. काम में मन नहीं लगता तो यह करें उपाय

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।