पलपल ब्यूरो, इन्दौर. संत भैय्यू महाराज बुधवार की शाम को पंचतत्व में विलीन हो गयें.उन्हें मुखाग्नि उनकी बेटी कूहू ने दिया. इस दौरान वहाँ महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पकंजा मुंडे सहित उनके परिजन सहित हजारों लोग मौजूद थें.

सुबह 10 बजे उनका पार्थिव देह बॉम्बें हॉस्पिटल से बापटा चौराहे स्थित सूर्योदय आश्राम लाया गया. जहाँ आमजन के दर्श्न के लिए रखा गया. इस दौरान उनके पार्थिव देह के पास उनकी बेटी कूहू, पत्नी डॉ आयूषी और परिजन बैठे हुए थे. सुबह से ही महाराज के दर्श्न करने के लिए महाराष्ट्र और प्रदेश के अलग अलग शहरों से बडी संख्या में उनकी अनुयायी पहुंचे हुए थें.  

2 बजे तक लोग उनके दर्श्न करने आते रहे.  इस दौरान केन्द्रीय मंत्री रामदास आठवले, पूर्व मंत्री और रांकपा के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख, महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधि के रुप में श्रीकांत भारती, मंत्री पंकजा मुंडे, शिवसेना से सांसद चन्द्रकांत पेरे, इन्दौर महापौर श्रीमति मालिनी गौड, मप्र हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कृष्ण मुरारी मोघे, राज्यमंत्री कम्प्यूटर बाबा, अण्णा महाराज, विधायक रमेश मेन्दोला सहित बडी संख्या में प्रदेश और महाराष्ट्र से आए उनके अनुयायियों ने अपनी श्रध्दांजलि दी.

संत भैय्यू महाराज

फूलो से सजे रथ में निकली अंतिम यात्रा

करीब 2 बजे फूलों से सजे रथ आश्रम पहुंचा. रथ में जैसे ही पार्थिव देह अंतिम यात्रा के लिया रखा गया. अनुयायियों ने उनकी जय जयाकार का घोष शुरु कर दिया. आश्रम से लेकर मुक्तिधाम तक सडक के किनारे खडे लोगों ने पुष्प वर्षा कर उन्हें अंतिम बिदाई दी. जैसे ही मुक्तिधाम में यात्रा पहुंची वहाँ मौजूद लोगों की आंखे नम हो गयी. बेटी कुहू मटकी लिये आगे आगे आगे आयी. पीछे चिर निद्रा में सोये पिता की अर्थी आ रही थी. बेटी ने पूरे रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार की रसमें पूरी की और पिता को मुखाग्नि दी. इस दौरान मंत्री पंकज मुंडे उसके साथ खडी रही.

चप्पे चप्पे में तैनात रही पुलिस   

सुबह से ही पुलिस के करीब 250 से ज्यादा जवान और 10 से ज्यादा टीआई अंतिम यात्रा से लेकर आश्रम तक तैनात किये गये थें. कलेक्टर निशांत बडबडे और डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा लगातार व्यव्स्थाओं का जायजा ले रहे थें. इसके अलावा आश्रम और मुक्तिधाम तक के रास्ते में ट्रफिक व्यव्स्था को सम्भलाने के लिए ट्रफिक पुलिस तैनात थी. आश्रम की तरफ आने वाले रास्ते को एक तरफ से बन्द कर दिया गया था. वही आश्राम से दूर अंतिम दर्श्न और यात्रा में शामिल होने आये लोगों के वाहन पार्किंग कराये गये थें. वहीं. आश्रम के बाहर बैरोकेट लगा दिया गया था. अलग लग लाइनों से महिला और पुरुषों को महाराज के अंतिम दर्श्न के लिए भेजा जा रहा था.

दूसरा सुसाइट नोट भी सामने आया

संत भैय्यु महाराज का एक और सुसाइटनोट सामने आया है. जिसमें उन्होनें अपने सेवादार विनायक का जिक्र करते हुए लिखा है कि अब से उनकी सम्पत्ति, बैंक एकाउंट आदि के लिए उसे अधिकृत किया है. उन्होनें उस नोट में लिखा है कि मुझे विनायक पर भरोसा है. बिना किसी दबाव के यह लिखा है.

संत भैय्यू महाराज

जांच जारी है

डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा ने कहा कि पुलिस घटना स्थल से मिले साक्ष्य, बयानों और सीटीवी फूटेज के आधार पर जांच कर रही है. अभी किसी नतीजे में नहीं पहुंचे है. अलग अलग बिन्दुओं पर जांच जारी है. यह पता लगाने की कोशिश की ज अरही है कि तनाव की वजह क्या थी और किस दबाव में आ कर भैय्यू महाराज ने आत्महत्या की. उनके परिवार वालों उनसे जुडे लोगों के बयान लिये गये है और कुछ लोगो6 के बयान होने है. उसके बाद ही आत्महत्या की वजह साफ हो पायेगी. 

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