नई दिल्‍ली. गर्मियों की छुट्टियों में लोग पहाड़ का रुख करते हैं और इस मामले में शिमला हमेशा से पसंदीदा गंतव्‍य स्‍थल रहा है. हर साल सैकड़ों लोग शिमला घूमने आते हैं. लेकिन इस बार 'क्‍वीन ऑफ हिल्‍स' बीमार पड़ गया है और शायद इसी कारण इस बार वहां कम पर्यटक दिख रहे हैं. सोशल मीडिया पर पर्यटकों से कहा जा रहा है कि वे शिमला घूमने न जाएं और इस मुहिम को बीते कुछ दिनों में अच्‍छा रिस्‍पांस भी मिला है. लेकिन इस मुहिम का कारण क्‍या है? क्‍यों आखिर शिमलावासी पर्यटकों से भाग रहे हैं? स्‍थानीय लोगों को टैंकरों से पानी लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है. वहीं गांवों में हालात और खराब हैं. लोगों को पानी लाने के लिए बहुत दूर तक जाना पड़ रहा है. इससे राज्‍य के पर्यटन उद्योग को कड़ी चोट लगने की आशंका है. राज्‍य में पर्यटन लोगों की आजीविका का मुख्‍य स्रोत है.

शिमला बीते कुछ वर्षों से पीने के पानी का संकट झेल रहा है. बीते कुछ माह से हालात और बुरे हो गए हैं. बीते वर्ष मानसून के कमजोर रहने और जाड़ों में कम हिमपात के कारण पानी का भीषण संकट खड़ा हो गया है. मीडिया रिपोर्ट में दावा है कि स्‍थानीय लोगों के घर हफ्ते में एक बार ही पीने का पानी पहुंच पा रहा है. होटल, रेस्‍त्रां और अन्‍य पर्यटक स्‍थलों पर पानी के टैंकर मंगाकर काम चलाया जा रहा है. फेसबुक और व्‍हाट्सऐप पर यह संदेश चल रहे हैं-'शिमला को इस गंभीर हालात से उबरने में कुछ समय लगेगा. अगर आप शिमला से मुहब्‍बत करते हैं तो कृपया कर यहां मत आएं.'

मई और जून में सबसे ज्‍यादा आते हैं पर्यटक

गर्मियों में खासकर मई और जून के महीने में पर्यटक सबसे ज्‍यादा शिमला आते हैं लेकिन इस साल पानी का संकट कफी ज्‍यादा है. कई होटलों ने बुकिंग कैंसिल करना शुरू कर दिया है और पर्यटकों के पैसे लौटाने शुरू कर दिए हैं ताकि किसी तरह का विवाद न हो. शिमला के पास एक गांव में होटल क्षेत्र से जुड़े पंकज आहूजा की मानें तो मई और जून में हमारा बिजनेस काफी बढ़ जाता है लेकिन हम पानी के इस संकट से नहीं लड़ सकते. बीते वर्षों में पानी के टैंकर मंगाकर पर्यटकों की प्‍यास बुझाई गई थी लेकिन इस साल पानी के टैंकर मिलना भी मुश्किल हो रहा है. खाली वीआईपी इलाकों और फाइव स्‍टार होटलों में में पानी की सप्‍लाई हो पा रही है.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. सरकार ने बनाया ऐसा कानून कि डर के मारे कंपनियों ने चुका दिए हजारों करोड़ रुपये

2. किशनगंगा हाइड्रो प्रोजेक्ट को लेकर पाकिस्तान को बड़ा झटका

3. सेंसेक्स में 318 अंकों की तेजी, निफ्टी भी ऊपर

4. जीएसटी से पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को काबू किया जा सकता: धर्मेंद्र प्रधान

5. गोपाल कृष्ण गोखले: वह महान राजनैतिक विचारक जिसके प्रभाव से हम आज भी मुक्त नहीं हैं

6. दुनिया का सफर पूरा कर गोवा पहुंचीं नौसेना की 6 जाबांज अफसर, रक्षा मंत्री ने किया स्वागत

7. 28 मई को होगी सुनंदा पुष्कर मामले की अगली सुनवाई

8. 30 मई से दो दिन की हड़ताल पर रहेंगे देश भर के बैंक कर्मचारी

9. इस वजह से देशभर में बंद हो गए 50 से अधिक विदेशी रेस्तरां

10. अंक ज्योतिष के अनुसार जानिए अपनी जिंदगी का गोल्डन टाइम…

11. त्रियुगीनारायण मंदिर में हुआ था शिव-पार्वती का विवाह, आज भी प्रज्वलित है मंडप की अग्नि

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।