अच्छी बागबानी के लिए फूलों के पकने का करें इंतजार,पके बीजों को रखें संभाल यही बनाऐगा आपकी बगिया को मजेदार बागवानी एक ऐसी सदा चलने वाली प्रक्रिया है, जिसकी हम उपेक्षा नहीं कर सकते. शीत ऋतु हो या ग्रीष्म, परंतु शायद हम भूल जाते हैं कि फूलों व सब्जियों की समाप्ति पर भी हमें उतना ही ध्यान करना पड़ता है, जितना शुरुआत में. 

सबसे पहले तो हमें फूलों व सब्जियों का मौसम समाप्त होते ही अगले वर्ष के लिए बीज व कंद तो समेटने पड़ते हैं ही, साथ ही अगले मौसम के लिए बचाना भी पड़ता है. यह भी बहुत महत्त्वपूर्ण कार्य होता है और हर मौसम में नियमपूर्वक करना पड़ता है. सबसे पहले तो यह ध्यान रखें कि स्वस्थ व निरोगी फूलों व सब्जियों का बीज जब पकने लगे तो किसी थाली या ट्रे में एकत्रित कर लें. इस बीज को दिन में धूप वाले स्थान में रखकर सुखा लें व शाम होने पर अगले दिन सुबह उसे फटक कर साफ कर लें.

कैलेण्डुला, एंटीरहीनम, फ्लाक्स, वर्बीना, एलीनम, वर्बीना पिटूरिना, पिटूनिया क्लारकिया, लार्कस्पर, सिमरेरिया, साल्विया, ब्राचीकैम, मिसीसी ब्राइंथमम, वायला पैंजी, पॉपी आदि फूलों के बीज बहुत आसानी से इकट्ठे किए जा सकते हैं और सूख जाने पर फटक कर उनका छिलका अलग कर देना चाहिए. अब एक दिन फिर खुली धूप लगाकर उन्हें साफ करके रात भर सूखे स्थान पर रखकर अगले दिन पैकेट बना लें. इसके लिए कागज के लिफाफों का प्रयोग करें. पैकेट या लिफाफों पर फूल का नाम लिख दें व फिर हवा बंद प्लास्टिक या लोहे के डिब्बे में रख दें. यही प्रक्रिया सब्जियों के लिए भी अपनाई जा सकती है. मेथी, पालक, सलाद, मूली, धनिया आदि के बीज इकट्ठे किए जा सकते हैं.

हायब्रिड फूलों व सब्जियों के बीजों को इकट्ठा करना मुश्किल होता है. इसके लिए वैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाई जाती है. यही कारण है कि हायब्रिड फूलों के बीज विशेषकर बौनी किस्म के फूलों के बीज व पौधे हर वर्ष खरीदने पड़ते हैं. इसी प्रकार मैथिओला स्टॉक की दोहरी किस्म के बीज भी बनाने पड़ते हैं. इसके लिए इकहरी किस्म के फूल चाहे ब्रांचिंग हों या नॉन ब्रांचिंग किस्म, उसके दोहरी पंखुड़ी वाली किस्म के पौधे को इकहरी किस्म की पंखुड़ी वाली किस्म के पौधों के साथ इस प्रकार बांध दिया जाता है कि बीच वाली टहनी दोहरी पंखुड़ी वाली किस्म के साथ जुड़ी रहे. उसके बाद उस बीच वाली टहनी का बीज सूख जाने पर इकट्ठा कर लेते है.

दोहरी पंखुड़ी वाले पिटूनिया के बीजों को भी विशेष प्रक्रिया द्वारा तैयार करना पड़ता है. इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बीज एकदम सूखा और साफ होना चाहिए. इसी प्रकार गोभी परिवार के बीज व पौध भी बाजार से लेना ही ठीक रहता है.

बीज के साथ फ्रीजिया, ग्लेडिओलस, आरनियोगेलम, आइरिस, ऑक्जेलिस, नरगिस आदि के कंद भी अगली ऋतु के लिए संभालने पड़ते हैं. इसके लिए बहुत ध्यान रखना पड़ता है. कंद के फूल समाप्त होने के बाद पानी देना बंद कर दें. धीरे-धीरे पत्ते सूखने लगेंगे और लगभग देखने में एकदम समाप्त लगने लगेंगे. एकदम सूखने पर नीचे से कंद सावधानीपूर्वक खोदकर छायादार सूखे हवादार स्थान पर रख दें.

उनकी मिट्टी झाड़ दें. पानी में किसी भी फफूंदनाशक दवा का घोल, निर्देशों के अनुसार तैयार करके ये कंद उसमें डुबोकर निकाल लें और हवादार छायादार स्थान में सूखने रख दें. जब अच्छी तरह सूख जाए तो हवादार ठंडे नमी रहित स्थान पर सुरक्षित रख दें. ध्यान रहे कि वहां नमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए. विशेषकर वर्षा ऋतु में तो इनका विशेष ध्यान रखें. कंद स्वस्थ व निरोगी होनी चाहिए.

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