नई दिल्ली. देश का आटोमोबाइल उद्योग जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है उससे इसके 2030 तक दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है. इस सेक्टर में हो रही तेज प्रगति से रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं तथा आने वाले समय में इसमें और बढ़ोत्तरी होने की अच्छी संभावनायें हैं. सोसायटी ऑफ़ इंडियन ऑटोमोबाइल मेन्युफेक्चरर्स की रिपोर्ट के अनुसार 2017- 18 में इन्डियन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने कुल 2,64,02,671 वाहनों का उत्पादन किया जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो इस इंडस्ट्री की वृद्धि दर लगभग 15 प्रतिशत वार्षिक दर्ज की गयी जो अधिकांश इंडस्ट्री की तुलना में कहीं अधिक है. प्राप्त आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि अन्य देशों को निर्यात किये जाने वाले वाहनों की संख्या में भी करीब 16 प्रतिशत की तेज़ी इस दौरान देखने को मिली है. इससे संकेत मिलता है कि विदेशों में भी भारत निर्मित वाहनों की मांग में बढ़ोतरी हो रही है. अगर इस अवधि के जॉब्स के आंकड़ों पर नजऱ डालें तो पता चलता है कि ऑटो इंडस्ट्री में पिछले वर्ष की तुलना में 33त्न अधिक नियुक्तियां की गयीं.

जनमानस में अभी भी यह भ्रम व्याप्त है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में सिर्फ ऑटोमोबाइल इंजीनियर्स के लिए ही जॉब्स के अवसर संभव हो सकते हैं. हकीकत यह है कि इनके अलावा भी कई प्रकार के प्रोफेशनल्स प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं. इनमें अगर इंजीनियरिंग की विभिन्न शाखाओं की बात करें तो इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रोनिक्स ,मेकेनिकल , मेटलर्जी आदि का नाम लिया जा सकता है. इनके अतिरिक्त एयर कंडिशनर मैकेनिक्स, प्लास्टिक मोल्डिंग एक्सपट्र्स, पेंटिंग टेक्नोलोजी में दक्ष कर्मियों आदि का भी उल्लेख भी किया जा सकता है. फाइनेंस, मार्केटिंग, सेल्स आदि जॉब्स भी काफी संख्या में यहाँ पर हैं. यही नहीं मोटर रिपेयरिंग शॉप्स में भी मरम्मत के कामकाज से जुडे रोजग़ार के अवसर विकसित हुए हैं.

क्या है ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग

इंजीनियरिंग की इस विशिष्ट शाखा में ऑटोमोबाइल डिजाइनिंग से लेकर प्रोडक्शन तक से जुड़े समस्त पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जाता है. कोर्स के दौरान ऑटोमोबाइल डिजाइनिंग के लिए कंप्यूटर एडेड डिजाईन के सोफ्ट्वेयर्स एवं अन्य उपयोगी टूल्स के व्यावहारिक इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी जाती है. यही नहीं मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रोनिक्स की बुनियादी समझ विकसित करने पर भी बल दिया जाता है. हाल के वर्षों में आश्चर्य करने वाला यह रुझान देखने को मिल रहा है कि आई टी इंजीनियर्स बड़ी संख्या में ऑटो इंडस्ट्री को ज्वाइन कर रहे हैं. संभवत: इसका बड़ा कारण है लगातार तीसरे वर्ष आई टी इंडस्ट्री की विकास दर में गिरावट की स्थिति. इस वजह से आई टी कंपनियों द्वारा जॉब्स में कटौती की जा रही है. अमेरिकी कंपनियों में जॉब्स पाने के लिए ज़रूरी एच -1 वीजा की संख्या में अमेरिकी प्रशासन द्वारा कमी से भी आई टी इंजीनियर्स के भविष्य पर सवालिया निशान लग रहे हैं. ऑटोमोबाइल क्षेत्र में इलेक्ट्रोनिक्स के बढ़ते उपयोग तथा इलेक्ट्रिकल वाहनों की दिशा में बढ़ते क़दमों से भी आई टी और कंप्यूटर ट्रेंड से जुड़े लोगों के लिए यहाँ बड़ी संख्या में अवसर सृजित हो रहे हैं.

रिसर्च एंड डेवलपमेंट आधारित जॉब्स

ऑटो कंपनियों के बीच गहन प्रतिस्पर्धा के कारण अत्याधुनिक नए फीचर्स के साथ गाडिय़ों के नए मॉडल्स बाज़ार में समय-समय पर पेश करना इन कंपनियों के लिए बहुत ज़रूरी हो गया है. ऐसे में इस सेक्टर के अनुभवी और इंटर डिसिप्लिनरी सब्जेक्ट्स के जानकार लोगों को ऑटो इंडस्ट्री की प्रत्येक कंपनी अपने आर एंड डी विभाग में आकर्षक सैलरी पर नियुक्त करने की होड़ रहती है.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. राजस्थान में भारतीय सेना ने किया ‘एयर कैवलरी’ कॉन्सेप्ट का परीक्षण

2. बिहार: परीक्षा में प्रवेश से पूर्व कैंची से काटी गयी लड़कियों की समीज के आस्तीन

3. देश के कई राज्यों में आज फिर से आ सकता आंधी-तूफान, 150 लोगों की मौत

4. बीजेपी ने ली चुटकी, तेजप्रताप की शादी में क्यों नहीं पहुंचे सोनिया-राहुल-ममता

5. किसकी जेब में जा रहे हैं पेयजल के करोड़ों रुपये?

6. ट्रेन में महिलाओं के लिए होगी विशेष सुरक्षा, हर बोगी में लगेगा 'पैनिक बटन'

7. इस्‍लाम नहीं देता बिना जरूरत तस्‍वीरें खिंचवाने की इजाजत

8. प्रेमिका ने प्रेमी के चेहरे पर फेंका एसिड, ठुकराये जाने से थी खफा

9. शादी के लिए बिल्कुल सही है यह उम्र, रिश्ता होता है मजबूत

10. साप्ताहिक भविष्यफल : 13 मई से 19 मई 2018, किन राशियों के चमकेंगे सितारे

11. राहु से मुसीबत में फंसे व्यक्ति जानें पुराणों और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ उपाय

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।