ढाका. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोमवार को कहा कि रोहिंग्या संकट के समाधान के लिए वह चीन, रूस, भारत और जापान से मदद की उम्मीद करती हैं.

ढाका में अपने अधिकारिक निवास पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के अध्यक्ष गुस्तावो मेजा कुआद्रा और अन्य प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात के दौरान यह बातें कही.

शेख हसीना ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से एक बार फिर मांग की है कि वे बांग्लादेश से रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस बुलाने के लिए म्यांमार सरकार पर दवाब बनाए.

उन्होंने कहा, 'म्यांमार को बांग्लादेश के साथ किए गए समझौते (रोहिंग्या शरणार्थियों को देश वापस बुलाने के संदर्भ में) पर हस्ताक्षर के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए.

म्यांमार ने रोहिंग्या नागरिकता देने और उनके अधिकारों को लागू करने से इंकार किया है.

संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त कार्यालय के अनुमान के अनुसार म्यांमार में पिछले साल अगस्त में हिंसा भड़कने के बाद से सात लाख से भी अधिक रोहिंग्या अपने घर छोड़कर बांग्लादेश पलायन कर चुके हैं.

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