आपने अगर 2015 में आई स्वरा भास्कर की फिल्म 'निल बटे सन्नाटा' देखी होगी तो आपको लगेगा कि ये कहानी तो उस फिल्म से मिलती जुलती है. कहा जाता है कि शिक्षित होने और ज्ञानार्जन की कोई उम्र नहीं होती है. किसी भी उम्र में ज्ञान हासिल किया जा सकता है. इस बात को साबित किया है लुधियाना में रहने वाली 44 वर्षीय रजनी बाला ने. फिल्म 'निल बटे सन्नाटा' में स्वरा भास्कर ने एक ऐसी मां का किरदार निभाया है जो पढ़ने के लिए अपनी बेटी के साथ स्कूल जाती है.

दिलचस्प बात ये है कि रजनी का बेटा भी इस बार दसवीं का एग्जाम दे रहा था. मां और बेटे ने साथ में एग्जाम की तैयारी की और परीक्षा दी. रजनी ने 19989 में 9वीं की परीक्षा पास की थी. लेकिन कुछ पारिवारिक कारणों की वजह से उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ गया और उसके बाद उनकी शादी कर दी गई. शादी के बाद वे अपना परिवार संभालने में व्यस्त हो गईं.

रजनी का मन फिर से पढ़ने का होता था, लेकिन शादी और फिर घर-परिवार संभालने के बाद बच्चों को संभालने में कब 30 साल निकल गए पता ही नहीं चला. हालांकि रजनी बताती हैं कि उनके पति उन्हें पढ़ने के लिए कहते थे, लेकिन हालात कुछ ऐसे बने कि यह संभव न हो पाया. उन्हें अपने तीन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परवरिश पर ध्यान देना पड़ा. रजनी अभी एक सिविल अस्पताल में वॉर्ड अटेंडेंट के तौर पर काम करती हैं. वह कहती हैं, 'मुझे अहसास हुआ कि आज के दौर में दसवीं पास होना तो जरूरी है.'

रजनी ने अपने बेटे के साथ एक ही स्कूल में दसवीं में एडमिशन लिया और दोनों ने साथ में पढ़ाई की. एएनआई को बताते हुए उन्होंने कहा, 'शुरू में थोड़ा अजीब लगता था, लेकिन पति के सहयोग के बाद यह एकदम सामान्य हो गया.' रजनी बताती हैं कि उनकी सास और बच्चों ने भी उनका साथ दिया. वह कहती हैं, 'हालांकि मेरी सास पढ़ी-लिखी नहीं हैं, लेकिन उन्होंने मुझे काफी प्रेरित किया. मेरे पति हर रोज मुझे सुबह उठाते थे और बच्चों के साथ मुझे भी पढ़ाते थे.' रजनी का सफर यहीं नहीं रुकने वाला वह आगे पढ़ते हुए ग्रैजुएशन भी करना चाहती हैं.

रजनी के पति राज कुमार सेठी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस उम्र में पढ़ाई करना कठिन तो होता है, लेकिन जरूरी भी होता है. उन्होंने कहा, 'मैंने खुद 17 साल के लंबे अंतराल के बाद अपना ग्रैजुएशन पूरा किया. मुझे लगा कि जब मैं ये कर सकता हूं तो मेरी पत्नी भी कर सकती है. हम सुबह जल्दी उठ जाते थे और फिर वह बेटे के साथ तैयार होकर स्कूल जाती थी. वे साथ में ट्यूशन के लिए भी जाते थे.' लाजवंती सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल पवन गौड़ ने भी इसे सकारात्मक दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा, 'इससे समाज के औऱ लोग भी प्रेरित होंगे और शिक्षा की अहमियत को समझेंगे.'

साभार:yourstory.com

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. आधार होगा और सुरक्षित, अब देनी होगी 'वर्चुअल आईडी'

2. भारतीय सेना ने 28 सैनिकों की शहादत पर 138 पाकिस्तानी सैनिक मारे

3. पहले IIT और अब CAT में 100 प्रतिशत नंबर ला कर हासिल किया पहला रैंक

4. यूपी के इस होटल में वेटर से लेकर मैनेजर तक सब होंगी महिलाएं

5. भगवान के दर्जे पर संकट में पेशा!

6. राजधानी एक्सप्रेस में बुजुर्ग को चूहे ने काटा, साढ़े तीन घंटे निकलता रहा खून

7. नहीं बंद होंगी मुफ्त बैंकिंग सेवाएं, सरकार ने खबरों का किया खंडन

8. CES 2018 : पहले दिन लॉन्च किए गए ये शानदार प्रोडक्ट्स

9. विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म के दौरान कैमरे में कैद हुआ भूत, तस्वीरें देखकर उड़ जाएंगे होश

10. हाइक ने लांच की Hike ID, बिना नंबर के भी कर सकेंगे चैट

11. राशि के अनुसार शादी की ड्रेसों का करें चयन, ग्रहों और रंगों का खुशियों से सीधा संबंध

12. पापों से मिलेगी मुक्ति,अगर करते हैं षट्तिला एकादशी का व्रत

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।