अगर आप घर में सब्जी उगाने के शौकीन है.तो  सबसे पहले आप एक बड़ा सा कंटेनर लें फिर उसमें मिट्टी और गोबर (60% soil +30% khad+10 sand )खाद का मिश्रण अच्छी तरह से मिला लें. और फिर कंटेनर में डाल दें. इसके बाद आप लौकी के बीज  मिट्टी में दबा दें . बीज आधा इंच से अधिक गहरा ना लगायें.बीज लगाने के बाद उसमें में थोडा पानी भी डाल दें  4-5 दिन  में लौकी के बीज से अंकुरण हो जाता है. इसके बाद आप अपनी छत पर करीब 8 -12  फुट ऊंचा जाल ( रस्सी या बांस से )से बना लें  उस पर लौकी की बेल को आप चढ़ा दीजिये.

आप प्लास्टिक की बोरी में भी लौकी बड़ी आसानी से उगा सकते हैं. जितनी अधिक मिट्टी के मात्रा आपके गमले या कंटेनर में होगी आपके यहां उतनी ही अच्छी लौकी का उत्पादन होगा तो आप 14 इंच से बड़ा गमला लें या फिर किसी बड़े ड्रम में लौकी को उगायें . लौकी उगाने के लिए अच्छे किस्म के बीज का चयन करें . साथ ही बीज को जमीन में लगाने से पहले नीम की राख या हल्दी पाउडर से संशोधित कर लें जिससे आपका बीज खराब ना हो.

लौकी के अच्छे विकास के लिये

अगर आप चाहते हैं कि आपके लौकी का पौधा अच्छे तरीके से ग्रोथ करें ,तो आपको लौकी के अंकुरण होने के 20 दिन बाद उसमें डी कंपोस्ट गोबर खाद लगानी होगी.एक बार में  50 ग्राम गोबर खाद काफी होती है .आप महीने में दो बार लौकी के पौधे में कंपोस्ट खाद लगा सकते हैं .लौकी को भरपूर धूप की भी जरूरत होती है . साथ ही समय से पौधे में पानी भी देते रहें .वर्मी कंपोस्ट खाद भी पौधों के संपूर्ण विकास के लिए अच्छा कार्य करती है. तो आप कभी-कभी वर्मी कंपोस्ट खाद का प्रयोग भी लौकी में कर सकते हैं फूल आने पर लौकी में पानी ना दें .या पानी देने की मात्रा सीमित कर दें.

लौकी के फूलो को गिरने से बचाए. अगर आपकी लौकी के भी फूल गिर रहें हैं या फिर सूख जाते हैं .और आप परेशान हो गए हैं .आपकी लौकी के फूल 10 में से 3या 4 ही बचते है .आपको घबराने की जरूरत नही है.दोस्तो लौकी की बेल पर एक मक्खी अपने अंडे फूल पर छोड़ जाती है. तो कोई परेशान होने की बात नहीं है सबसे पहले आप राख और नीम की पत्तियाँ दोनों को मिलाकर एक पाउडर बनायें . सुबह के समय जब लोकी की पत्तियों पर ओस की बूंदे हो तब आप अपनी लौकी के पौधे पर यह पाउडर डाल दें एक और उपाय है धतूरे और नीम से आप(जैविक कीटनाशक) दवा बनाकर उसका भी छिड़काव कर सकते हैं .

जलवायु 

किसी तरह की भूमि और जलवायु होनी चाहिए लौकी की खेती के लिए

लोकी की खेती के लिए समशीतोष्ण जलवायु की आवश्यकता होती है. खरीफ की फसल में अधिक उत्पादन लेने के लिए उत्तम जल निकास युक्त दोमट भूमि सर्वोत्तम होती है .और जायद में उत्पादन लेने के लिए इसकी बुबाई बलुई दोमट और दोमट भूमि दोनों में ही कर सकते हैं .इसके लिए तापमान  20 -30 सेंटीग्रेट तक सर्वोत्तम माना जाता  है

कीट प्रबंधन 

लौकी पर सबसे ज्यादा पत्ते खाने वाले कीड़ों का और फूल गिराने वाली मक्खियों का प्रकोप होता है. इस सब से बचने के लिए आप अपने घर पर ही जैविक कीटनाशक बना लीजिए और हर सप्ताह हल्का-हल्का छिड़काव अपने लौकी के पौधे पर आप करते रहिए.

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