नई दिल्ली. जर्मनी के एकीकरण में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व चांसलर हेल्मुट कोल का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. 16 वर्षों तक चांसलर पद पर रहे कोल पहले चांसलर बिस्मार्क के बाद सबसे अधिक समय तक इस पद पर रहने वाले नेता थे. कोल ने 2002 में सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया था.बर्लिन दीवार के गिरने और जर्मन एकीकरण के आयोजन के बाद से हेल्मुट कोल इतिहास की शख्सियत बन गए. जीवनकाल में ही एक स्मारक. और यह उनको बहुत से ताकतवर लोगों की कतार से अलग करता है.

हालांकि राजनीतिक तौर पर वे 1989 में एकीकरण से पहले ही टूट चुके थे. उनके विरोधी पार्टी के अंदर मोर्चा बना रहे थे, तख्तापलट की तैयारी हो रही थी. बड़ी मुश्किल से सीडीयू की कमान उनके हाथ में रही. कमजोरी की हालत में उन्होंने जिजीविषा दिखाई. वे चतुर राजनीतिज्ञ थे. उन्हें सत्ता की व्यावहारिकता को रणनीति के साथ जोड़ने की कला आती थी.

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