जयपुर. पलपल इंडिया डॉट कॉम के सौजन्य से जल्दी ही मध्यप्रदेश के जबलपुर में भृगुसंहिता की सेवाएं उपलब्ध हो पाएंगी जिसके लिए पं. मोहित राधेश्याम व्यास का तीन दिवसीय कार्यक्रम प्रस्तावित है. व्यक्ति अपना भविष्य जानना चाहता है और इसके लिए भारत में विभिन्न स्थानों पर विविध भविष्य दर्शन पद्धतियां उपलब्ध हैं, लेकिन आमतौर पर व्यक्ति वहां तक पहुंच नहीं पाते हैं. ज्योतिष से भविष्य जानने की अनेक विधाएं है जिनमें से प्राचीनतम भृगु संहिता है. भृगुऋषि द्वारा रचित इस ग्रंथ में पृथ्वी पर जन्म लेनेवाले मनुष्यों का भूत, भविष्य और वर्तमान दर्ज है. राजस्थान में कारोई, भीलवाड़ा भृगुसंहिता से भविष्य जानने के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. यहां के ब्राह्मण परिवारों के पास भृगुसंहिता उपलब्ध है.

भृगुसंहिता से भूत, भविष्य और वर्तमान बांचने में कारोई निवासी स्वर्गीय पं. राधेश्याम व्यास पारंगत थे. अब उनके पुत्र पं. मोहित व्यास इनदिनों कारोई में भृगुसंहिता से भूत, भविष्य और वर्तमान बांचने का कार्य कर रहे हैं. पलपल इंडिया डॉट कॉम के सौजन्य से पं. व्यास का तीन दिवसीय जबलपुर कार्यक्रम प्रस्तावित है.

पं. लक्ष्मीनारायण वासूदेव द्विवेदी के सम्मान में प्रस्तावित कमलाश्री आश्रम ने भृगुसंहिता सहित विविध ज्योतिषीय पद्धतियों का लाभ विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराने के लिए अभिनव पहल की है जिसके तहत पं. मोहित व्यास की सेवाएं विभिन्न शहरों में समय-समय पर उपलब्ध रहेंगी. पहले चरण में राजस्थान ब्राह्मण महासभा के सौजन्य से बांसवाड़ा में और अर्जेन्ट टाईम्स के सौजन्य से डंूगरपुर के बाद अब जबलपुर, मुंबई, बीकानेर, जयपुर आदि शहरों के प्रस्ताव हैं. 

नसीब को बदला नहीं जा सकता है लेकिन नसीब में क्या लिखा है? यह जानना भी हर किसी के नसीब में नहीं होता है! बताया जाता है कि... जिनकी किस्मत में होता है उन्हीं के भृगुसंहिता के पन्ने मिलते हैं और वे ही सही जगह तक पहुंच पाते हैं! यदि आनेवाले समय की कहानी इंसान के हाथ लग जाए तो वह अपना जीवन बेहतर तरीके से जी सकता है... और यही भविष्य जानने की उपयोगिता है!

भृगु संहिता... भृगुऋषि द्वारा रचित प्राचीनतम ग्रंथ है जिसमें धरती पर जन्म लेनेवाले व्यक्तियों का भूत, भविष्य और वर्तमान दर्ज है. भारत में कारोई में भृगु संहिता उपलब्ध है जिसका बांचन स्वर्गीय पं राधेश्याम व्यास के परिवारजन करते हैं. उनके पुत्र पं. मोहित व्यास बताते हैं कि जो भी व्यक्ति भविष्य जानना चाहता है सर्वप्रथम भृगु संहिता में उसकी कुंडली तलाशी जाती है... कुंडली मिल जाने के बाद व्यक्ति को प्रथम भाग में दर्ज भूत, भविष्य और वर्तमान का विवरण सुनाया जाता है तथा इसके पश्चात व्यक्ति के तीन प्रमुख सवालों का जवाब दिया जाता है. निश्चित अवधि के पश्चात आगे के भाग का विवरण सुनाया जाता है.

प्रस्तावित जबलपुर कार्यक्रम के दौरान भृगु संहिता से भविष्य जानने के इच्छुक व्यक्ति पहले आओ, पहले पाओं के आधार पर अपना नाम व्हॉट्सएप नंबर 9772354346 पर दर्ज करवा सकते हैं. 

यह सुविधा केवल जबलपुरवासियों के लिए है.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


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