ब्रोकरों के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए अब, यदि वह व्यक्ति है तो 25000/- पंजीयन शुल्क देना होगा और व्यक्ति के अलावा है जैसे साझेदारी फर्म/कंपनी तो उसे 250000/- देना होगा. जो की 5 साल के लिए होगा.नवीनीकरण कराने पर ( पाच साल बाद) 5000 और 50000 वापिस शुल्क लगेगा.

अब प्रत्येक बड़े मतलब जो प्रोजेक्ट RERA, The Real Estate (Regpation and Development) Act,2016  के दायरे में आते है उन प्रोजेक्ट में काम करना है तो रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो गया है क्योकि उसमे ब्रोकर को अपना रजिस्ट्रेशन न. quote करना पड़ेगा . मतलब दलाली की लागत बढेगी. अब ब्रोकरेज बढने के साथ ब्रोकर के कंधे पर भयंकर जवाबदारी आ जाएगी. ब्रोकर अब एक सक्षम आदमी बनेगा जो बिल्डर और BUYER दोनों के अधिकारों के लिए काम प्रभावशाली रूप से करेगा या कर पायेगा और दोनों की मदद करेगा. ब्रोकर को आयकर के अनुसार अपनी बुक्स रखना पड़ेगी.

निम्न डॉक्यूमेंट लगेंगे :

उसके व्यवसाय का नाम, पता और वह प्रोप्रिएटर है या भागीदारी फर्म है या अन्य व् दुकान का लाइसेंस मतलब नगर निगम लाइसेंस पंजीकरण क्यों ले रहा है थोडा सा कारण बताये मतलब write up मालिक का फोटो, PAN CARD की कॉपी , पिछले ३ साल के आयकर return दुकान का रेंट अग्रीमेंट या रजिस्ट्री की कॉपी, जो भी लागु होवे पेनल्टी के बारे में अति महत्वपूर्ण बात यह है की जैसे 10% तक (extended upto 10%) शब्द का प्रयोग किया गया है का मतलब ०% से 10%  पेनल्टी लगाने का अधिकार दिया है मतलब पेनल्टी लगाने वाले के पास बहुत पॉवर रहेंगे. उन्हें ऊपर निचे, कम ज्यादा करने का पॉवर है.इस संभंध में सरकार को विचार करना चाहिए. आज कल COMPLIANCE मतलब केस  लगाने एव लड़ने में बहुत लागत बैठती है जो सामान्य आदमी जो फ्लैट खरीदता है या छोटे दलाल हे उन्हें बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.

यदि कोई प्रॉपर्टी ब्रोकर धारा ४ के अनुसार RERA के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कराये बिना रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट का माल बेचता है तो या  कोई गलत जानकारी प्रोजेक्ट के बारे में देता है तो 5% तक पेनल्टी लगेगी. यदि कोई ब्रोकर धारा 9 और 10 का VIOLATION करता है मतलब किसी ऐसे प्रोजेक्ट को बेचता है जिसको RERA में रजिस्टर्ड कररना था और उस प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नहीं है.या ग्रहक को गलत जानकारी दी हो, आयकर के हिसाब से बुक्स नहीं रखी हो, ग्राहक को एसी सुविधाओ के बारे में बताना जो नहीं दी जा रही है  तो 10000 रोज के हिसाब से पेनल्टी लगेगी यह फ्लैट की लगत का 5% तक हो सकती है.और RERA के डायरेक्शन का VIOLATION करता है तो अलग से डेली जो भी RERA decide करे व् 5% तक पेनल्टी लग सकती है.

और १ साल की जेल भी हो सकती है इससे एसा लगता है की प्रयेक बार ग्राहक से ब्रोकर को लिखा कर लेना चाहिए की मुझे ब्रोकर ने गलत जानकारी नहीं दी है नहीं तो ग्राहक कभी भी थोड़ी सी कहा सुनी में कंप्लेंट कर सकता है जैसा की नार्मल होता ही है ब्रोकर को ध्यान रखना होगा और सभी प्रोजेक्ट की और ग्राहक की एक्टिविटी पर बारीक़ नजर रखना होगी क्योकि बिना वजह वह ना फसे.  अब और आगे यदि अपीलेट ट्रेबुनल ने कोई आर्डर या डायरेक्शन दिया और उसका पालन नहीं किया तो वापिस १ साल तक की जेल और डेली बेसिस पर पेनल्टी जो की फ्लैट की लागत की 10% तक जा सकती है.  

यदि किसी फ्लैट के क्रय विक्रय में दो दलाल एक विक्रेता की तरफ से व् दूसरा क्रेता की तरफ से , तो दोनों दलालों के बिच एक अग्रीमेंट करना होगा.

प्रॉपर्टी ब्रोकर के रजिस्ट्रेशन कराने हेतु निम्न आवेदन का प्रारूप है

प्रारूप –‘छ’

(नियम 10(1) देखिए)

रियल एस्टेट अभिकर्ता के पंजीयन हेतु आवेदन

रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण,

मै/हम, अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमो और विनियमों के निबंधनो के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य में पंजीकृत परियोजना में , यथास्थिति किसी भूखंड बहुखंडीय भवन या भवन के विक्रय को सुकर बनाने के लिए , रियल एस्टेट अभिकर्ता के रूप में पंजीयन प्रदान करने हेतु आवेदन करते है :

(किसी व्यक्ति की दशा में )श्री..............पुत्र/पुत्री/श्रीमती ........... तहसील .......जिला.............राज्य............या फर्म या सोसाइटी /कंपनी 

 

की दशा में ..................फर्म  सोसाइटी /कंपनीजिसका की पंजीकृत कार्यालय /कारोबार का प्रमुख स्थान ......................में स्थित है

अपेक्षित प्रविष्ठिया निम्नानुसार है :-

(एक) आवेदक की स्थिति क्या व्यक्ति/कंपनी/proprietory फर्म /सोसाइटी /साझेदारी फर्म/सिमित दायित्व साझेदारी

(दो) व्यक्ति की दशा में

(क) नाम

(ख) पिता का नाम

(ग) व्यवसाय

(घ) स्थायी पता

(ङ) छाया चित्र या

फर्म /सोसाइटी /कंपनी की दशा में

क) नाम

ख) पता

ग)  पंजीयन प्रमाणपत्र की प्रति

घ)  मुख्या गति विधि

ङ)   नाम,छाया चित्र तथा भागीदारो निवेशको आदि का पता

(तीन) आवेदक द्वारा पिछले तीन वित्तीय वर्षो का आयकर अधिनियम ,1961 के उपबंधो के अधीन जमा की गयी आयकर विवरणी  अथवा आवेदक को पिछले किसी भी तीन वर्षो के लिए आयकर अधिनियम, 1961 के उपबंधो के अधीन विवरणी प्रस्तुत करने से छुट दीगयी थी तो , इस आशय की घोषणा वाला आवेदन

(चार) पंजीयन की विशिष्ठिया जिसमे यथास्थिति उपविधिया, संगम का ज्ञापन, संगम के अनुच्छेद आदि सम्मिलित हो :

(पांच) कारबार के स्थान के प्रमाण के पते की अधिप्रमाणित प्रति

(छह) किसी अन्य राज्य अथवा संघ राज्य छेत्र में पंजीयन ब्यौरा :

(सात) कोई अथवा जानकारी जो आवेदक प्रस्तुत करना चाहे

3. मै/हम निन्लिखित दस्तावेज साथ में सलग्न करते है, अर्थात   

(एक) नियम 10 के उप नियम (2) के अनुसार पंजीयन शुल्क के रूप में ............के पक्ष में देय डिमांड ड्राफ्ट क्रमांक .......... तारीख ............. राशी रूपये ...............बैंक पर आहरित

(दो) यथा स्थिति पिछले 3 वर्ष की आयकर विवरणी या घोषणा :

(तीन) रियल एस्टेट अभिकर्ता के पेन कार्ड की अभिप्रमाणित प्रति:

(चार) किसी अन्य राज्य अथवा संघ राज्य छेत्र में रियल एस्टेट अभिकर्ता के रूप में पंजीयन की अधिप्रमाणित प्रति, यदि लागु हो

4. मै/हम सत्यनिष्ठ से प्रतिज्ञा करते है तथा घोषणा करते है की इसमें दी गयी जानकारिया मेरे/हमारे ज्ञान और विश्वास से सही है.

 दिनाक :         

 स्थान                                                                           भवदीय

   

                                                                    

* सीए भारत नीमा 

9827539432 (कोई समस्या हो तो whats app पर सवाल पूछ सकते है)                        (आवेदक के हस्ताक्षर तथा मुद्रा)

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