बुरहानपुर. आयुर्वेदिक कॉलेज में संसाधन है नही पर्याप्त स्टाफ व भवन। यही कारण है कि छह साल से कॉलेज को भारत ीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद से प्रवेश की मान्यता नहीं मिल रही है। कॉलेज सीसीआईएम के मापदंड परखरा नहीं उतर पा रहा है। इस कारण कॉलेज को इस बार भी प्रवेश की मान्यता मिलना मुश्कि ल है। सीसीआईएम के दल ने सुबह 10.30 बजे आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल का निरीक्षण किया। अफसरों ने कॉलेज की बदहाली पर चिंता जताई। नेशनल इंस्टी ट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र नई दिल्ली के एचओडी कमलेश शर्मा ने कहा यहां क्लीनिकल स्टाफ है लेकिन कॉलेज के लिए 32 व्याख्याता और प्रोफेसर चाहिए। अभी कॉलेज म ेंसिर्फ आठ प्रोफेसर और व्याख्याता हैं। निरीक्षण की रिपोर्ट बनाकर सीसीआईएम को भेजेंगे। यहां से रिपोर्ट आयुष मंत्रालय जाएगी। यहीं से कॉलेज को प्रवेश की मान्यता मि लती है। दल ने सीसीआईएम को प्रथम वर्ष में प्रवेश की मान्यता केलि ए पत्र भेजने की बात कही। दलमें ओडि शा आयुर्वेदिक कॉलेज केप्राचार्य सुदर्श न बेहराए एमआईएमओपी दाधीच शामिल थे। निरीक्षण के दौरान प्रोफेसर डॉ रश्मि रेखा मिश्रा भी मौजूद थीं। वैद्य सभा सचिव और पूर्व प्राचार्य डॉ गजेंद्र शास्त्री ने सीसीआईएम दल को ज्ञापन सौंपा। डॉ शास्त्री ने कहा शहर के नागरिकों ने 1958 में आयुर्वेदिक कॉलेज शुरू किया था। 1975 में शासन न ेबिना शर्त कॉलेज और अस्पताल को अधिग्रहित कर लिया। 2008 स े2014 तक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए कॉलेज को मान्यता नहीं मिल पाई है। हर साल सीसीआईएम कादल निरीक्षण कर प्रति वेदन भेजकर प्रवेश नहीं देने की बात कहता है।दल ने द्रव्य गुण शरीर क्रिया रोग निदान.विकृति विज्ञा न सहित अन्यवि भागों का निरीक्षण किया। द्रव्य गुणवि भाग में उन्होंने कर्मचारी को जड़ी.बूटियां व्यवस्थित रखने की सलाहदी। शरीर क्रिया विभाग में प्रोफेसर और टेक्नीशियन को डाटा अपडेट रखने के निदेश दिए। दल ने स्टाफ के ऑफि स में जाकर जानकारी जुटाई। प्रोफेसर डॉ् अरविंद पटेल से अफसरों ने कहा रजिसटर में नियमित हस्ताक्षर नहीं हैं। रोज आते हो तो उपस्थिति भी दर्ज होना चाहिए। 5.93 एकड़ में बने गातीन मंजिला कॉलेज कॉलेज के लिए पूर्व कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने झिरी में 20 एकड़ जमीन आवंटित की थी लेकिन वन विभाग की आपत्ति आने पर काम ठंडे बस्ते में चला गया था। 6 जनवरी को उन्होंने मोहम्मदपुरा म ेंमेक्रोविजन एकेडमी के पीछे 5.93 एकड़ जमीन आवंटित की। यहां तीन मंजिला कॉलेज भवन बनेगा। ग्राउंड फ्लोर पर अस्पताल रहेगा। संविदा स्तर पर भरे जाएंग ेप्रोफेसर व्याख्याता के पद भोपाल संचालनालय आयुष विभाग से कॉलेज में रिक्त पदों की पूर्तिकरने के लिए पत्र आया है। ताकि कॉलेज को इस बार केंद्रीय परिषद से प्रवेश की मान्यता मिल सके। प्राचार्य आरआर मिश्रा ने बताया विज्ञप्ति जारी कर रिक्त पद भरे जाएंगे। आठ व्याख्याता और एक रीडर प्रति नियुक्ति पर जबलपुर इंदौर ग्वालियर उज्जैन सहित अन्य आयुर्वेदिक कॉलेजों में सेवा दे रहे हैं।


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