निवास. मंडला जिले के निवास थाना अंतर्गत झाड़फूंक से अपने बेटे का इलाज कराने निवास थाना के तौंरदरा गांव गए एक अधेड़ को अपनी जान गंवाना पड़ी. इसके बाद हत्यारों ने उसके शव को घर के आंगन में ही जला दिया. शव जलने के बाद अंधविश्वासी मृतक की पत्नी और बेटे के सामने अधजले शव पर पूरी रात नाचते रहे.

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस रात में ही घटनास्थल पर पहुंच गई थी, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ कर भगा दिया. इसके बाद सुबह दल-बल के साथ फिर घटनास्थल पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

एसडीओपी एसएन पाठक ने बताया कि डिंडौरी जिले के बिछिया थाना के बदगिरी गांव निवासी ब्रजलाल वरकड़े (45) के बेटे की लंबे समय से तबीयत खराब थी. निवास थाना के अंतर्गत ग्राम तौंरदरा में झाड़फूंक से इलाज होने की जानकारी मिलने के बाद ब्रजलाल अपनी पत्नी सुखमती व बेटे सचिन (14) के साथ झाड़फूंक कराने आया था.

झाड़फूंक के दौरान कथित देवी पार्वती बाई (20) ने ब्रजलाल के गले में त्रिशूल घोंप दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. ब्रजलाल की मौत के बाद वहां मौजूद सात लोगों को भाव आ गए. उन्होंने घर के आंगन में ही मृतक पर मिट्टी तेल डालकर जला दिया.

आग बुझने के बाद आरोपी मृतक के जले हुए शव पर रात भर भजन-कीर्तन कर नाचते रहे. इस दौरान उसकी पत्नी और बच्चे वहां सहमे बैठे रहे. उन्हें अंधविश्वासियों ने भरोसा दिलाया था कि मृतक अभी जीवित हो जाएगा.

घटना की जानकारी लगते ही पुलिस रात में ही घटनास्थल पहुंच गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई करने के पहले ही वहां मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़कर भगा दिया. इसके बाद मंगलवार सुबह पुलिस दल-बल के साथ फिर वहां पहुंची.

घटनास्थल से पुलिस ने त्रिशूल, अधजला शव, पूजापाठ का सामान भी जब्त किया है. पुलिस ने पार्वती बाई के साथ कुसिया बाई, भानवती बाई, मुकेश, गेंद सिंह, दुमारी व सुरतिया बाई पर भी हत्या का मामला दर्ज किया है.



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