नीमच. मनासा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सारेलिया-फाफलिया में प्रवाहित होने वाली ढंढेरी नदी की पुलिस का लगभग दस मीटर हिस्सा तेज बरसात में बह जाने से ग्रामवासियों को आवागमन अवरूद्ध हो गया. और वे जान हथेली पर लेकर इस नदी को बास की बल्ली के सहारे पार करने पर मजबूर हो गये.

तेज बहाव में इस पुलिया के बह जाने से काफी गहरा गड्डा हो गया था तथा पानी का बहाव भी नही रूका ऐसे में अपने जरूरी कार्यों के लिये लोगों ने बांस बल्ली की नसैनी बनाकर इस नदी को जान खतरे में डाल पार करने का दुस्साहस किया. वैसे अवरूद्ध हुए सामान्य आवागमन ने विद्यार्थियों, दूध वालों को कुकड़ेश्वर नही पहुंचने दिया. इस पुलिया के तेज बहाव में बह जाने की सूचना पर मौके पर पहुंचे पत्रकारों के समक्ष ग्रामवासियों ने शिकायती लहजे में प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को कोसते हुए आक्रोश जताया. ग्रामवासियों सत्यनारायण रावत, भोपालसिंह, करजूसिंह, गोपालदास आदि का कहना था कि वह पुलिया 5 वर्षों से इसी तरह बरसात में क्षतिग्रस्त होकर ग्रामवासियों के आवागमन में खासी परेशानी खड़ी करती है. जिसकी शिकायत प्रतिवर्ष जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से की जाकर इसके स्थाई समाधान की गुहार की गई परन्तु आज तक किसी ने ग्रामीणों की इस जानलेवा समस्या पर ध्यान नही दिया. फलस्वरूप इस बरसात में फिर से तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हुई इस पुलिया के दंश से ग्रामीणों को रूबरू होकर आवागमन सुविधा का खामियाजा भुगतना पड़ा है. ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि वे इस क्षतिग्रस्त पुलिया के गुणवत्ता पूर्ण निर्माण से ग्रामवासियों की समस्या समाधान तत्काल करें.

क्षैत्रिय विधायक कैलाश चावला ने बताया कि पुलिया के बह जाने की सूचना प्राप्त होते ही मैने प्रधामंत्री सडक़ योजना के इंजिनियर व अधिकारी को तत्काल इस क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत के निर्देश देकर भेज दिया था जिन्होने मौका मुआयना कर लिया है और वे पुलिया की शीघ्र मरम्मत कर देगें.

जिला पंचायत कार्यपालन अधिकारी व्ही.एस.रण्दा ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ निर्माण योजना के प्रबंधक श्री जोशी को तत्काल क्षतिग्रस्त पुलिया के निर्माण हेतु निर्देशित कर दिया गया है. इसके अलावा ग्रामीणों के आवागमन की अस्थाई व्यवस्था बांस बल्लियों के सहारे की जाकर लोगों को ज्यादा तेज बहाव व पानी होने की दशा में नदी पार नही करने की हिदायत भी दी जा रही है.



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