पल पल इंडिया ब्यूरो. बुरहानपुर. जिले के नेपानगर  शालाओं के नयें शैक्षणिक सत्रलगभीग एक पखवाड़े पूर्व प्रारंभी हो चुके है नयेंशैक्षणिक सत्र को प्रवेश सरकार द्वारा प्रवेशोंत्सवका नाम दिया गया तैयारियों में लाखों रूपयों कोखर्च भी किया गया किन्तु शालाओं की स्थिति एकपखवाड़ा बीत जाने के बाद भी आज-तक जसकी तस की बनी हुई हैं. आज भी कई शालायें ऐसीहै जहॉ कई अनियमितताए देखी जा सकती हैं.प्रवेशोत्सव से पूर्व जिला कलेटर द्वारा समीक्षाबैठक लेकर दिशा निर्देश दियें गयें थे कि शालाओंके प्रारंभी होने से पूर्व अधूरे शाला भीवनों केनिर्माण कार्य पूर्ण कियें जायें, जिन शाला भीवनों मेंमरमत की आवश्यकताए है उन शाला भीवनों मेंकार्य कियें जायें, शाला भीवनों में साफ सफाई,पुताई, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था तथाशिक्षकों की पदस्थापना सुनिश्चित की जायें.किन्तु नेपानगर तहसील के अन्तर्गत ऐसी कईशालाएँ है जिनमें जिला कलेटर द्वारा दियें गयेंदिशा निर्देशों को पूर्ण करना जरूरी नहीं समझागया. कई शालाओं में आज भी स्थिति कॉफीदयनीय है. न ही विद्यार्थीयों को बैठने हेतु समुचितव्यवस्था की जा रही है. न ही पेयजल व्यवस्थाऔर न ही इन व्यवस्थाओं को अमलीजामा पहनानेवाले शिक्षक उपस्थित है. व्यवस्थाओं के नाम परलापरवाही तथा अनियमितताएॅ प्रकाश में आ रहीहै. कई शालाएॅ ऐसी है जहॉ आज भी शाला भीवनअपूर्ण अवस्था में है जिसके कारण अध्ययन हेतुआने वाले विद्यार्थीयों को एक ही कक्ष में जानवरोंकी तरह ठुंस-ठुंस कर बैठकर पढऩे के लियेंमजबूर होना पड़ रहा है. लेकिन जिमेदारअधिकारी इन व्यवस्थाओं को दूरूस्त करने की बजाए कागजों पर ही प्रवेशोत्सव मना कर शासकीय राशि पर हाथ साफ  करने में लगे हुयें है.

विद्यार्थियों को जानवरों कीतरह बैठना पड़ रहा कक्ष में नेपानगर से महज सात किलो मीटर दूर परस्थित ग्राम डवाली की प्राथमिक शाला में शासनकी योजनाओं को हवा होते हुयें देखा गया ग्रामडवाली की प्राथमिक शाला में कुल 330 विद्यार्थीदर्ज है. यहा 8 शिक्षकों द्वारा महज 3 कक्षों में बैठाकर इन विद्यार्थीयों को पढाया जाता हैं. जब इस शाला में पहुंचकर देखा गया तो इन 8 शिक्षाकों में से 4 शिक्षक बिनाअनुमति के अनुपस्थित पायें गये. एक शिक्षिकाशमीम बानों द्वारा छुट्टी के लियें आवेदन तो दियागया किन्तु उस आवेदन पर न ही तारीख अंकितकी गई थी और न ही उनका पदनाम लिखा गयाथा. उपस्थित शिक्षकों ने बताया की शाला कीदर्ज सं या 330 है एवं विद्यार्थीयों को बैठानें केलियें महज 3 ही कक्ष दियें गयें है. लगभीग 8 वर्षसे शाला का अतिरिक्ष कक्ष निर्माणाधीन है जोआज भी अपूर्ण अवस्था में ही जिसकें कारणबच्चों को बैठानें कई परेशानिया आ रही है.  



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