पल पल इंडिया ब्यूरो. बुरहानपुर. स्वतंत्र भारत की बिना चुनी हुई संयुक्त सरकार में पं.श्यामाप्रसाद मुखर्जी उद्योग मंत्री के रूप में चुने गए थे. जिस सरकार के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे. आजादी के पश्चात कई रियासतें ऐसी थी जिनका देश में स्वतंत्रता के पश्चात भी विलय नहीं हो सका था. जिनमें जूनागढ, हैदराबाद और जम्मू-कश्मिर रियासतें प्रमुखता से भारत में विलय करने के पक्ष में नहीं थे. गृहमंत्री सरदार वल्लभी भाई पटेल एवं जवाहरलाल नेहरू को इन रियासतों का देश में विलय करने की जवाबदारी सौंपी गई थी. सरदार वल्लभीभाई पटेल द्वारा इन रियासतों के विलय हेतु मना करने के पश्चात भी अपने दबाव से जूनागढ़ रियासत को विलय किया. उपरोक्त विचार पूर्व महापौर अतुल पटेल द्वारा संजय नगर स्थित सांसद कार्यालय में पं.श्यामाप्रसाद मुखर्जी के जीवन पर भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम में व्यक्त किए. इसके पूर्व भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष मनोज लधवे ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते कहा कि पूर्व महापौर अतुलजी द्वारा पं. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के संबंध में कही गई बातों को हमनें सदा हमारे जीवन में अंगीकार करते हुए पार्टी के लिए अपना त्याग एवं बलिदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए. इसके पूर्व पं.श्यामाप्रसाद मुखजी के चित्र पर सुजयसिंह चौहान, हर्षवर्धन सिंह चौहान एवं मनोज लधवे द्वारा माल्यार्पण किया गया. इस अवसर पर हर्षवधर्न सिंह चौहान, सुजयसिंह चौहान, राजु पाटिल, विनोद पाटिल, विजय उमाले, दिनेश चौधरी, संकेत चौहान, मनोज पाटिल, प्रदीप पाटिल (पिंप्री), विक्रम चंदेल, गगन कुलकर्णी, नरेन्द्र शिंदे आदि के साथ युवा मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित थे.



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