पल पल इंडिया ब्यूरो, बुरहानपुर. राज्य सरकार ने व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) कोमेडिकल, इंजीनियरिंग आदि उच्चव्यावसायिक पाठक्रमों में प्रवेश और राज्यसेवा के विभिन्न पदों पर भर्ती के लियेपरीक्षाएं लेने का दायित्व सौंपा है. भाजपा शासन काल में व्यापम अपने इन मूलदायित्वों को भुलाकर भ्रष्टाचार में आकंठ डूब गया है. हालत यह है कि पिछले कुछ वर्षो में उसके द्वारा जो भी परिक्षाएं आयोजित की गई है. प्राय: सब में करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ है. अब तो व्यापम देश की पहली संस्था बन गई है. जिसने करोड़ों रुपए की रिश्वत लेकर अपात्रों के पद बेचे है और पात्रों को योग्यता तथा पात्रता होते हुए  भी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों मेंं प्रवेश एवं नौकरियों में भर्ती से वंचित किया है. व्यापम ने इन प्रतिभा शाली युवाओं के भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है.

यह बात कांग्रेस जिला अध्यक्ष अजयसिंह रघुवंशी ने जयस्तंभ पर कांग्रेस द्वारा आहुत धरना प्रदर्शनके दौरान कही. उन्होने कहा कि व्यापम के महाघोटाले ने प्रभावित युवाओं के करीब एक करोड़ परिजनोंकी आशाओं पर भी पानी फेर दिया गया है. मुयमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने पिछले विधानसभा सत्र में स्वयं स्वीकार किया है किव्यापम के  माध्यम से 1000 फर्जी नियुतियांहुई है. इससे स्पष्ट है कि व्यापम के भीतर परीक्षाओं और भर्ती को लेकर भारी भ्रष्टाचार हुआ है. इन दिनों एसटीएफ की जांच प्रक्रियाके जरिये इस घोटाले के चौकाने वाले तथ्यसामने आ रहेे है. अनुमान है कि प्रवेश परीक्षाओंं और पदो पर भर्ती मेंं 2000 करोड़ रुपए का भारी भ्रष्टाचार हुआ है. इसका दुष्परिणाम यह हैकि योग्य और पात्र तो प्रवेश/नियुति सेवंचित रह गये है और रिश्वत के बल परअपात्र चुन लिये गये है. कांग्रेस इस बड़े मुद्दे को पिछले दिनां से लगातार उठा रही है. उसने उसकी सीबीआई से जांच की मांगको लेकर प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन कियेहै. लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक सीबीआई से जांच हेतु सिफारिश नहीं की है.

व्यापंम के जरिए राज्य में संविदाशिक्षक वर्ग-1 और 2 आरक्षक भर्ती, पीएमटीप्रीपीजी, एमपीपीएससी,आबकारी आरक्षक परीक्षा, कनिष्ठआपूर्ति अधिकारी भर्ती, फोरेेस्ट गार्ड सहित विभिन्न परीक्षाओं में कथिततौर पर बड़ी धनराशि लेकर अपात्रलोगो को नौकरिया दिलवाई गई, इसी के चलते अभी हाल ही में पूर्व मंत्रील क्ष्मीकांत शर्मा को एसटीएफ द्वारा गिर तारकर लिया गया है. इससे साफ स्पष्ट हो गया है कि इस घोटाले में प्रदेश के मुख्यमंत्री भी पूरी तरह संलिप्त है. साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा मांकी गई कि मुयमंत्री शिवराजसिंह चौहानसे तुरंत इस्तीफा लिया जाये, व्यापममहाघोटाले की सीबीआई जांच कराई जाये, क्योंकि राज्य स्तरीय जांच एजेंसी द्वारा की जा रही जांच जन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं हो रही है. इस महाघोटाले को पूरी तरहदबाया जा रहा है,इस महाघोटाले में संलिप्त मंत्रियों, राज्य शासन के अधिकारियों, उद्योगपतियों एवं भाजपा से संबंधित अन्यलोगों को तुरंत गिर तार किया जाए. इसमहाघोटाले के कारण प्रभावित हुए विद्यार्थियों और बेरोजगार युवाओं को राज्यसरकार द्वारा अविलंब समुचित मुआवजादिया जाए. उत ज्ञापन सौपते समय जिलाकांग्रेस अध्यक्ष अजयसिंह रघुवंशी, किशोर महाजन, हमीद काजी, रविन्द्र महाजन, उबेद शेख, अमर यादव, इस्माईल अंसारी, दगडू चौकसे, दिनेश शर्मा,लखनलाल साहू,रशीद भाई फुलवाले, नवनीत कीर, राजेश भगत, किशोर कामठे सहित कई कांग्रेसज न उपस्थित रहे.



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