पल पल इंडिया ब्यूरो, बुरहानपुर. जो शख्स शराब, तंबाकू और ड्रग्स लेता है उस पर जरा भी भरोसा नहीं कर सकते. यजीद भी शराब का सेवन करता था. इसलिए इमाम ने उसे खलीफा मानने से इनकार कर दिया. जो नशा करते हैं वह यजीद के अनुयायी हैं. नशा करने से व्यक्ति खुद बर्बाद होता है. साथ ही परिवार को भी बिखेर देता है. जो कोई भी नशा करता है वह सैयदी हकीमुद्दीन साहब का नाम लेकर इसे छोड़ दे. दरगाह-ए-हकीमी स्थित न्यू मस्जिद में मंगलवार सुबह हुई वाअज में सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन मौला साहब ने यह बात कही. उन्होंने कहा मोहब्बत की अमानत अदा करो. वतन की मोहब्बत इमान का हिस्सा है. जिस देश में रहो वफादार रहो. जनहित के कामों में सहयोग करों. मौला साहब ने कहा बच्चों को शिक्षा देना बहुत जरूरी हो गया है. वाअज सुबह ९.३० से ११ बजे तक चली.तीसरे दिन भी हुआ सामूहिक निकाहअंजुमन जक्वी कमेटी और एडवाइजर बोर्ड प्रवक्ता तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने बताया मौला साहब ने मंगलवार सुबह सैयदी हकीमुद्दीन साहब, सैयदना जकीउद्दीन साहब और जीवनजी साहब की दरगाह पहुंचकर जियारत की. सुबह ९.३० बजे से मौला की वाअज शुरू हुई. कुछ अनुयायियों ने मस्जिद तो कुछ ने दरगाह परिसर में एलसीडी स्क्रीन पर भी वाअज सुनी. तीसरे दिन भी मौला ने सामूहिक निकाह पढ़ाया. मौला का दीदार पाने तीसरे दिन १० हजार से अधिक अनुयायी दरगाह-ए-हकीमी पहुंचे. दरगाह-ए-हकीमी परिसर में समाजजन ने सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफउद्दीन मौला साहब के दीदार किए.



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