पलपल इंडिया ब्यूरो नीमच। संगिनी फ ोरम जैन सोश्यल गु्रप, नीमच द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय ध्यान साधना शिविर का सादगीपूर्ण समापन कार्यक्रम तीन दिनों तक श्रमण संघीय श्रावक समिति, नई दिल्ली के प्रशिक्षक महेन्द्र जी जैन एवं सतीष जैन ने जैन तत्वों की व्याख्या करते हुए सामान्य जीवन में एक श्रावक द्वारा कैसे समकित का पालन किया जा सकता है, इसका विवरण विविध दृष्टांतों द्वारा दिया गया. दस मिनट के ध्यान से आरंभ कर, बीस मिनट, तीस मिनट और अड़तालिस मिनट के ध्यान की कई प्रक्रियाएं करवाई गई. साथ ही योग निद्रा की प्रक्रिया के द्वारा भी परम आनंद की प्राप्ति का मार्ग प्रशिक्षकों द्वारा बताया गया. आहार संज्ञा, भय संज्ञा, मैथुन संज्ञा और परिग्रह संज्ञा को नियंत्रित करने का सिद्धान्त बहुत ही सरल तरीके से प्रशिक्षकों ने समझाया. मौन एवं स्वभाव में रमण को एक साधक के लिये आवष्यक बताते हुए ध्यान के समय जागृत किन्तु विचार शून्य, भावषून्य, अवस्था के प्रयोग करवाए गए. इस शिविर में लगभग 50 साधकों ने भाग लेकर विभिन्न प्रश्नोत्तर समय में विविध शंकाओं और प्रश्नों का उत्तर प्रशिक्षकों द्वारा बहुत ही श्रेष्ठ रीति से दिया गया. सभी शिविरार्थियों ने इस शिविर की भूरि-भूरि प्रशंसा की.



Comments-
0