नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने राज्यों के अपने अधिकारियों को शुक्रवार को निर्देश दिया कि यदि योग शिविर जैसे गैर राजनीतिक आयोजन का किसी खास पार्टी के लिए चुनाव प्रचार में इस्तेमाल किए जाने की आशंका हो, तो इसकी इजाजत नहीं दी जाए.

आयोग का यह ताजा दिशानिर्देश राजनीतिक पार्टियों की उन शिकायतों के मद्देनजर आई है जिनके तहत कहा गया था कि योग गुरू रामदेव अपने कार्यक्रमों का इस्तेमाल भाजपा के लिए प्रचार करने में कर रहे हैं.

आयोग ने कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि कुछ स्थानों पर गैर राजनीतिक संगठनों ने योग शिविर जैसे कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत मांगी गई लेकिन ऐसे मंचों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए किया गया जो उन शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है जिनके आधार पर इजाजत दी गई थी. आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को ऐसे शिविरों के आयोजन की इजाजत देने से पहले आयोजकों का अतीत खंगालने को कहा.

चुनाव आयोग ने कहा कि यदि ऐसे दुरुपयोग की आशंका हो अथवा आयोजक ने या इसमें भाग लेने वाले लोगों ने ऐसी किसी इजाजत का दुरुपयोग किया हो तो इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. गौरतलब है कि कांग्रेस उम्मीदवार ने आयोग का रूख कर शिकायत की थी कि रामदेव और श्रीश्री रविशंकर के शिविर का इस्तेमाल भाजपा तथा मोदी का समर्थन करने के लिए किया जा रहा है. इसलिए चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने तक इस पर प्रतिबंध होना चाहिए.

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