नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के लिए दांव चलते हुए कांग्रेस ने सभी को पेंशन, घर और दवा का अधिकार देने का वादा किया है. घोषणा पत्र जारी करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में कई तरह के विकास मॉडल है, इसमें गुजरात मॉडल भी एक है. लेकिन कांग्रेस समावेशी विकास को प्राथमिकता देती है. उम्मीद के खिलाफ पार्टी ने प्राइवेट सेक्टर में एससीएसटी आरक्षण पर कोई ऐलान नहीं किया. माना जा रहा है कि कॉर्पोरेट घरानों की नाराजगी के डॉ और पार्टी में ही एक राय न बन पाने के कारण इस वादे को हटा दिया गया.

पार्टी ने अधिकारों की राजनीति की वकालत करते हुए राइट टू हेल्थ, राइट टू होम और राइट टू पेंशन का वादा किया है. घोषणा पत्र में कहा गया है कि 20 साल तक एक ही घर में किराए पर रहने पर मालिकाना हक मिलेगा.

कांग्रेस ने घोषणा पत्र जारी करने से पहले इसे बनाने की प्रक्रिया का एक वीडियो दिखाया. जिसमें पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा अलग-अलग राज्यों में मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से की गई चर्चा के अंशों को दिखाया गया. घोषणा पत्र बनाने के लिए राहुल गांधी ने 5 महीनों में 27 जगहों पर चर्चा की.

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने कहा था कि पार्टी इस बार घोषणा पत्र का निर्माण जनता से राय लेकर करेगी. घोषणा पत्र जारी करने के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रक्षा मंत्री एके एंटनी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे.

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