पलपल इंडिया ब्यूरो, ग्वालियर. नया कानून बनजाने पर महिलाओं द्वारा घटना के 16 साल बाद बलात्कार का मामला रिश्ते के मौसा के खिलाफ दर्ज कराने का प्रकरण सामने आया है. एसएएफ की 2वीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक रूपसिंह कुशवाह ने अपनी पत्नी की बीमारी का फायदा उठाते हुए, उसकी नाबालिग भतीजी के साथ 1997 में कम्पू स्थित एक शासकीय आवास में दुष्कर्म किया. बारदात के बाद इतना धमकाया कि पीड़ित को पुलिस तक पहुंचने में 16 साल लग गए.

युवती ने पुलिस को बताया कि आरक्षक रिश्ते में उसका मौसा है 1997 में जब मैं 15 साल की थी तो मौसी बीमार हुई थी तब रूप सिंह उसे पत्नी की देखभाल के लिए ले आया था, इस दौरान उसने कई बार नाबालिग भतीजी से बलात्कार किया. धमकी के कारण और बदनामी के डर से चुप रही, शादी होने के बाद भी मौसा की आदत नही सुधरी इस कारण युवती के पति ने कुछ दिन पहले उसे घर से निकाल दिया. युवती ने उरई से अपने मामा के साथ आकर एसपी संतोष कुमार सिंह से शिकायत की महिला थाना पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कर दूसरी बटालियन में पदस्थ ड्रायवर आरोपी रूप सिंह कुशवाह की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं.