बबिता नामदेव, पलपल इंडिया संवाददाता, जबलपुर. चुनाव आते ही नेता अपने सफ़ेद कुर्तों की चमक और निखारते हुए हर गली के घर-घर जाकर अपने लुभावने वादों का पिटारा खोल रहे हैं. सभी जगह बस यही सुनने आ रहा है कि अम्मा हमें ही वोट देना, दादा हमने ही जिताना और फिर देखना आपकी जो भी समस्या है वो सारी समस्याएं दूर हो जायेंगी. आपको दोनों समय पानी मिलेगा, सड़कें इतनी शानदार होगी कि बारिश के समय भी इसमें चलने में कोई दिक्कत नहीं होगी. बारिश के समय आपके घरों में पानी नहीं भरेगा. बिजली की कोई समस्या नहीं आयेगी. आप मेरे परिवार की तरह है आपकी समस्या मेरी समस्या है. आपको कभी कोई दिक्कत नहीं होने दूंगा. बगैरह...बगैरह... विधानसभा चुनाव-2013 में पूर्व विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के प्रत्याशी लखन घनघोरिया और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अंचल सोनकर के बीच कांटे की टक्कर है और दोनों ही सुबह से देर रात तक लोगों के घर-घर जाकर जनसंपर्क में जुटे हुए हैं. लेकिन आपको बता दें कि सिर्फ वादों से अब कुछ नहीं होने वाला है क्योंकि ये पब्लिक है ये सब जानती है...

ये अब पहले की भोली भाली जनता नहीं रह गयी है. इसे सब समझ आ रहा है कि आखिर चुनाव होने हैं तो ये सब तो होना ही है. जनता आपके लुभावाने वादे नहीं आपके द्वारा किये गए कामों को ध्यान में रखते हुए वोट करेगी. वह आपके आज के बर्ताव को देखते हुए नहीं वह आपके तब के बर्ताव को ध्यान में रखेगी जब वाकह आपके पास अपनी कोई समस्या लेकर पहुंचे थे तब आपका व्यवहार कैसा था और आपने उस समस्या का निराकरण कराया या नहीं.

जनता के बीच हमारी पैठ कायम: लखन

कांग्रेस के प्रत्याशी लखन घनघोरिया का कहाना है कि पिछले पांच सालों में पूर्व विधानसभा क्षेत्र में जनता को सुशासन मिला है. आम आदमी का कद बढ़ा है और यही वजह है कि जनता के बीच हमारी पैठ बरकरार है. इस बार भी हमारी जीत निश्चित है. जनता मेरे काम के आधार पर एक बार फिर मुझे जिताएगी और वापस मुझे लेकर आयेगी.

क्षेत्र में बदलाव की बयार: अंचल

वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अंचल सोनकर का कहना है कि पिछले पांच साल जनता ने दुःख भोगा है. लेकिन जनता को अब समझ आ गया है कि परिवर्तन होना चाहिए और जनता ने सत्ता के बदलाव के लिए पूरा-पूरा मन बना लिया है. अब जनता फैसला सुनाएगी. क्षेत्र में बदलाव की बयार बह रही है.

क्या कहती है जनता...

क्षेत्र में गंदगी का अंबार

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी व्याप्त है. सडकों के किनारे कचरे का अंबार लगा रहता है. फूटाताल में रहने वाले अजहर अली ने बताया कि क्षेत्र में बेहद गंदगी मची रहती है. जहां चाहे वहां गंदगी फली रहती. सडकों के किनारे तो कचरे का ढेर ही लगा रहता है. लोगों का यहां स गुजरना मुश्किल होता है. नगर निगम वाले कभी कभार शक्ल दिखाने आ जाते हैं. वहीं जब विधायक से कहो तो सुनते नहीं है. उन्हें हम ग़रीबों की समस्या से तो कोई मतलब ही नहीं होता है. उनका होना या न होना सब बराबर है.

बजबजा रहीं हैं नालियां, पानी निकासी ठप

खेरमाई मंदिर के पीछे रहने वाले मनोज पटेल ने बताया कि क्षेत्र की कई नालियों की सफाई न होने के कारण वे बजबजा रहीं हैं. नाली से पानी की निकासी नहीं हो रही है. गंदा पानी सड़क पर और घरों के सामने आ जाता है. नालियों का गंदा पानी सडकों में बहाने के कारण बीमारियाँ भी फैलती हैं. कई जगह तो नालियां खुली हुई हैं. लेकिन हमारी समस्या सुनाने वाला कोई नहीं है. सिर्फ चुनाव के समय वाडे करने सभी चले आते हैं.

चुनाव आते ही दूर हुई बिजली-पानी की समस्या

क्षेत्र के अनवर शेख का कहना है कि पहले क्षेत्र में कभी एक टाइम पानी आता था तो कभी दोनों दोनों टाइम नहीं आता था. आये दिन बिजली गुल रहती थी लेकिन जब से चुनाव का दौर शुरू हुआ है तब से दोनों टाइम पानी आ रहा है और बिजली भी गुल नहीं होती है.

एक बात तो साफ़ है कि जनता सब जानती है. आज कि जनता अब पहले कि भोलीभाली जनता नहीं रह गयी है. यह नेताओं को लुभावने वादों में नहीं आने वाली है. अब सब कुछ जनता के हाथ में है कि वह किसे अपना जनप्रतिनिधि चुनती है.