दिल्ली. भाजपा अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की ग्लोबल लेवल पर छवि सुधारने में लगी हुई है. गुजरात दंगों में उन पर मानव अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगा था. उसके बाद से कई देशों द्वारा मोदी की निंदा की थी. अब मोदी की रविवार को दिल्ली में होने रैली में भाजपा ने करीब 50 देशों के दूतावास में न्यौता भेजा है ताकि वहां से राजनयिक इस रैली में शामिल हो सकें. अमरीका द्वारा वीजा से मनाही और ब्रिटने द्वारा लगाई गई रोक के बावजूद मोदी की इस रैली में दोनों देशों के राजनयिकों को न्यौता भेजा गया है. इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा मोदी की छवि को ग्लोबल लेवल पर सुधारना चाहती है.

वीजा से मनाही के बावजूद न्यौता

अमरीका द्वारा मोदी को वीजा से मना करने के बावजूद भी भाजपा ने यूएस राजनयिक को इस रैली में शामिल होने का न्यौता दिया है. इससे साफ नजर आता है कि मोदी की ग्लोबल लेवल पर छवि सुधारने के लिए ऎसा किया जा रहा है. गौरतलब है कि अमरीका ने मोदी पर गुजरात दंगों में मानव अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उन्हें डिप्लोमेटिक वीजा देने से मना कर दिया था. साथ ही उनके टूरिस्ट और बिजनेस वीजा को भी रद्द कर दिया गया था. 14 सितंबर को भाजपा द्वारा मोदी के नाम की प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में घोषणा के बाद यूएस ने कहा था कि उनकी वीजा प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वहीं ब्रिटेन ने भी एक साल पहले मोदी पर एक दशक तक लगी रोक को हटाया था.

यूएस और यूके दूतावास का इनकार

मोदी की रैली में शामिल होने के लिए यूएस और यूके दूतावास ने इंकार कर दिया. यूएस दूतावास ने कहा है कि उनकी राजदूत नेंसी पावेल अभी वाशिंगटन में हैं और वो रैली में शरीक नहीं हो पाएंगी. वहीं ब्रिटिश दूतावास ने कहा है कि उनके हाई कमीश्नर जेम्स बेवन भी विदेशी दौरे पर हैं इसलिए वो भी रैली में शिरकत नहीं कर पाएंगें.

तीन दर्जन ने भरी हामी

भाजपा प्रवासी प्रकोष्ठ के प्रभारी विजय जोली ने बताया कि 50 दूतावासों को भेजे गए आमंत्रण में से 36 दूतावासों ने रैली में शामिल होने की हांमी भरी है. साथ ही बताया कि भाजपा दूतावासों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से खुश है.

पाक दूतावास को नहीं भेजा न्यौता

भाजपा ने रैली के लिए कई यूरोपिय देशों, अफ्रीकन देशों और अन्य पड़ोसी देशों की दूतावास को न्यौता भेजा है लेकिन भाजपा का कहना है कि उसने पाकिस्तान दूतावास को इसका न्यौता नहीं भेजा. हालांकि भाजपा ने दूतावास को न्यौता ना भेजने की वजह नहीं बताई.

मुसलमानों से की रैली में आने की अपील

पीएम उम्मीदवार बनने के बाद मोदी दिल्ली में पहली बार रैली करने जा रहे हैं. इस रैली के माध्यम से भाजपा पूरी कोशिश मोदी की अच्छी छवि बनाने में लगी हुई है. विदेशी दूतावासों को न्यौते के साथ ही भाजपा ने दिल्ली और आसपास के इलाकों की मस्जिदों में मोदी की तारिफ के पर्चें बांटे गए हैं. पर्चों में पूछा गया है कि मोदी से इतनी नफरत क्यों? कहा गया है कि दंगें तो कई राज्यों में हुए हैं वहां भी लोगों की मौत हुई है. लेकिन इतनी नफरत मोदी से ही क्यों ? साथ ही मोदी की तारिफ करते हुए लिखा है कि मोदी ने गुजरात में पुलिस विभाग में सबसे ज्यादा मुसलनमानों को भर्ती किया है.

कैसे हो रही है रैली की तैयारी?

दिल्ली में मोदी की रैली को लेकर तेजी से तैयारी जारी है. हजारों भाजपा कार्यकर्ता रैली में मोदी की स्टैज को फाइनल टच देने में जुटे हुए हैं. स्टेज के पास ही एक वैनिटी वैन भी होगी जहां पर भाजपा के सीनियर नेता आराम कर सकेंगे. एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी का ऑफिस स्टेज के पीछे बनाया गया है जहां पर वह रैली में होनी वाली हर एक गतिविधियों को नियंत्रित कर सके. भाजपा के सीनियर नेता, वीआईपी और मीडिया कर्मियों के सम्मानित करने की 20 युवाओं की एक टीम बनाई गई है जो कि फॉरमल ड्रेस पहनकर आएंगे. उनके रविवार को सुबह 10 बजे आने को कहा गया है कि उन्हें पास दिया जाएगा और उन्हें लोगों को सम्मानित करने, वीवीआईपी पारि्कंग को मैनेज करना और स्टेज मैनेजमेंट की जिम्मेदारियां दी गई हैं.